साबरमती जेल में बंद बाहुबली अतीक अहमद को यूपी आने में सता रहा है मौत का डर, कोर्ट में अर्जी देकर कही ये बात

पुलिस की गिरफ्त में बाहुबली अतीक अहमद. (फाइल फोटो)
पुलिस की गिरफ्त में बाहुबली अतीक अहमद. (फाइल फोटो)

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  • Last Updated: October 22, 2020, 8:00 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात के अहमदाबाद के साबरमती जेल (Sabarmati jail) में बंद बाहुबली और पूर्व सांसद अतीक अहमद (Ateek Ahmed) को अब यूपी (UP) में आने से डर लग रहा है. ये वही अतीक अहमद हैं जो एक सम. में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राज करते थे, लेकिन अब यूपी में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई से बाहुबली बेचैन हो उठा है. अब पेशी पर गुजरात से यूपी लाने पर बाहुबली को अपनी जान का खतरा सता रहा है.

बाहुबली को डर है कि कहीं रास्ते में ही उसकी हत्या न कर कर दी जाये. इसीलिए बाहुबली ने अपने वकीलों के जरिए वीडियो कॉफ्रेंसिंग से मुकदमें की सुनवाई की अर्जी दाखिल की है. बाहुबली सुप्रीम कोर्ट के 23 अप्रैल 2019 के आदेश से गुजरात के अहमदाबाद जेल में बंद है, लेकिन बाहुबली ने अपनी जान को खतरा बताया है. उसने अपने राजनीतिक विरोधियों और पुलिस के आला अधिकारियों पर ही अपनी हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है.

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बाहुबली ने अर्जी में गुजरात के अहमदाबाद से प्रयागराज के बीच 1450 किलोमीटर की दूरी का हवाला देते हुए भी प्रयागराज के एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहे मुकदमों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की मांग की. इतना ही नहीं बाहुबली गुजरात की जेल में कई गम्भीर बीमारियों की चपेट में भी आ गया है. अर्जी में उसने कहा है कोर्ट के आदेश की आड़ में प्रार्थी की हत्या कर दी जाएगी. वह किडनी और रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी से पीड़ित है. इसके साथ ही शुगर टाइप वन और हाई ब्लड प्रेशर से भी पीड़ित है. इसी आधार पर उसे नैनी से अहमदाबाद हवाई सेवा से ट्रांसफर किया गया था.
बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद ने आरोप लगाया है कि हाल में ही गुजरात जेल में प्रयागराज से उसका बयान लेने गए एक पुलिसकर्मी ने उसे ऐसी जानकारी दी है कि उसकी न्यायिक अभिरक्षा में तलब कर रास्ते में हत्या की साजिश रची जा रही है. बाहुबली ने अपनी अर्जी में कहा है कि इससे पूर्व न्यायिक अभिरक्षा में आवागमन के दौरान कई बंदियों की पहले भी हत्या हो चुकी है.

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2019 में मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में विरोधियों से मिलकर पुलिस और एसटीएफ के हत्या कराने का भी अतीक अहमद की अर्जी में जिक्र है. बाहुबली अतीक अहमद ने अपने वकीलों के जरिए अर्जी देकर लंबित मुकदमों में कोर्ट में पेशी पर तलब न किए जाने का आदेश पारित करने की मांग की है. इसके साथ ही कोविड-19 के चलते भी गुजरात राज्य से समन न किए जाने की मांग अर्जी में की गई है.

बाहुबली अतीक अहमद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज डॉ बालमुकुंद ने पांच पेज का आदेश पारित किया है. एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद की पत्रावली साक्ष्य के लिए 4 नवंबर को पेश करने का निर्देश देते हुए कहा है कि एमपी एमएलए कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा मौजूद नहीं है. इसके लिए स्पेशल जज एमपीएमएलए कोर्ट ने जिला जज से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का भी अनुरोध किया है. एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने 4 नवंबर को सुबह 10.30 बजे कोर्ट में गवाह कांस्टेबल महेश प्रसाद दीक्षित की दोबारा गवाही कराने का भी निर्देश दिया है.
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