बाबरी विध्वंस प्रकरण: अब तक पता नहीं देने वालों को लेकर कोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश
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बाबरी विध्वंस प्रकरण: अब तक पता नहीं देने वालों को लेकर कोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट से 69000 शिक्षक भर्ती में शामिल हुए सहाकय अध्यापकों को बड़ी राहत मिली है. (फाइल फोटो)

अदालत (Court) आईपीसी की धारा 313 के तहत 32 आरोपियों (Accused) के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में है. इसके बाद अभियोजन पक्ष के गवाहों (witnesses) से जिरह होगी.

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लखनऊ. बाबरी विध्वंस (Babri demolition) मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत (Special Court) के समक्ष उमा भारती स्वयं पेश हो सकती हैं. उमा भारती (Uma Bharti) को भी बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी हैं. वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कल्याण सिंह के वकीलों ने बुधवार को सीबीआई अदालत (CBI Court) के समक्ष यह संकेत दिया कि ये नेता वीडियो कांफ्रेंस (Video Conferencing) के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हो सकते हैं.  वहीं, बाबरी विध्‍यंस मामले में कई आरोपी अभी भी ऐसे हैं, जिन्‍होंने अभी तक अपना बयान विशेष अदालत के समक्ष दर्ज नहीं करवाया है.


ऐसे आरोपियों को विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने विकल्प देते हुए उनका पता मांगा था. जिससे वीडियो कांफ्रेंस के जरिये उनके बयान लिये जा सकें. अदालत दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत 32 आरोपियों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में है. इसके बाद, अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह होगी.


कोर्ट के समक्ष पेश हुए सांसद साक्षी महाराज
उल्‍लेखनीय है कि बुधवार को भाजपा सांसद साक्षी महाराज अदालत के सामने पेश हुए और उन्होंने इस बात से स्पष्ट इंकार किया कि उन्होंने अयोध्या में मस्जिद विध्संस की साजिश रची थी. अदालत ने मामले के एक अन्य अभियुक्त ओमप्रकाश पांडे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. पांडे के वकील ने न्यायालय को बताया कि उनके मुवक्किल आजमगढ़ के रहने वाले हैं, लेकिन उनके मौजूदा पते के बारे में जानकारी नहीं है.


18 जून तक दर्ज कराने होंगे बयान
आडवाणी, जोशी, राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, जय भगवान गोयल, अमरनाथ गोयल, सुधीर कक्कड़, आचार्य धर्मेंद्र देव, धर्मेंद्र सिंह गुर्जर और आरएन श्रीवास्तव ने भी अपने वकीलों के जरिए अपने पते अदालत को उपलब्ध कराये हैं. न्यायाधीश यादव ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि शेष आरोपी स्वयं पेश होना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपी जिन्होंने अपने पते उलब्ध नहीं कराये या जो अदालत में बयान दर्ज करवाने के लिए पेश नहीं हुए हैं, उन्हें 18 जून को पेश होना का निर्देश दिया जाता है.


 31 अगस्‍त तक पूरी होनी है सुनवाई


अदालत ने कहा कि नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर जब तक वीडियो कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था नहीं कर लेता, तब तक वह बाकी अभियुक्तों का बयान दर्ज करना जारी रखेगी. उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त तक पूरी की जानी है. इसके मद्देनजर मामले की अदालत में रोजाना सुनवाई की जा रही है. गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था.


 (एजेंसी इनपुट के साथ)



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