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बदायूं मामला: सीबीआई जांच पर उठे कई सवाल, सकते में परिवार

बहुचर्चित बदायूं मामले में पांच महीने तक चली सीबीआई जांच के बाद यह बात सामने आई है कि दोनों नाबालिग बहनों की न तो हत्‍या हुई थी और न ही गैंगरेप हुआ था, बल्कि दोनों ने सुसाइड किया था। हालांकि, सीबीआई यह साफ नहीं कर पाई है कि दोनों बहनों ने क्‍यों आत्‍महत्‍या जैसा कदम उठाया। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो ने सुसाइड की जो वजह बताई है वह किसी के गले नहीं उतर रही है।

बहुचर्चित बदायूं मामले में पांच महीने तक चली सीबीआई जांच के बाद यह बात सामने आई है कि दोनों नाबालिग बहनों की न तो हत्‍या हुई थी और न ही गैंगरेप हुआ था, बल्कि दोनों ने सुसाइड किया था। हालांकि, सीबीआई यह साफ नहीं कर पाई है कि दोनों बहनों ने क्‍यों आत्‍महत्‍या जैसा कदम उठाया। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो ने सुसाइड की जो वजह बताई है वह किसी के गले नहीं उतर रही है।

बहुचर्चित बदायूं मामले में पांच महीने तक चली सीबीआई जांच के बाद यह बात सामने आई है कि दोनों नाबालिग बहनों की न तो हत्‍या हुई थी और न ही गैंगरेप हुआ था, बल्कि दोनों ने सुसाइड किया था। हालांकि, सीबीआई यह साफ नहीं कर पाई है कि दोनों बहनों ने क्‍यों आत्‍महत्‍या जैसा कदम उठाया। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो ने सुसाइड की जो वजह बताई है वह किसी के गले नहीं उतर रही है।

  • News18
  • Last Updated: November 28, 2014, 10:40 AM IST
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बहुचर्चित बदायूं मामले में पांच महीने तक चली सीबीआई जांच के बाद यह बात सामने आई है कि दोनों नाबालिग बहनों की न तो हत्‍या हुई थी और न ही गैंगरेप हुआ था, बल्कि दोनों ने सुसाइड किया था। हालांकि, सीबीआई यह साफ नहीं कर पाई है कि दोनों बहनों ने क्‍यों आत्‍महत्‍या जैसा कदम उठाया। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो ने सुसाइड की जो वजह बताई है वह किसी के गले नहीं उतर रही है।

सीबीआई के मुताबिक, 'नाबालिग बहनों में से एक लड़की को गांव में रहने वाले उसके एक रिश्तेदार ने आपत्तिजनक हालत में देखकर उनके घर भेद खोल देने की धमकी दी थी। सच्चाई खुलने के डर से दोनों चचेरी बहनें पहले तो भागीं और बाद में बदहवासी की हालत में पेड़ से लटककर जान दे दी।'

वहीं, लड़की के पिता का कहना है, 'सीबीआई जांच से हमें बड़ा धक्‍का लगा है। यदि बड़ी बहन पप्‍पू के साथ रिश्‍ते में थी तो फिर छोटी बहन ने आत्‍महत्‍या क्‍यों की। इनमें से क्‍यों बहनों ने एक दूसरे को बचाने की कोशिश की। ऐसा नहीं हो सकता है कि दोनों बहनों का संबंध एक शख्‍स से हो और दोनों सुसाइड कर ले।'



परिवार के अन्‍य सदस्‍य ने बताया, 'दोनों बहनों की औसत लंबाई पांच फीट थी और आम का पेड़ 20 फीट लंबा है। ऐसे में दोनों बहन खुद पेड़ पर चढ़ जाए और खुद को फांसी लगा ले, समझ से परे है। बिना किसी के मदद से पेड़ पर चढ़ना और डाली से खुद को लटका लेना नामुमकिन है। जब हमलोगों को उसका शव मिला तो उस वक्‍त पेड़ के नीचे कोई टेबल या सहारा नहीं था।'
सीबीआई ने बताया कि लड़की के फोन कॉल्स की जांच में पता चला है कि बड़ी बहन और पप्पू के बीच छह महीने में 400 बार बातें हुईं। उसकी छोटी बहन को इस रिश्ते के बारे में पता था। घटना की रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों बहनें खाना खाने के बाद घर से निकलीं और पप्पू से जाकर मिलीं। पप्पू ने छोटी बहन को मेला घूमने के लिए दो सौ रुपए दिए और बड़ी बहन के साथ वक्त बिताने लगा। उसी समय गांव का ही एक युवक नजरू वहां अचानक पहुंच गया और दोनों को साथ देखकर ये बात सबको बता देने की धमकी देने लगा।

सच्चाई खुलने के डर से दोनों चचेरी बहनें पहले तो भागीं और बाद में बदहवासी की हालत में पेड़ से लटककर जान दे दी। गौरतलब है कि बदायूं के कटरा सआदतगंज में इसी साल 28 मई की सुबह पेड़ से लटकी दो चचेरी बहनों की लाश मिली थी। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था और उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी।

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