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Modi Cabinet Expansion: कल्याण सिंह के करीबियों में शुमार हैं बीएल वर्मा, ये है राजनीतिक सफर

UP: बीजेपी के राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा (बदायूं) के मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में अटकलें तेज हैं.

UP: बीजेपी के राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा (बदायूं) के मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में अटकलें तेज हैं.

Badaun News: बीजेपी के राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा बदायूं में उझानी ब्लाक के ज्योरा पारवाला गांव के रहने वाले हैं. 1980 में उन्होंने आरएसएस के खंड कार्यवाह व तहसील प्रमुख के रूप में सामाजिक जीवन के सफर की शुरुआत की थी.

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बदायूं. केंद्र की मोदी सरकार में कैबिनेट विस्तार (Modi Cabinet Expansion) का दौर चल रहा है. फिलहाल केंद्र में कई मंत्रियों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं. नए मंत्रिमंडल विस्तार में कई नामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. इन्हीं में से एक राज्यसभा सांसद बदायूं (Badaun) के बीएल वर्मा (BL Verma) का भी नाम है. बीएल वर्मा को पिछले साल ही बीजेपी ने राज्यसभा का टिकट देकर संसद भेजा. अब उनके मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं. इसके पीछे तमाम सियासी मायने खोजे जा रहे हैं. पिछली बार जब उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया तो कयास लगाया गया कि रुहेलखंड के साथ आगरा मंडल में पार्टी ने लोधी वोट बैंक को सहेजने की कोशिश की है. वैसे बीएल वर्मा उत्तर प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (Former CM Kalyan Singh) के करीबी भी माने जाते रहे हैं.

बीएल वर्मा उझानी ब्लाक के ज्योरा पारवाला गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने 1980 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के खंड कार्यवाह व तहसील प्रमुख के रूप में सामाजिक जीवन के सफर की शुरुआत की थी. 1984 में वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री बने. इसके बाद वह लगातार संगठन के लिए कार्य करते रहे और 1997 में भाजयुमो के प्रदेश मंत्री बने. 2003 से 2007 तक वह भाजपा के प्रदेश मंत्री भी रहे.



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जब कल्याण सिंह ने बीजेपी छोड़ी और जन क्रांति पार्टी बनाई, तब बीएल वर्मा को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाय गया. इसके बाद कल्याण सिंह के साथ ही वह भाजपा में लौट आए. वह भाजपा रूहेलखंड के अध्यक्ष रहे और वर्ष 2016 में भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष बने और फिर उनके कद को बढ़ाते हुए पार्टी ने भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया. यूपी में बीजेपी की सरकार आने के बाद इन्हें राज्य मंत्री स्तर का यूपी सिडको का चेयरमैन बनाया गया.

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बदायूं: चपरासी ने स्वास्थ्यकर्मी बनकर गांव के दर्जनों लोगों को लगा दी वैक्सीन, बवाल

UP: बदायूं में वैक्सीनेशन के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है.

Badaun News: बदायूं के बिल्सी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत एक गांव में वैक्सीनेशन कैम्प लगा था. यहां चिकित्सीय टीम के साथ आए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) ने ही गांव के दर्जनों लोगों को वैक्सीन की डोज लगा दी.

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बदायूं. कोरोना (COVID-19) महामारी से जनता को महफूज करने के लिए यूपी सरकार लगातार जितने सार्थक कदम उठा रही है, निचले स्तर पर कोरोना को लेकर उतनी ही लापरवाही नजर आ रही है. ऐसा ही एक मामला बदायूं (Badaun) के बिल्सी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है. यहां प्रभारी गौरव वर्मा द्वारा करवाये जा रहे वैक्सीनेशन में चपरासी की ड्यूटी लगा दी गई. यहां चपरासी द्वारा वैक्सीनेशन करने का वीडियो वायरल हो रहा है. ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी मिली कि चपरासी वैक्सीनेशन कर रहा है तो जमकर विरोध शुरू हो गया. विरोध बढ़ते ही चपरासी मौका पाकर गांव से भाग निकला.

बिल्सी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत एक गांव में लगे वैक्सीनेशन कैम्प में पहुंची चिकित्सीय टीम में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चपरासी ने ही गांव के दर्जनों लोगों को वैक्सीन की डोज लगा दी. अनट्रेंड व्यक्ति द्वारा कोरोना वैक्सीन लगाने की सुगबुगाहट जब हुई, तब ग्रामीणों ने पूछताछ की. तभी चपरासी जतिन कैम्प से भाग गया. जिला प्रशासन विशेषकर स्वास्थ्य विभाग की जीवन से खिलवाड़ रूपी इस लापरवाही से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है.

