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बदायूं मामला: सीबीआई की क्‍लोजर रिपोर्ट को विदेशी पत्रकारों की परीक्षा ने किया ‘फेल’

बदायूं में 27 मई को दो बहनों की मौत के सनसनीखेज मामले में भले ही केन्‍द्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआई) ने क्‍लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी हो लेकिन इस मामले की सच्‍चाई जानने के लिए विदेशी पत्रकारों का एक समूह घटनास्‍थल पर पहुंचा।

बदायूं में 27 मई को दो बहनों की मौत के सनसनीखेज मामले में भले ही केन्‍द्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआई) ने क्‍लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी हो लेकिन इस मामले की सच्‍चाई जानने के लिए विदेशी पत्रकारों का एक समूह घटनास्‍थल पर पहुंचा।

बदायूं में 27 मई को दो बहनों की मौत के सनसनीखेज मामले में भले ही केन्‍द्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआई) ने क्‍लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी हो लेकिन इस मामले की सच्‍चाई जानने के लिए विदेशी पत्रकारों का एक समूह घटनास्‍थल पर पहुंचा।

  • News18
  • Last Updated: December 16, 2014, 11:59 AM IST
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बदायूं में 27 मई को दो बहनों की मौत के सनसनीखेज मामले में भले ही केन्‍द्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआई) ने क्‍लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी हो लेकिन इस मामले की सच्‍चाई जानने के लिए विदेशी पत्रकारों का एक समूह घटनास्‍थल पर पहुंचा।

विदेशी पत्रकारों के समूह और कुछ टीवी चैनलों के दल ने गांव की कुछ लड़कियों को उसी पेड़ पर चढ़ाने का एक प्रयोग किया गया जिस पेड़ पर दोनों बहनें लटकी मिली थी। इस प्रयास में गांव की 14 से 15 साल की लड़कियों को शामिल किया गया था जो मरने वाली दोनों बहनों की हमउम्र थी।

सीबीआई ने अदालत में दाखिल क्‍लोजर रिपोर्ट में कहा है कि आरोपियों पर हत्‍या और बलात्‍कार का आरोप साबित नहीं होता है। क्‍लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा है कि दोनों में से एक बहन का गांव के ही एक व्‍यक्ति के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसमें बड़ी बहन छोटी की पूरी सहायता करती थी और जब दोनों को बदमानी का डर सताने लगा तो उन्‍होंने खुद को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।



सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट की घटनाओं को जब मीडिया के सदस्‍यों ने कवर किया तो कुछ हैरान करने वाली प्रतिक्रिया सामने आई। ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग एजेंसी के पांच सदस्‍यीय टीम रविवार को कटरा सदतगंज गांव पहुंची जहां उन्‍होंने स्‍थानीय लोगों की प्रतिक्रिया ली। एक स्‍थानीय पत्रकार ने बताया कि जिस पेड़ से लटककर दोनों बहनों ने आत्‍महत्‍या की थी वहां गांववालों का समूह एकत्रि‍त हो गया।
पत्रकार ने बताया कि विदेशियों ने गांव की 10 लड़कियों को पेड़ पर चढ़ने के लिए कहा जो मरने वाली दोनों बहनों की हमउम्र थी। इन लड़कियों को पेड़ की उस ऊंचाई तक चढ़ने को कहा था जहां पर दोनों चचेरी बहनों ने खुद को फांसी लगाई थी। चचेरी बहनों की परिजनों और ग्रामीणों ने देखा कि गांव की 10 लड़कियां केवल कुछ शाखाओं तक ही चढ़ाई कर पाई और कोई भी उस जगह तक नहीं पहुंच पाई जहां पर दोनों बहनें लटकी पाई गई थी।

 

विदेशी पत्रकारों के दल ने इस पूरे दृश्‍य को फिल्‍माया है। जब तक स्‍थानीय मीडिया घटनास्‍थल पर पहुंचा तब तक पत्रकारों का दल वहां से अपने उपकरण पैक कर जा चुका था।

 

गौरतलब है कि इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था जिसमें तीन भाई और दो पुलिसवाले शामिल थे। बदायूं के वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक संतोषी कुमार सिंह का कहना है कि उन्‍हें इस गतिविधि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्‍होंने कहा कि विदेशी पत्रकारों के वहां आने की उन्‍हें कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
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