बदायूं गैंगरेप: अभी भी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

बदायूं में दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप और उसकी हत्‍या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस सात आरोपियों में से अब तक दो को ही गिरफ्तार कर पाई है।

बदायूं में दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप और उसकी हत्‍या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस सात आरोपियों में से अब तक दो को ही गिरफ्तार कर पाई है।

बदायूं में दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप और उसकी हत्‍या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस सात आरोपियों में से अब तक दो को ही गिरफ्तार कर पाई है।

  • IANS
  • Last Updated: May 30, 2014, 2:50 PM IST
  • Share this:
बदायूं में दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप और उसकी हत्‍या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस सात आरोपियों में से अब तक दो को ही गिरफ्तार कर पाई है।



राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले पर स्वत:संज्ञान लेते हुए अपनी एक टीम बदायूं भेजने की बात कही है। यह घटना बदायूं के उसैत थाना क्षेत्र के कटरा गांव की है।



गांव की 14 और 15 वर्षीया दो किशोरियों (चचेरी बहनों) के शव बुधवार को गांव के निकट एक पेड़ से लटके मिले। दोनों मंगलवार देर शाम शौच जाने के लिए निकली थीं और उसके बाद से लापता थीं।





परिजनों ने गांव के ही पप्पू, अवधेश और बृजेश व उनके दो अज्ञात दोस्तों पर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही दो सिपाहियों छत्रपाल और सर्वेश पर साजिश में शामिल होने की बात कही है।
प्रभारी पुलिस अधीक्षक मान सिंह चौहान ने बताया कि तीन नामजद आरोपियों- पप्पू, बृजेश और अवधेश व दो अज्ञात युवकों व दो सिपाहियों-छत्रपाल व सर्वेश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया जिसमें पप्पू और सिपाही सर्वेश को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।



सिंह ने कहा कि आरोप है कि परिजनों ने मंगलवार रात घटना की सूचना उसैत थाने के मुख्य आरक्षी छत्रपाल सिंह और सर्वेश कुमार को दी थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।



उन्होंने बताया कि घटना में इन दोनों पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक राम विलास को भी निलंबित कर दिया गया।



घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। इसे देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए गुरुवार शाम को उत्तर प्रदेश सरकार से घटना की रिपोर्ट तलब की।



उत्तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरी घटना और प्रशासन की तरफ से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में गृह मंत्रालय को सूचित कर दिया गया है।
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज