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निर्भया मामला: भारत की रोक के बावजूद बीबीसी ने किया डॉक्‍यूमेंट्री का प्रसारण

निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर भारत की रोक के बावजूद बीबीसी ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 3:30 बजे इसका प्रसारण किया। पहले ये फिल्म 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रसारित की जानी थी। लेकिन विवाद से मिली चर्चा को भुनाने के लिए फिल्म पहले ही दिखा दी गई। केंद्र सरकार ने इसका अंतरराष्ट्रीय प्रसारण रोकने की भी कोशिश की थी। देश में पहले ही इस पर बैन लगाया जा चुका है।

निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर भारत की रोक के बावजूद बीबीसी ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 3:30 बजे इसका प्रसारण किया। पहले ये फिल्म 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रसारित की जानी थी। लेकिन विवाद से मिली चर्चा को भुनाने के लिए फिल्म पहले ही दिखा दी गई। केंद्र सरकार ने इसका अंतरराष्ट्रीय प्रसारण रोकने की भी कोशिश की थी। देश में पहले ही इस पर बैन लगाया जा चुका है।

निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर भारत की रोक के बावजूद बीबीसी ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 3:30 बजे इसका प्रसारण किया। पहले ये फिल्म 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रसारित की जानी थी। लेकिन विवाद से मिली चर्चा को भुनाने के लिए फिल्म पहले ही दिखा दी गई। केंद्र सरकार ने इसका अंतरराष्ट्रीय प्रसारण रोकने की भी कोशिश की थी। देश में पहले ही इस पर बैन लगाया जा चुका है।

  • News18
  • Last Updated: March 5, 2015, 10:47 AM IST
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निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर भारत की रोक के बावजूद बीबीसी ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 3:30 बजे इसका प्रसारण किया। पहले ये फिल्म 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रसारित की जानी थी। लेकिन विवाद से मिली चर्चा को भुनाने के लिए फिल्म पहले ही दिखा दी गई। केंद्र सरकार ने इसका अंतरराष्ट्रीय प्रसारण रोकने की भी कोशिश की थी। देश में पहले ही इस पर बैन लगाया जा चुका है।

बुधवार को भारत सरकार के कड़े रुख के बाद बीबीसी ने इसे तय समय से पहले ही प्रसारित करने का फैसला करते हुए कहा कि फिल्म में इस मुद्दे को जिम्मेदारी के साथ दिखाया गया है।

पहले बीबीसी ने आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण करने का फैसला किया था, लेकिन भारत में इस मसले पर उठे विवाद के बीच उसने इसका प्रसारण पहले ही करने का फैसला किया। बीबीसी ने कहा है इससे दर्शकों को जल्द से जल्द यह प्रभावशाली वृत्तचित्र देखने का अवसर मिलेगा।



बीबीसी ने बुधवार रात जारी एक वक्तव्य में कहा कि पीडिता के माता-पिता के पूरे सहयोग से बनाई गयी यह डॉक्यूमेंट्री एक जघन्य अपराध के अंदर के सच को उजागर करती है, जिससे पूरी दुनिया दहल गयी थी और भारत में महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए थे। बयान में कहा गया है कि फिल्म में इस विषय को "जिम्मेदारी के साथ" दिखाया गया है और बीबीसी के संपादकीय दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री भारत में दिखाने पर दिल्ली की कोर्ट ने रोक लगा रखी है।
ब्रिटिश फिल्‍मकार लेस्‍ली उडविन पर हो सकती है कार्रवाई

दिल्‍ली गैंग रेप के दोषी मुकेश कुमार का तिहाड़ जेल के अंदर 16 घंटे तक साक्षात्कार लेने व उसके आधार पर भारत की बेटी नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली ब्रिटिश फिल्मकार लेस्ली उडविन मुश्किल में पड़ सकती हैं।

लेस्ली स्वतंत्र रूप से डॉक्यूमेंट्री बनाती हैं। वह बीबीसी से जुड़कर उसके लिए डॉक्यूमेंट्री बनाती हैं या नहीं, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रथमदृष्टया जांच में सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर माना जा रहा है कि लेस्ली पर कानून तोड़ने का मामला बन सकता है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने बुधवार को मीडिया से कहा कि उन्होंने बीबीसी से संपर्क कर डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण नहीं करने को कहा है। इसके अलावा आर्थिक अपराध शाखा के साइबर सेल से भी कहा गया है कि वह गूगल व ट्विटर को डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण न करने के लिए सख्त हिदायत दे।

बस्सी व तिहाड़ जेल के महानिदेशक तलब

सुबह सबसे पहले तिहाड़ जेल के महानिदेशक आलोक कुमार वर्मा व पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी को गृह मंत्रालय बुलाया गया। वहां केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। आलोक कुमार वर्मा को संसद में भी बुलाया गया था।

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