गोरखपुर हादसे के बाद सरकार ने उठाया था ये कदम, अब इस शहर में शुरू होगी MBBS की पढ़ाई
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एमबीबीएस 100 की सीटें आवंटित होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी है.

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राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में एमबीबीएस की पढ़ाई का इंतजार खत्‍म हो चुका है और अब 1 अगस्त से MBBS की क्लास लगना शुरू हो जाएंगी. दरअसल, 2014 में अखिलेश यादव की सपा सरकार ने मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था. कई सालों से लटकी हुई मान्यता को अब एमसीआई और स्वास्थ मंत्रालय ने अनुमति दे दी है. यहां 100 सीटों की परमिशन के बाद पढ़ाई शुरू हो जायेगी, जिसमें 60 सीटें पुरुष और बाकी महिलाओं के लिए की रखी गई है. जबकि इस कॉलेज को शुरू करने में सूबे के मौजूदा मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भी खासी दिलचस्‍पी दिखाई है.

कॉलेज प्रशासन में खुशी की लहर
बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज को मेडिकल कौंसिल ऑफ़ इंडिया की मान्यता मिलते ही कॉलेज प्रशासन में खुशी की लहर दौड़ गई. कॉलेज प्रशासन इसके लिए विगत दो वर्ष से इंतज़ार कर रहा था, जिसके लिए उसने सभी तैयारियां भी पूरी कर ली थी. राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के साथ एमरजेंसी सुविधाएं भी चालू हैं, लेकिन कुछ बिंदुओं को लेकर एमसीआई इसकी मान्यता देने में आना-कानी कर रहा था. जबकि 8 बार एमसीआई की टीम भी यहां का दौरा कर चुकी थी. कॉलेज प्रशासन द्धारा एमसीआई द्धारा लगाई गई आपत्तियों पर काम पूरा कर उन्हें दूर किया गया और अब कॉलेज को मान्यता दी गई है. जबकि 100 एमबीबीएस की सीटें आवंटित होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी है.

बदायूं वासियों को मिलेगी राहत



बदायूं में मेडिकल की पढ़ाई शुरू होने के साथ-साथ अच्छे डॉक्‍टर्स की तैनाती के बाद यहां के मरीजों को दूर जाना नहीं होगा. यही नहीं, अब यहां पर गंभीर बीमारियों का भी इलाज अब मिलने लगेगा. इससे पहले बदायूं के लोग अपना इलाज बरेली, लखनऊ, दिल्ली आदि जगह कराने के लिए जाते थे. इस मेडिकल कॉलेज शुरू होने से आसपास के जनपद के लोग अब यहां आकार इलाज करा सकेंगे. वहीं, मान्यता मिलने के बाद डीएम बदायूं मेडिकल कॉलेज पहुंचे और कॉलेज के प्रिंसिपल को धन्यवाद दिया.



डीएम ने सूबे के सीएम को दिया श्रेय
डीएम ने बदायूं मेडिकल कॉलेज के लिए ना सिर्फ प्रिंसिपल के प्रयासों की सराहनी की बल्कि इस का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया. उल्लेखनीय है गोरखपुर हादसे के बाद योगी सरकार ने प्रदेश में नवनिर्मित 8 मेडिकल कॉलेजों के कामकाज में सुधार के लिए अलग-अलग टीमें बनाई थी जो बदायूं, कन्नौज, बांदा, आज़मगढ़, जालौन, सहारनपुर, कानपुर, अम्बेडकरनगर की योजनाओं पर नजदीक से नजर रखे हुईं थी.

ऐसी हैं सेवाएं
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ आरपी सिंह का कहना है इस मेडिकल कॉलेज की OPD में अभी 2000 से 2500 मरीज रोजाना देखे जा रहे हैं. वहीं एमसीआई के मानक के हिसाब से हमने 300 बेड का अस्पताल, 4 बड़े OT, दो मायनर OT, 5 तरह के आईसीयू और OPD इनकी तैयारी पूरी कर ली है. जबकि छात्रों के लिए होस्टल भी बनकर तैयार हो गए हैं. सभी तरह की जांचों की भी सुविधा दी जा रही है. वहीं, अब तक यहां पर 2 लाख मरीज OPD में देखे जा चुके हैं.

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