होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /क्या नाम बदलने से ही निरहुआ बन पाएंगे अखिलेश के खिलाफ चेहरा?

क्या नाम बदलने से ही निरहुआ बन पाएंगे अखिलेश के खिलाफ चेहरा?

दिनेश लाल यादव (File Photo)

दिनेश लाल यादव (File Photo)

बीजेपी ने एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव के खिलाफ भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश यादव उर्फ 'निरहुआ' को मैदान में उतारा है.

    लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ की लड़ाई दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है. यहां लड़ाई यादव बनाम यादव है. बीजेपी ने एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव के विरोध में भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश यादव उर्फ 'निरहुआ' को मैदान में उतारा है. लेकिन आजमगढ़ पहुंचने पर न्यूज़18 की टीम को निरहुआ में बड़ा बदलाव देखने को मिला. अब तक भोजपुरी फिल्म में निरहुआ के नाम की ब्रांड इमेज बनाने वाले निरहुआ को अब बीजेपी कार्यकर्ता निरहु जी के नाम से बुला रहे हैं.

    न्यूज18 ने जब बीजेपी के जिला महामंत्री और निरहुआ के प्रचार की कमान संभाल रहे सतेन्द्र राय ने निरहुआ के निरहु जी बनने पर सवाल किया तो सतेन्द्र राय ने शीर्ष नेतृत्व से इस तरह की किसी आदेश से इनकार किया. लेकिन उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बीजेपी यहां जीत की ओर बढ़ रही है, स्थायीन लोग और बीजेपी कार्यकर्ता अपने भावी सांसद को सम्मान देने के लिए निरहुआ की बजाय निरहु जी कह रहे हैं.

    सतेन्द्र राय का दावा है कि दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ यहां बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में जैसे-जैसे उनकी स्थिति मजबूत हो रही है और लोगों में उनकी स्वीकार्यता बढ़ रही है, स्थानीय लोग उनको सम्मान देने के लिए निरहुआ की बजाय निरहु जी कह कर बुला रहे हैं.

    आजमगढ़ सीट का जातीय समीकरण
    बात करें आजमगढ़ सीट के जातीय समीकरण की तो करीब 18 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर 19 फीसदी यादव, 16 दलित और 14 फीसदी मुस्लमान हैं. यही वो आंकड़ा है जो इस सीट को यादव परिवार के लिए सुरक्षित बनाता है लेकिन जब विपक्ष में यादव उम्मीदवार हो तो सबसे ज्यादा 19 फीसदी यादव मतों में सेंध लगाना मुश्किल नहीं होता. बीजेपी निरहुआ को सम्मान देकर यादव वोटरों को ये संदेश देना चाहती है कि बीजेपी में यादवों का सम्मान एसपी से ज्यादा है.

    बीजेपी ने 2014 के चुनाव में यादव उम्मीदावर उतारकर जीत का अंतर इतना कम कर दिया था कि पार्टी के नेताओं को लग रहा है के किला थोड़ी कोशिश से फतेह किया जा सकता है. बीजेपी इस चुनाव में भोजपुरी सिनेस्टार दिनेश लाल निरहुआ के बहाने यादव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. बीजेपी की नजर इस चुनाव में यादव वोटों में सेंध लगाने के साथ-साथ सवर्ण और यादव छोड़ अन्य ओबीसी मतों पर है. इस सीट पर बीजेपी पीएम सीएम समेत बड़े बड़े प्रचारकों को उतारने की तैयारी में है. साफ है बीजेपी अखिलेश यादव को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती.

    ये भी पढ़ें-

    हमले से पहले जवान का मां को आखिरी कॉल- 'मां मेरी फिक्र मत करो, मैं मजे में हूं'

    गढ़चिरौली नक्सली हमला: कांग्रेस बोली- PM, जुमलेबाजी बंद करो, हमलों को रोको

    बीजेपी की साध्वी प्रज्ञा पर चुनाव आयोग का शिकंजा, लगाया 72 घंटे का प्रतिबंध

    प्रियंका गांधी ने भाई पर जताया भरोसा, कहा- अच्छे पीएम साबित होंगे राहुल गांधी

    इंस्टाग्राम पर शीला दीक्षित की धमाकेदार एंट्री, कुछ ही देर में हो गए इतने फॉलोअर्स

    प्रियंका का इमोशनल कार्ड, कहा- आप अपने हो, तभी यहां आकर आपसे डांट खाती हूं

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

    आपके शहर से (आजमगढ़)

    आजमगढ़
    आजमगढ़

    Tags: Akhilesh yadav, Azamgarh news, Azamgarh S24p69, BJP, Dinesh Lal Yadav, Lok Sabha Election 2019, Samajwadi party, Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2019, Uttar Pradesh Politics

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें