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minor brother and sister accused in 8 years old murder case have to serve old people for 15 days

बदायूं: 8 साल पुराने मर्डर केस में दोषी भाई-बहनों को मिली 15 दिन तक बुजुर्गों की सेवा करने की सजा

यह मामला बदायूं के दातागंज क्षेत्र का है, जहां 25 जुलाई 2014 को हुई फायरिंग में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी. (प्रतीकात्मक)

यह मामला बदायूं के दातागंज क्षेत्र का है, जहां 25 जुलाई 2014 को हुई फायरिंग में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी. (प्रतीकात्मक)

यह मामला बदायूं के दातागंज क्षेत्र का है, जहां 25 जुलाई 2014 को हुई फायरिंग में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी. इस मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी पाए गए किशोर को 15 दिन और दोनों किशोरियों को 7 दिन वृद्धा आश्रम में सेवा दान का आदेश दिया है. इसके साथ ही इन सभी पर 10 -10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है. ये तीनों किशोर और किशोरियां रिश्ते में भाई-बहन हैं.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं में आठ साल पहले हुई गोलीबारी में एक बुजुर्ग की मौत के मामले में नामजद एक किशोर और दो किशोरियों को कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई है. किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी पाए गए किशोर को 15 दिन और दोनों किशोरियों को 7 दिन वृद्धा आश्रम में सेवा दान का आदेश दिया है. इसके साथ ही इन सभी पर 10 -10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है. ये तीनों किशोर और किशोरियां रिश्ते में भाई-बहन हैं.

दरअसल बदायूं के दातागंज क्षेत्र में 25 जुलाई 2014 को एक बुजुर्ग के ऊपर फायरिंग में हुई थी. इस संबंध में पुलिस में दर्ज एफआईआर में प्रेमपाल ने बताया था कि वह अपने घर के बाहर थे, उसी दौरान उनके बेटे वीरेंद्र से इन तीनों का किसी बात को झगड़ा हो गया. इसके बाद इन तीनों ने उन पर, उनके दामाद वीरेंद्र, बेटी कुमकुम और समधी विजेंद्र पर ईंट-पत्थर चलाए और फिर जान से मारने की नियत से फायरिंग की.

इस फायरिंग में गोली लगने के प्रेमपाल के समधी विजेंद्र घायल हो गए थे. ऐसे में शुरुआत में हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई गई. हालांकि इलाज के दौरान विजेंद्र ने दम तोड़ दिया, जिससे यह मुकदमा हत्या में बदल गया

पुलिस ने इस मामले में एक किशोर और दो किशोरियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट लगाते हुए नाबालिगों को किशोर न्यायालय बोर्ड भेजा था. इस मामले की सुनवाई करते हुए किशोर बोर्ड की न्यायाधीश आंचल अधाना, सदस्य प्रमिला गुप्ता और अरविंद कुमार ने इन सभी को सुधार गृह में बिताई गई अवधि के बराबर ही सजा सुनाई. ऐसे में इन्हें अब सुधार गृह में और ज्यादा दिन बिताने की जरूरत नहीं रही. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इन तीनों को अब वृद्धा आश्रम में सेवा दान देना होगा.

Tags: Badaun news, Murder case

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