निरहुआ के रोड शो में उमड़ी भारी भीड़, क्या अखिलेश के लिए मुश्किल होगी आजमगढ़ की लड़ाई?

निरहुआ के सामने अखिलेश यादव जैसे कद्दावर नेता जरूर हैं लेकिन सोमवार को करीब 70 किलोमीटर के रोड शो में लोगों का उत्साह देखकर यहां अच्छे चुनावी मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है.

Chandan Kumar | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 9, 2019, 10:28 AM IST
निरहुआ के रोड शो में उमड़ी भारी भीड़, क्या अखिलेश के लिए मुश्किल होगी आजमगढ़ की लड़ाई?
दिनेश लाल यादव निरहुआ
Chandan Kumar | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 9, 2019, 10:28 AM IST
लोकसभा चुनाव में इस बार आज़मगढ़ सीट पर मुकाबला काफी रोचक दिख रहा है. मुलायम सिंह यादव की इस सीट पर एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी (सपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं बीजेपी ने भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' पर दांव लगाया है. मुस्लिम-यादव बाहुल्य इस सीट पर 2014 में बीजेपी के रमाकांत यादव सपा के मुलायम सिंह यादव से करीब 62 हज़ार वोटों से हारे थे. इस बार निरहुआ के आने से चुनाव में तगड़ा मुकाबला होने की उम्मीद की जा रही है.

जातीय समीकरणों की बात करें तो इस सीट पर



3.5 लाख यादव
3 लाख मुस्लिम

2.5 लाख दलित
1.5 लाख राजपूत
1 लाख ब्राह्मण
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1 लाख राजभर
1 लाख वैश्य वोटर हैं.

कुल करीब 17 लाख मतदाताओं में मुस्लिम-यादव यहां एक बड़ा फैक्टर है. खासकर सपा और बसपा के मिल जाने से दलित वोटरों को भी गठबंधन अपने पक्ष में मान रहा है. लेकिन बीजेपी उम्मीदवार निरहुआ के रोड शो में लोगों का उत्साह देखकर यहां अच्छे चुनावी मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है.

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निरहुआ के सामने अखिलेश यादव जैसे कद्दावर नेता जरूर हैं लेकिन सोमवार को करीब 70 किलोमीटर के रोड शो में निरहुआ ने मंदिर में भी पूजा की और पीर बाबा के मजार पर भी मत्था टेका. मेहनाजपुर से लेकर आज़मगढ़ के बीच शादियाबाद, सैदपुर, सखिया बखिया, खरियानी, सिंहपुर, किशनपुर जहां से भी निरहुआ का काफिला गुजरा, वहां सैंकड़ों लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. खास बात ये भी रही है कि लोग एक बार इलाके के हीरो को देखने भर के लिए भारी संख्या में कड़ी धूप में डटे दिखे.



निरहुआ खुद यादव समुदाय से आते हैं और इलाके के युवाओं में उनको लेकर जो जोश दिख रहा है, उसने अगर सपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी की तो इसका फायदा पूरे पूर्वांचल में बीजेपी को मिल सकता है. हालांकि मेहनगर के पास से जब निरहुआ का काफिला गुजर रहा था तो कुछ लोग सपा का झंडा लेकर खड़े थे, जो एक तरह से विरोध का संकेत था.

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फिलहाल ये निरहुआ का राजनीति में शुरुआती प्रचार है और आज़मगढ़ सीट पर अभी दूसरे दलों के नेताओं का प्रचार शुरू होना बाकी है. देखना होगा तब तक यहां की कहानी में और क्या बदलाव आता है?

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