प्रेमी ने दी थी धमकी- शादी नहीं तो गिफ्ट करूंगा भाई का शव, अब 20 दिन से गायब है मनन

आजमगढ़ जिले में एक प्रेमी ने प्रेमिका के शादी से मना करने पर उसके 12 साल के भाई मनन का अपहरण कर लिया. यही नहीं प्रेमी उसकी हत्या का दावा भी कर रहा है, लेकिन पीड़ित परिवार का कुछ और ही कहना है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 19, 2019, 9:52 AM IST
प्रेमी ने दी थी धमकी- शादी नहीं तो गिफ्ट करूंगा भाई का शव, अब 20 दिन से गायब है मनन
बहन ने नहीं की शादी तो प्रेमी ने 12 वर्ष के भाई का किया अपहरण, 20 दिन में कोई सुराग नहीं. पीड़ित अपहृत मनन के पिता.
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Updated: July 19, 2019, 9:52 AM IST
आजमगढ़ जिले में एक प्रेमी ने प्रेमिका के शादी से मना करने पर उसके 12 साल के भाई मनन का अपहरण कर लिया. आरोपी ने बहन के व्हाट्सऐप नंबर पर मैसेज कर शादी करने के लिए दबाव बना रहा था. शादी न करने पर प्रेमी ने मनन की हत्या कर शव को गिफ्ट करने का दावा किया था. प्रेमी ने मनन की हत्या कर शव नदी में फेंकने की बात कबूल भी कर ली है. घटना के 20 दिन बाद भी सीआरपीएफ के जवान को अपना बेटा जिंदा या मृत नहीं मिल पाया है.

सीआरपीएफ जवान अपने बेटे को खोजने के लिए सीआरपीएफ कमांडेंट से लेकर डीजीपी तक से गुहार लगा रहा है. जवान का कहना है कि पुलिस केवल अपराधियों के कहने पर उसके बेटे को मरा हुआ मान रही है, जबकि पूरे परिवार को विश्वास है कि उसका बेटा अभी जिंदा है और अपराधियों ने उसे कहीं छिपा कर रखा है. फौजी की मांग है कि उसके बेटे को पुलिस जिंदा या मृत तलाश करे. घटना आजमगढ़ जिले महराजगंज थाना क्षेत्र के बड़हरडीह गांव की है.

नामजद आरोपी को जेल भेज चुकी है पुलिस
जिले के महराजगंज थाने के बड़हरडीह गांव निवासी रणविजय सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 136वीं बटालियन में असम राज्य के नलबाड़ी जिले के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में तैनात है. 19 दिन पूर्व 28 जून को अपने छोटे पुत्र मनन के गायब हो जाने की खबर मिलने पर छुट्टी लेकर घर आए. परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मनन के गायब होने पर गांव के ही रजनीश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी से पूछताछ की. इसके बाद पुलिस ने हत्या कर शव को घाघरा नदी में फेंके जाने की बात बताने पर करीब सप्ताहभर तक गोताखोर लगा कर शव की तलाश की, मगर कहीं पर शव नहीं मिला. पुलिस ने 6 जुलाई को नामजद आरोपी को जेल भेज दिया.

फौजी ने सीआरपीएफ मुख्यालय को लिखा पत्र
मगर आरोपी की निशानदेही एवं बयान के आधार पर पुलिस प्रशासन को अब तक कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है. देश के दुश्मनों से लोहा लेने वाले फौजी रणविजय सिंह का पूरा परिवार बेटे के गायब होने पर टूट गया. इस मामले में फौजी ने सीआरपीएफ मुख्यालय को भी पत्र लिख कर पूरे मामले को अवगत कराया.

पिता की मांग, बेटे की हत्या का साक्ष्य दे पुलिस
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सीआरपीएफ जवान के पत्र को गंभीरता से लेते हुए कमांडेंट ने 11 जुलाई को जिला प्रशासन के नाम पत्र भेजकर वास्तविक वस्तुस्थिति से सीआरपीएफ मुख्यालय को अवगत कराने का कहा है. इतना ही नहीं जवान ने अपने बेटे की तलाश के लिए प्रदेश के डीजीपी से भी गुहार लगाई है. जवान की मानें तो उसके बेटे की हत्या नहीं हुई है बल्कि आरोपी पुलिस को बरगला रहे हैं. पीड़ित जवान की मांग है कि अगर उसके बेटे की हत्या हो गई है तो पुलिस इसका साक्ष्य दे.

डीजीपी के आदेश के बाद बढ़ा दिया गया जांच का दायरा
फौजी के बेटे के अपहृत होने के बाद असम से लेकर आजमगढ़ तक हड़कम्प मचा हुआ है और पुलिस लगातार मनन को खोजने के लिए हाथ-पांव मार रही है, लेकिन करीब 20 दिनों बाद भी नतीजा शून्य है. वहीं पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों ने जो भी बात बताई है उसके आधार पर फौजी के बेटे की मौत हो चुकी है. डीजीपी के आदेश के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. अपराधी के कई साइंटिफिक टेस्ट कराए जा रहे हैं.

(अभिषेक उपाध्याय की रिपोर्ट)

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First published: July 18, 2019, 9:25 PM IST
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