आजमगढ़: हत्या और लूट की 6 वारदातों को अंजाम देने निकले थे बदमाश, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार...
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आजमगढ़: हत्या और लूट की 6 वारदातों को अंजाम देने निकले थे बदमाश, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार...
आजमगढ़ में पुलिस ने 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया (फाइल फोटो)

आजमगढ़ (Azamgarh) में बदमाशों की फायरिंग से कप्तानगंज थाने के एसआई रत्नेश दूबे बाल-बाल बच गये, जिसके बाद पुलिस ने भी जबावी कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों अवनीश प्रजापति, दुर्गा यादव, राहुल यादव और आनंद विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो बदमाश मौके से फरार हो गये.

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आजमगढ़. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आजमगढ़ जिले की स्वाट टीम और थाना पुलिस को उस समय एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब, लूट और हत्या की आधा दर्जन वारदातों को अंजाम देने जा रहे बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गयी है. दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग (Round Firing) हुई जिसमें एसआई रत्नेश दूबे बदमाशों की गोली से बाल-बाल बचे. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को दबोच लिया. पूछताछ के बाद बदमाशों ने बताया कि गैंग के सरगना मनीष पाठक ने जेल से वारदात देने का निर्देश दिया था. जिसके बाद वे लोग लूट और हत्या के लिए निकले थे. बदमाशों के पास से पुलिस ने पिस्टल, तमंचा, कारतूस और लूट की बाइक्स बरामद की.

जिले की स्वाट टीम को सूचना मिली कि आधा दर्जन बदमाश लूट और हत्या के फिराक में निकले है, जिसके बाद एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने तत्काल टीम का गठन कर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए रवाना किया.

बाल-बाल बचे एसआई रत्नेश दूबे
तहबरपुर थाना क्षेत्र के बनहरा गांव में स्थित शिवमंदिर के समीप पुलिस टीम ने बदमाशों को घेर लिया. अपने को घिरते देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. बदमाशों की फायरिंग से कप्तानगंज थाने के एसआई रत्नेश दूबे बाल-बाल बच गये, जिसके बाद पुलिस ने भी जबावी कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों अवनीश प्रजापति, दुर्गा यादव, राहुल यादव और आनंद विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो बदमाश मौके से फरार हो गये. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, तमंचा, कारतूस और लूट की दो बाइक्स बरामद की.



पूछताछ में क्या बोले बदमाश


पूछताछ के दौरान बदमाशों ने बताया कि उन्हें आजमगढ़ और जौनपुर जेल में निरुद्ध आकाओं ने घटनाओं को अंजाम देने को कहा गया था, जिसकी फिराक में वे निकले थे. एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों से हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि आजमगढ़ जेल में निरुद्ध मनीष पाठक और जौनपुर जेल में निरुद्ध राजन यादव इनके गैंग लीडर हैं. उन्हीं दोनों बदमाशों की तरफ से इन्हें जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली के बेहड़ा गांव के ग्राम प्रधान संजय सिंह, बरदह थाने के भीरा गांव निवासी मुन्ना सिंह, रिक्की अग्रहरि की हत्या और देवगांव कोतवाली के पल्हना बाजार, जौनपुर जिले के शाहगंज थाने के सरायमोहद्दीनपुर और तरवां थाने के खरिहानी बाजार में स्थित जनसेवाकेंद्र से लूट या डकैती करने को कहा था. उक्त घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में सभी निकले थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते ही इन्हे गिरफ्तार कर बड़ी घटना होने से रोक लिया.

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