अपना शहर चुनें

States

अगर आप भी बॉडी बनाने के लिए फ़ूड सप्लीमेंट ले रहे हैं तो इस खबर को जरुर पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

ऐसा ही एक मामला जनपद बदायूं में सामने आया है, जहां एक युवक ने जिम जाने के बाद डॉक्टर की सलाह लिए बिना फ़ूड सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया.जिसके बाद उस युवक की मौत हो गई.

  • Share this:
आज किशोरों और युवाओं में माचो छवि को लेकर काफी क्रेज है. जिसकी वजह से हर कोई अपनी बॉडी बनाने पर काफी ध्यान भी दे रहा है. इसके लिए जिम से लेकर प्रोटीन पाउडर और फ़ूड सप्लीमेंट का प्रयोग आम बात है. लेकिन आप बॉडी बनाने के लिए जिम ज्वाइन कर किसी प्रोटीन पाउडर या फ़ूड सप्लीमेंट का इस्तेमाल कर रहे है तो सावधान हो रहिए. क्योंकि बाजार में बॉडी बनाने के नाम पर नकली फ़ूड सप्लीमेंट और प्रोटीन पाउडर बिक रहे हैं जो आपकी जान ले सकते हैं . ऐसा ही एक मामला जनपद बदायूं में सामने आया है, जहां एक युवक ने जिम जाने के बाद डॉक्टर की सलाह लिए बिना फ़ूड सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया.जिसके बाद उस युवक की मौत हो गई.

युवक ने बॉडी बनाने की चाह में जिस फ़ूड सप्लीमेंट का सेवन किया उससे उसके शारीर में प्रोटीन की मात्र इतनी बढ़ गई कि डॉक्टरों के लाख कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका. इस घटना के बाद से ही मृतक के परिवार में मातम छाया हुआ है.

बदायूं जनपद के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बालाजी नगर में रहने बाले युवक अलोक कुमार बॉडी बनाने की चाह में अपनी जान गवां दी. 26 साल के अशोक की शादी तीन साल पहले मोनिका से हुई थी. उसका एक 3 साल का बेटा भी है. अलोक अपने पिता के रिटायर होने के बाद पीडव्लूडी में प्राइवेट रूप से अधिकारी की गाड़ी चला रहा था. दुबला-पतला होने के कारण अलोक को उसके दोस्त टोका करते थे और फिर उसने उन्हीं के कहने से बॉडी बनाने की चाह में जिम ज्वाइन कर लिया. साथ ही जिम के एक्सपर्ट की राय पर उसने प्रोटीन पाउडर भी लेना शुरू किया. अलोक जिस प्रोटीन पाउडर को ले रहा था उसकी कीमत लगभग साढ़े हज़ार रूपये थी.



अलोक की पत्नी के अनुसार वह लगातार यह फ़ूड सप्लीमेंट ले रहे था. अचानक एक दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई. तब परिवार वाले उसे डॉक्टर के पास ले गए. जांच के बाद पता चला कि ज्यादा प्रोटीन लेने से उसके शरीर में इन्फेक्शन हो गया है. इन्फेक्शन के बाद उसकी किडनी और लीवर में भी सफ़ेद पाउडर जमा हो गया था. बरेली के डॉक्टर ने बताया कि फ़ूड सप्लीमेंट ज्यादा लेने से ही उसे इन्फेक्शन हुआ है. जांच में यह भी पाया गया कि जिस प्रोटीन पाउडर का अलोक इस्तेमाल कर रहा था उसमें स्ट्रोइड की मात्रा अधिक थी. अलोक की तबीयत इतनी ज्यादा ख़राब थी कि डॉक्टर उसकी जान ना बचा सके.
मृतक के परिजन


अब अलोक की पत्नी और पिता का कहना है कि ऐसे नकली प्रोटीन पाउडर और फ़ूड सप्लीमेंट बेचने बाले लोगों के खिलाफ जांच होनी चाहिए, ताकि इनके झांसे में फस कर किसी और युवा को अपनी जान ना गंवानी पड़े.

वहीं जिले में 20 सालों से बॉडी बिल्डिंग की एक्सरसाइज कराने वाले सौरभ शर्मा का कहना है कि फ़ूड सप्लीमेंट की पहले तो कोई आवश्यता नहीं होती है. नए युवक आजकल गूगल या किसी की राय लिए बिना इस तरह के सप्लीमेंट को ले लेते हैं. पिछले कुछ समय से पॉवर लिफ्टिंग  बॉडी बिल्डिंग सेंटर बढ़े है. बाज़ार पर भी काफी दवाव रहता है. युवक अब जल्दी अपनी बॉडी को बनाने को उत्सुक दीखते हैं. जिससे उनका शारीर खोखला हो जाता है. जबकि वे नेचुरल चीजों से ज्यादा अच्छी बॉडी बना सकते हैं.

दूसरी तरफ प्रोटीन पाउडर और फ़ूड सप्लीमेंट से बॉडी पर क्या गलत प्रभाव पड़ता है, उस पर जिले के पहलवान हरिवंश यादव कहते हैं, ‘पहले लोग घी, दूध और बादाम का सेवन करते थे. लेकिन आजकल कई तरह के पाउडर चल गए हैं. यह शरीर को फुला देते हैं और खोखला बना देते हैं. वर्जिश वाला शारीर कभी ख़राब नहीं होता. पहले के पहलवान अच्छा खाते थे, लेकिन आजकल के युवा फ़ूड सप्लीमेंट पर भरोसा करते हैं.

जब ईटीवी/न्यूज़18 इस बारे में जिले के सीएमओ डॉ नेमी चंद्र से पूछा तो उन्होंने कहा कि यह उनका विभाग नहीं है. लेकिन एक डाक्टर होने के नाते अपनी राय आजकल के युवाओ को जरुर दे सकता हूं. बॉडी बिल्डिंग बढ़ने के लिए युवा स्ट्रोइड लेते हैं. जिससे उनका शरीर फूल जाता है और शक्ति भी आ जाती है. इनके बहुत सारे साइड इफ़ेक्ट्स बहुत होते हैं. इन सब पर रोक लगनी चाहिए. दरअसल यह ज्यादा उम्र वाले लोगों को दिया जाता है. लेकिन प्रोटीन पाउडर/फ़ूड सप्लीमेंट रोजाना नहीं लिया जा सकता. कोई भी दवा या प्रोटीन पाउडर/फ़ूड सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से जरुर राय लें.

वही इस मामले में एडीएम प्रशासन अजय श्रीवास्तव का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है. मेडिकल स्टोर्स पर प्रोटीन पाउडर और फ़ूड सप्लीमेंट बेचे जा रहे हैं. इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टर से जांच करवाया जा रहा है. मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. मेडिकल स्टोरों पर रखे ऐसे प्रोटीन पाउडर की जांच करने के आदेश ड्रग्स विभाग को दिए गए हैं. जिम संचालकों के यहां रखे इन नकली प्रोटीन पाउडर की भी जांच होगी. मृतक जिस पाउडर का इस्तेमाल कर रहा था वह नकली कम्पनी का बताया जा रहा है और बदायूं के एक मोहल्ले का पता उस पर अंकित है. जबकि सर्च करने पर पता चला कि इस नाम की कोई कम्पनी ही नहीं है. एडीएम प्रशासन ने बताया कि ऐसे प्रोडेक्ट के खिलाफ जांच करा कर सख्त कार्यवाई की जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज