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कांग्रेस का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला- आजमगढ़ में लगवाए 'लापता' होने के पोस्‍टर
Azamgarh News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 11, 2020, 10:03 AM IST
कांग्रेस का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला- आजमगढ़ में लगवाए 'लापता' होने के पोस्‍टर
कांग्रेस ने सीएम योगी के बजाए अखिलेश पर निशाना साधा है.

कांग्रेस ने यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का उन्हीं के गढ़ में 'लापता' होने का पोस्टर लगवाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं

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आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में होने हैं, लेकिन आजमगढ़ की सियासत एक बार फिर गरम होती दिख रही है. कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का उन्हीं के गढ़ में 'लापता' होने का पोस्टर लगवाकर अपना इरादा जाहिर कर दिया है. बता दें, कांग्रेस, आजमगढ़ (Azamgarh) में बीजेपी से अधिक सपा को अपना प्रतिद्वंदी मानती है. जबकि यह पोस्टर वार ऐसे समय में हुआ है जब सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर योगी सरकार चौतरफा घिरी हुई है.

प्रियंका गांधी करेंगी दौरा
कांग्रेस ने सरकार को घेरने के बजाय सीधे सांसद अखिलेश यादव को निशाना बनाया है. अब खुद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 12 फरवरी को यहां पहुंच रही हैं और वे सीधे बिलरियागंज जाकर आंदोलनकारियों से मुलाकात करेंगी. इससे जिले की राजनीति में उबाल आना तय है.

बता दें कि बिलरियागंज नगर पंचायत के मौलाना जौहर अली पार्क में हाल ही में महिलाओं और बच्चों को आगे कर सीएए, एनआरसी के विरोध के नाम पर हिंसा भड़काने की कोशिश हुई थी. खुफिया रिपोर्ट जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है. रिपोर्ट की मानें तो जिले को हिंदू-मुस्लिम दंगे की आग में झोंकने की साजिश की गयी थी. इस मामले में पुलिस ने उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी सहित 35 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. जबकि ताहिर मदनी सहित 19 लोगों को जेल भेज दिया गया है. वहीं उलेमा काउंसिल के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नूरूल होदा सहित तीन पर 25-25 हजार का ईनाम घोषित किया है.

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कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने शहर में लगवाए अखिलेश यादव के लापता पोस्‍टर


पुलिस की कार्रवाई से नाराज है विपक्ष
पुलिस की कार्रवाई से पूरा विपक्ष नाराज है और लगातार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहा है, लेकिन आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव अब तक न तो जिले में पहुंचे है और ना ही इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट के जरिये इसे दमन की कार्रवाई जरूर बताया है. घटना के बाद से ही अखिलेश यादव कांग्रेस के निशाने पर हैं. कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ शहर में अखिलेश के लापता होने का पोस्टर लगवाने के साथ ही उन्हें हेलिफॉप्‍टर और ट्वीट वाला नेता भी बता चुका है.बहरहाल, साफ है कि सपा, बसपा और कांग्रेस लगातार खुद को मुसलमानों का सबसे बड़ा हितैषी बताने का प्रयास कर रही हैं. विपक्ष एनआरसी पर एकजुट होकर लड़ने के बजाय यहां साफ तौर पर बिखरा दिख रहा है और एक दूसरे पर ही निशाना साध रहा है. ऐसे में अखिलेश की आजमगढ़ से दूरी और प्रियंका के वर्षों बाद आगमन ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है.

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First published: February 10, 2020, 9:25 PM IST
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