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खुलासा: बिहार के गैंग ने ऑफिसर बन यूपी पुलिस के इंस्पेक्टरों को लगाया चूना!

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 30, 2019, 1:03 PM IST
खुलासा: बिहार के गैंग ने ऑफिसर बन यूपी पुलिस के इंस्पेक्टरों को लगाया चूना!
यूपी पुलिस को ठगने वाले गैंग का खुलासा (File Photo)

बिहार (Bihar) के मोतीहारी (Motihari) जिले के ठगों का गैंग यूपी में सक्रिय है. इस गैंग के लोग गूगल (Google) के जरिए जिलों के पुलिस कंट्रोल नंबर (police control office) निकाल लेते थे. फिर उस पर फोन कर खुद को पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) का एएसपी (ASP Police) बताते हुए फोन कर मैसेज छोड़ते थे. महोबा (Mahoba), हाथरस (Hathras) पुलिस को ठगने के बाद लगाया था आजमगढ़ पुलिस का नंबर...

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आजमगढ़. उत्तर प्रदेश पुलिस (up police) ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो पुलिस से ही ठगी की वारदात को अंजाम देता था. इस हैरतंगेज कारनामे को अंजाम देने वाला गिरोह के तार बिहार (Bihar) राज्य के मोतिहारी (Motihari) जनपद से जुड़े बताए जा रहे हैं. बता दें कि इस गैंग ने उत्तर प्रदेश के महोबा (Mahoba), हाथरस (Hathras) जिले की पुलिस को ठगने के बाद आजमगढ़ पुलिस को निशाने पर लिया था लेकिन समय रहते पुलिस को संदेह हो गया और ठगी का शिकार होने से बच गई.

Google से निकालते थे नंबर
बता दें कि बिहार के मोतीहारी जिले के ठगों का ये गैंग यूपी में सक्रिय है. इस गैंग के लोग गूगल (Google) के जरिए जिलों के पुलिस कंट्रोल नंबर (police control office) निकाल लेते थे. फिर उस पर फोन कर खुद को पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) का एएसपी (ASP Police) बताते हुए फोन कर मैसेज छोड़ते थे कि इंस्पेक्टर से कहो कि दिए गए नंबर पर फोन करें. इंस्पेक्टर जब फोन करता तो ठग उसे झांसा देकर हजारों रूपये अपने खाते में जमा करा लेते थे. इन ठगों ने महोबा व हाथरस जनपद में इस तरह की घटना को अंजाम दिया था. बाद में जब खुलासा हुआ तो वहां भी मुकदमा (FIR) दर्ज कराया गया.

लगातार मिल रही सफलता से ठगों का हौसला बुलंद था फिर उन्होंने आजमगढ़ पुलिस को ठगने के लिए जाल बिछाया लेकिन इस बार वो खुद फंस गए. पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक 18 नवंबर को ठगों ने ऐसा ही फोन आजमगढ़ (Azamgarh) डीसीआर को किया. जिसके बाद डीसीआर से थाने के प्रधान लेखक को सूचित किया गया कि डीजीपी (DGP) कार्यालय से सूचना आई है प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर मो. नंबर 7870840292 पर बात करें.

जानकारी होने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्र ने सीयूजी (CUG) नंबर में नेटवर्क न होने पर अपने प्राइवेट नंबर से उक्त नंबर पर फोन किया तो ट्रू कॉलर (True caller) में एएसपी मनोज कुमार लिखकर आया तथा उनके द्वारा बताया गया कि डीजीपी सर के भाई की पत्नी का सोना चोरी हो गया है. जिसमें से कुछ सोना बरामद करके एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है तथा कुछ सोना आपके सठियाव बाजार में एक अभियुक्त के पास है, आप सठियाव आ जाइए. इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सठियाव जाने के लिए तैयार हुए तब तक पुनः उसी मोबाइल नंबर से दोबारा फोन आया कि सोना किसी दुकानदार के यहां है जिसे खरीदना है.

इस पर प्रभारी निरीक्षक ने कांस्टेबल प्रमोद यादव को सादे कपड़ों में सठियाव भेजा. फिर उस व्यक्ति द्वारा बताया गया कि आप 30 हजार रूपये पेटीएम (paytm) या बैंक द्वारा एसबीआई (SBI) खाता संख्या-3134138067 में ट्रांसफर कर दीजिए. यह बात प्रभारी निरीक्षक को संदिग्ध लगी तो उन्होंने मोबाइल नंबर की जांच करवाई तो पता चला कि यह नंबर बिहार प्रदेश के मोतिहारी जिले का है. पुलिस को जब यकीन हो गया कि उसके साथ फ्राड की कोशिश हुई है तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू की.

पुलिस की किरकिरी
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विवेचना के दौरान पता चला कि गैंग ने इसी तरह महोबा में 17 नवंबर को चोरी में 2 किलो 300 ग्राम सोना व 15 लाख रूपये चोरी हुए हैं जिसमें एक चोर बजरिया क्षेत्र के यशोदानगर मुहल्ले का है जैसी बात कहते हुए एसबीआई बैंक खाते में 30 हजार रूपये जमा करा लिए थे. आरोपी के खिलाफ वहां मुकदमा भी पंजीकृत है. इसके बाद पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ प्रो. त्रिवेणी सिंह के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर व साइबर सेल (Cyber cell) की एक टीम बिहार के मोतिहारी गई और वहां से एकआरोपी राज प्रसाद पुत्र सुरेश प्रसाद कुशवाहा निवासी रघुनाथपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर शुक्रवार को आजमगढ़ लेकर पहुंची. आरोपी को फिलहाल जेल भेज दिया गया है और मामले की तफ्तीश की जा रही है गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है. लोगों का कहना है कि जिनके ऊपर प्रदेश की 23 करोड़ जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वो खुद ही ठगी का शिकार हो रहे हैं.

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First published: November 30, 2019, 1:03 PM IST
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