काले कोट की आड़ में चला रहा था लुटेरों का गैंग, पूर्वांचल में बनाना चाहता था दबदबा
Azamgarh News in Hindi

काले कोट की आड़ में चला रहा था लुटेरों का गैंग, पूर्वांचल में बनाना चाहता था दबदबा
पुलिस वकील सहित अन्य फरार चार बदमाशों की तलाश कर रही है.

एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह (SP Professor Triveni Singh) ने बताया की देवगांव कोतवाली के करियागोपालपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद यादव पेशे से अधिवक्ता है. वह जिला मुख्यालय पर रहता है. उसका प्रमुख काम बैंक में घूमकर यह देखना है कि कौन ज्यादा रुपये निकालता है. इसके बाद अपने गुर्गों के जरिए लूट की घटना को अंजाम दिलवाता है.

  • Share this:
आजमगढ़. उत्‍तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले (Azamgarh District)के देवगांव कोतवाली क्षेत्र (Devgaon Kotwali Area) के चकमुजनी गांव निवासी अच्छेलाल चौहान से 28 मई की शाम हुई दो लाख रुपये की लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए लूट में शामिल दो बदमशों को गिरफ्तार कर लिया है. बदमशों से हुई पूछताछ के दौरान एक वकील का चेहरा भी बेनकाब हो गया, जो काले कोट की आड़ में काफी दिनों से लूटेरों का गैंग चला रहा था. वकील की करतूत पर आज तक किसी को शक नहीं हुआ जिसके वजह से वो आसानी से घटनाओं को अंजाम दिलवा रहा था. फिलहाल पुलिस ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद वकील राजेंद्र प्रसाद यादव (Advocate Rajendra Prasad Yadav)सहित अन्य की भी तलाश में जुटी हुई है. यही नहीं, गिरफ्तार बदमशों के पास लूट के 25 हजार नगदी और असलहा आदि बरामद हुआ.

पुलिस अधीक्षक ने कही ये बात
पुलिस अधीक्षक प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गिरफ्तार बदमाशों में संजय यादव (जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के मुर्तजापुर गांव) और दूसरा महेश यादव (जौनपुर जिले के गौराबादशाहपुर थाने के देवाकलपुर गांव) का निवासी है. एसपी ने बताया की देवगांव कोतवाली के करियागोपालपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद यादव पेशे से अधिवक्ता है. वह जिला मुख्यालय पर रहता है. उसका प्रमुख काम बैंक में घूमकर यह देखता है कि कौन ज्यादा रुपये निकालता है. इसके बाद गुर्गों के जरिए लूट की घटना को अंजाम दिलवाता है. अब तक कई घटनाओं को अंजाम दिलवा चुका है. साल 2009 को सिधारी मुहल्ले में एनकाउंटर में ढेर हुए जौनपुर के बदमाश जेपी यादव, रामधनी यादव सहित अन्य को संरक्षण देकर अपराध कराता था. इनके मारे जाने के बाद अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद यादव ने जौनपुर के गौराबादशाहपुर थाने के अमरा अराजी देवली निवासी राजेश यादव, केराकत कोतवाली के बम्बावनपुर गांव निवासी सुभाष यादव, देवगांव कस्बा निवासी आफताब अहमद उर्फ राहुल, गिरफ्तार संजय यादव और महेश यादव का गैंग खड़ा कर दिया. एसपी ने बताया कि इसी वकील के इशारे पर साल 2014 में यूबीआई के शाखा प्रबंधक को बरदह थाने के दुलारगंज बाजार से पहले गोली मारकर पांच लाख रुपये लूट चुका है. राजनीतिक संरक्षण और दबाव के चलते संजय यादव और महेश की गिरफ्तारी नहीं हो सकी और यह दोनों मुंबई भाग गये थे.

एसपी ने बताया कि देवगांव कोतवाली के चकमुजनी गांव निवासी अच्छेलाल 27 मई को बैंक से तेरह लाख रुपये निकालने आया था, उस समय एसबीआई लालगंज में वकील राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद था. बैंक में रुपये न होने की वजह से दूसरे दिन आने को कहा गया. 28 मई को अच्छेलाल बैंक पहुंचा और दो लाख रुपये का फार्म भरकर खाते से निकाले और आटो रिक्शा में बैठकर घर जाने लगा. बदमाश तेरह लाख के चक्कर में उससे दो लाख रुपये लूटकर फायर करते हुए फरार हो गये. घटना का पूरा दृश्य एक बाइक एजेंसी के सीसीटीवी फूटेज में कैद हो गया. घटना के खुलासे के लिए कोतवाल देवगांव विमलेश मौर्य और प्रभारी निरीक्षक सरायमीर अनिल सिंह, क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को लगाया गया था. साक्ष्य सबूत इकट्ठा होने पर पुलिस दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से लूट के 25 हजार रुपये के अलावा प्रतिबंधित पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं. यह दोनों जेल चले गये हैं. जबकि वकील सहित अन्य फरार चार बदमाशों की सरगर्मी से तलाश की जा रही. इसके अलावा गैंग के अन्य सदस्यों के विषय में पता लगाया जा रहा है.
पूर्वांचल में दबदबा चाहता था वकील


एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के मुताबिक देवगांव कोतवाली के करियागोपालपुर गांव निवासी फरार राजेंद्र प्रसाद यादव भले ही पेशे से अधिवक्ता है, लेकिन इसका कृत्य बहुत खराब है. वह ना केवल बदमाशों के मुकदमे की पैरवी करता है बल्कि उनकी जमानत भी कराता था. बदमाशों के रुपयों की देखरेख के बहाने उनका धन भी हड़पकर इस्तेमाल करता था. साल 2008-09 में जौनपुर के इनामी बदमाश जेपी यादव, रामधनी यादव, दिलीप यादव के जरिए घटनाओं को अंजाम दिलवाकर पूर्वांचल में अपना दबदबा बनाना चाहता था, लेकिन 2009 में जेपी, रामधनी सहित अन्य अपराधियों के ढेर हो जाने पर उसकी उम्मीद पर पानी फिर गया. इसके बाद वकील अपनी दूसरी नये लड़कों की अच्छी खासी गैंग खड़ी कर उनसे घटनाओं को अंजाम दिलवा रहा था. एसपी ने बताता कि इस मामले में प्रभारी निरीक्षक देवगांव और सरायमीर की अहम भूमिका रही और उन्‍होंने पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम देने का ऐलान भी किया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading