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बदायूं की महिला का शाहजहांपुर के पूर्व थानाध्यक्ष पर यौन शोषण का आरोप, FIR हुई पर गिरफ्तारी नहीं

(सांकेतिक फोटो)
(सांकेतिक फोटो)

बदायूं पुलिस (Badaun Police) के अनुसार जांच अभी शाहजहांपुर (Shahjahanpur) से बदायूं आई है, जो अब क्राइम ब्रांच को दे दी गई है. जांच होने के बाद कार्रवाई होगी.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद (Badaun District) की एक महिला ने जनपद शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में कलान थाने के पूर्व थानाध्यक्ष सुनील शर्मा (Former SHO Sunil Sharma) पर यौन शोषण (Sexual Abuse) का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की है. अभी तक इस महिला ने जांच के नाम पर सिर्फ चक्कर काटे हैं लेकिन थानाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़िता का आरोप कि वह उसे अपने गुर्गों द्वारा प्रताड़ित भी करा रहा है.

फिलहाल उसकी जांच शाहजहांपुर से ट्रांसफर होकर अब बदायूं में आ गई है. पुलिस के अनुसार जांच अभी बदायूं आई है, जो अब क्राइम ब्रांच को दे दी गई है. जांच होने के बाद कार्रवाई होगी. अब देखना ये है कि बदायूं पुलिस भी पीड़िता को चक्कर कटवाती है या फिर मुकदमे में आरोपी थानाध्यक्ष को जेल भेजती है.

आरोप- केस में फैसला कराने और शादी का दिया झांसा



बदायूं के थाना दातागंज क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने कलान के पूर्व थानाध्यक्ष सुनील शर्मा पर आरोप लगाए हैं. पीड़िता के अनुसार उसका अपने पति के साथ झगड़ा चल रहा था, जिसका मामला कोर्ट में चल रहा था. इसी मामले के सिलसिले में पीड़ित महिला क्लान थानाध्यक्ष के पास गई तो उसने पहले मोबाइल नंबर ले लिया. बाद में फैसला कराने के नाम पर और उससे शादी का झांसा देकर उसने उसका यौन शोषण किया और उसे प्रताड़ित किया.
एसएसपी ने किया सस्पेंड, बाद में दबाव बढ़ा तो एफआईआर

जब इसकी शिकायत उसने शाहजहांपुर एसएसपी से की तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई केवल सस्पेंड की कार्रवाई की गई. जब मामले ने जादा तूल पकड़ा तो एफआईआर लिखी गई. पीड़िता का आरोप है कि उसकी एफआईआर में पिता के नाम की जगह पति और पति की जगह पिता का नाम लिखा दिया. इसके बाद वो डीआईजी के पास भी गई और पुलिस के बड़े अफसरों से भी शिकायत की लेकिन अभी तक उसे न्याय नहीं मिला.

पीड़िता का पीछा कर रहे आरोपी के गुर्गे

पीड़िता का कहना है कि जब भी वह किसी अधिकारी के पास जाती है तो पूर्व थानाध्यक्ष के लोग उसका पीछा करते हैं और उसे धमकियां देते हैं. फिलहाल अब उसकी जांच बदायूं आ गई है लेकिन वो अभी भी वह दर-दर की ठोकरें खा रही है. अब देखना होगा की बदायूं पुलिस पूर्व थानाध्यक्ष के खिलाफ क्या कार्यवाही करती है या उसे यहां भी निराशा मिलेगी.

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कार्रवाई की मांग की

वहीं इस मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह का कहना है हाथरस जैसी घटना होने के बाद भी उत्तर प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है और ऐसा ही मामला बदायूं में एक पीड़िता के साथ पुलिस कर्मी द्वारा उसका यौन शोषण किया गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजना चाहिए. जिससे उस महिला को न्याय मिल सके. उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने कहा है कि हम बलात्कारियों के पोस्टर लगवा आएंगे तो अभी तक ऐसे थानाध्यक्ष का पोस्टर क्यो नहीं लगा है. क्या योगी सरकार भाजपा के लोगों का भी पोस्टल ऐसे मामलों में लगाएगी?
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