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आजमगढ़: आज भी अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा मुलायम सिंह का गोद लिया गांव तमौली

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 2, 2019, 3:16 PM IST
आजमगढ़: आज भी अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा मुलायम सिंह का गोद लिया गांव तमौली
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का गोद लिया गांव तमौली

मुलायम सिंह के गांव को गोद लेने के बाद ग्रामीणों में विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन विकास कार्य सही तरीके से नहीं हुआ.

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सपा संरक्षक व सांसद मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में शहर का विकास तो दिख रहा है, लेकिन उनके द्वारा गोद लिया गांव तमौली अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. गांव के लोगों की माने तो यह गांव जैसे पहले था वैसे अब भी है. अगर विकास के नाम पर कुछ हुआ है तो शोपीस बने दुग्ध डेयरी और कुछ शौचालय के साथ ही बिजली के दो-चार खम्भे लगे हैं.

मुलायम सिंह द्वारा गांव को गोद लेने के बाद ग्रामीणों में विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने अपने गोद लिए गांव में कुछ ऐसा नहीं किया, जिससे जनता संतुष्ट हो सके.

शहर से 3 किमी दूर आजमगढ़ जिले के तमौली गांव को सांसद मुलायम सिंह यादव ने गोद लिया है. इस गांव की कुल आबादी 3,336 है. इस गांव में 80 प्रतिशत यादव हैं. अन्य में ओबीसी 5 प्रतिशत, इसके अलावा अनुसुचित जाति के 15 प्रतिशत लोग हैं. अगर गांव के विकास की बात करें तो इस गांव में मुलायम सिंह के गोद लेने के बाद 2-4 बिजली के खम्भे लगे हैं. इसके अलावा इस गांव में कोई भी विकास का कार्य नहीं हुआ है. उनके द्वारा गांव को गोद लेने के बाद ग्रामीणों को विकास की काफी उम्मीदें जगी थीं. लोगों को गांव के चौमुखी विकास की उम्‍मीद थी.

तमौली गांव के प्रधान नामवर यादव


ग्राम प्रधान नामवर यादव कहते हैं जब मुलायम सिंह यादव ने तमौली को गोद लिया तो हमें ख़ुशी थी कि विकास होगा. लेकिन, जब तक सपा सरकार थी तो दुग्ध डेयरी चलती थी, पर बीजेपी सरकार आने के बाद सब बंद हो गया. सांसद निधि से विकास पर नामवर कहते हैं कि उससे तो कोई भी काम नहीं हुआ.

ग्रामीण दयाराम की माने तो गांव में सड़कें खस्‍ताहाल हैं. नालियों की जरूरत है, लेकिन नाली भी नहीं बनी है. शिक्षा के लिए यहां के छात्र-छात्राओं को दूसरे गांव जाना पड़ता है. एक दुग्ध डेयरी बना है जो शोपीस बनकर रह गया है.

वहीं, गांव की एक छात्रा निधि यादव का कहना है कि अब तक इस गांव में कोई विकास नहीं हुआ. नाली उसी तरह से पड़ी है, रास्ते टूटे-फूटे हैं, जिससे उन्हें स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है. मुलायम सिंह यादव ने इस गांव को गोद तो ले लिया है, लेकिन इस गांव का कोई विकास नहीं हुआ.इस बार मुलायम आजमगढ़ से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. वह मैनपुरी से गठबंधन के प्रत्याशी हैं. उनकी जगह सपा मुखिया अखिलेश यादव आजमगढ़ से मैदान में होंगे. उम्मीद है अखिलेश यादव अपने पिता के अधूरे काम को जरूर पूरा करेंगे.

(रिपोर्ट: अभिषेक उपाध्याय)

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First published: April 2, 2019, 2:56 PM IST
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