COVID-19 का खौफ: प्राचार्य को देखते ही अस्पताल छोड़कर भागा स्टाफ
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COVID-19 का खौफ: प्राचार्य को देखते ही अस्पताल छोड़कर भागा स्टाफ
प्राचार्य को देखते ही अस्पताल छोड़कर भागा स्टाफ

Coronavirus: जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद के आश्‍वासन के बाद ही मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी काम पर गए.

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आजमगढ़. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर लोगों के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा है. ताजा मामला शनिवार को आजमगढ़ में देखने को मिला. जहां प्राचार्य के मेडिकल कॉलेज में पहुंचते ही अन्य स्टाफ अपना पटल छोड़ बाहर निकल गए. उनका कहना था कि अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में प्राचार्य आए थे. उन्हें 28 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी गई थी, बावजूद वह कॉलेज में आए. इससे दूसरों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है.

बता दें कि राजकीय मेडिकल कालेज एवं सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल में शुक्रवार को तबलीगी मरकज से लौटे तीन लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लोगों में दहशत फैल गई. एहतियात के तौर पर मरीजों का उपचार कर रहे दर्जनभर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी तथा प्राचार्य को क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी गई थी. शनिवार को ऑफिस सैनिटाइज करने के बाद प्राचार्य अपने कार्यालय में पहुंचे. उनके अंदर कार्य करने वाले करीब 25 कर्मचारी अपने-अपने पटल पर उपस्थित नहीं हुए. सभी कर्मचारी प्रशासनिक भवन के सामने पार्क में एकत्रित हो गए और अघोषित रूप से कार्य बहिष्कार कर दिए.

इन कर्मचारियों के मन में प्राचार्य को लेकर कोरोना के प्रति कहीं न कहीं भय व्याप्त है. प्राचार्य ने दो बार कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी अपने पटल पर जाकर काम करें. बावजूद इसके कोई भी कर्मचारी अपने पटल पर उपस्थित नहीं हुआ. इस मामले में जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद ने कर्मचारियों से बात कि और उन्हें समझाया जिसके बाद वह पुनः पटल पर वापस तो चले गए, लेकिन अभी भी उन्हें कोरोना का डर अंदर ही अंदर सता रहा है.



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