आजमगढ़: सीमा पर तैनात जवान की ब्रेन हेमरेज से मौत

तरवा थाने के उमरी गांव निवासी शोभनाथ यादव के दो बेटों में छोटे होनहार बेटा 22 वर्षीय जयकिशुन यादव वर्ष 2016 में सेना में आरक्षी पद पर भर्ती हुआ था. वे ड्यूटी से अपने कैंप पर आए थे और अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े. उसे सेना के हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डाॅक्टरों ने ब्रेन हैमरेज से 11 जुलाई को मृत घोषित कर दिया.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 14, 2018, 12:47 PM IST
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Updated: July 14, 2018, 12:47 PM IST
जम्मू कश्मीर सीमा पर तैनात तरवा थाने के उमरी गांव निवासी सेना के जांबाज जवान 22 वर्षीय जयकिशुन यादव की 11 जुलाई को मौत हो गई. जवान का पार्थिव शरीर ताबूत में लेकर सेना के जवान उमरी गांव में पहुंच गया है. शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. दूर-दराज इलाके से लोग जवान के अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं.

तरवा थाने के उमरी गांव निवासी शोभनाथ यादव के दो बेटों में छोटे होनहार बेटा 22 वर्षीय जयकिशुन यादव वर्ष 2016 में सेना में आरक्षी पद पर भर्ती हुआ था. इस समय वे 20वीं कुमाऊं बटालियन बरनोई बार्डर पर जम्मू कश्मीर में तैनात था. पांच जुलाई की रात में वे ड्यूटी से अपने कैंप पर आए थे और अचानक चक्कर आते ही गिर पड़े. उसे सेना के हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डाॅक्टरों ने ब्रेन हैमरेज से 11 जुलाई को मृत घोषित कर दिया.

गुरुवार की रात में तरवा थाने की पुलिस के जरिए परिजनों को बेटे की मौत होने की सूचना मिली. खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. जवान को वाराणसी के हवाई अड्डे से सेना की गाड़ी में पार्थिव शरीर लेकर उमरी गांव पहुंचाया गया. ताबूत में तिरंगे में लिपटा शव देख हर किसी की आंखें छलछला उठीं. परिवार में चीख-पुकार मच गई. वहीं इस घटना के बारे में जिसने भी सुना, वहीं वीर  के अंतिम दर्शन के लिए चल पड़े. सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर दी. परिजन अंतिम शव यात्रा वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हो गई.

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