ग्रामीण अमरीश, रविन्द्र पाल, सतीश का कहना है कि जब उन्होंने चपरासी जतिन से पूछा तो उसने कहा कि मुझे डॉक्टर साहब ने वैक्सीनेशन के लिए भेजा है इसीलिए मैं वैक्सीनेशन कर रहा हूं.

दरअसल बिल्सी सीएचसी क्षेत्र के अम्बियापुर ब्लॉक के ग्राम नगला डल्लू (पिंडौल) के प्राइमरी स्कूल में कैम्प लगा था. इसमें विभाग की ओर से जतिन कुमार, सरोज, सुनीता संगिनी और निर्मला एवं अनीता के अलावा एक अध्यापक नितिन कुमार को नियुक्त किया गया था. बता दें कि इस स्कूल में वैक्सीनेशन कैंप में बिल्सी सीएससी प्रभारी द्वारा फोर्थ क्लास चपरासी जतिन की ड्यूटी भी वैक्सीनेशन में लगा दी.

ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे अधिकारी उनके खिलाफ और जो वैक्सीनेशन कर रहा है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कुछ ग्रामीणों को हानि हो जाती या कोई परेशानी हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होती? इस सम्बन्ध में बिल्सी स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी ने कैमरे पर बात करने से मना कर दिया.

वहीं सीएमओ बदायूं विक्रम सिंह पुंडीर से news 18 ने बताया तो सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को फोन किया. उसने बताया कि वैक्सीनेशन करने वाली महिला कर्मचारी की तबीयत खराब होने के कारण चपरासी वैक्सीनेशन कर रहा था. सीएमओ ने कहा कि मेरे द्वारा ऐसा कोई भी वीडियो और फोटो नहीं देखा. अगर चपरासी द्वारा ऐसा किया जा रहा है तो वह गलत कर रहा है. इस प्रकरण में जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी.

बदायूं : ट्रक और टेंपो की आमने-सामने जोरदार टक्कर, दो महिलाओं और एक बच्ची सहित 6 की मौत

हादसे के बाद टैंपो के परखच्चे उड़ गए और ट्रक भी पलट गया.

Badaun Road Accident: टैंपो को रौंदने के बाद ट्रक भी दूसरी तरफ जाकर पलट गया. इस दौरान मौका देख कर ट्रक चालक फरार हो गया. हादसे में एक ही परिवार की दो महिलाओं और एक बच्ची की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया है.

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बदायूं. जिले के कासिमपुर गांव के पास बुधवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रहे टैंपो को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में दो महिलाओं और एक बच्ची सहित 6 लोगों की मौत हो गई. वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज चल रहा है. हादसा बदायूं आंवला रोड पर हुआ. टक्कर ‌इतनी तेज थी कि चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं अन्य दो की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई. बताया जा रहा है कि मृतकों में तीन एक ही परिवार के हैं जिसके बाद गांव में मातम फैल गया है.

तेज रफ्तार के चलते हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टेंपो कुंवरगांव से चला था जो बदायूं की तरफ से आ रहा था. वहीं विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक की रफ्तार काफी तेजी थी और सामने से आते टैंपो को देखने के बाद भी ट्रक चालक नियंत्रण नहीं कर सका. ट्रक ने टैंपो को बुरी तरह से रौंद दिया. हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया. इस हादसे में मुनेश, राम प्रसाद कुँवरगांव, वुन्दी, प्रेमलता ,सपना, काबया की मौत हो गई. वहीं मुकेश नामक व्यक्ति घायल हैं.

रक्षाबंधन पर घर आई थी बेटी
हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. इनमें सपना अपने पीहर रक्षाबंधन के दौरान बेटी कायबा के साथ आई थी. रक्षाबंधन के बाद वो अपनी मां प्रेमलता के साथ बदायूं जा रही थी. उनके साथ बेटी कायबा भी थी. इसी दौरान ये हादसा हो गया और तीनों ने दम तोड़ दिया.

टैंपो के उड़े परखच्चे
टक्कर इतनी तेजी थी कि ट्रक ने टैंपो को पूरी तरह से रौंद दिया और काफी दूर तक खींचता ले गया. इसके बाद आगे सड़क से उतर कर ट्रक भी पलट गया. हादसे के बाद मौके पर मची चींख पुकार के बीच लोग घायलों की मदद में लग गए और इसी बीच मौका देख कर ट्रक चालक फरार हो गया. अब पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है.

बदायूं: 80 लाख का कपड़ा बेचा, फिर कतरन भरकर लगा दी ट्रक में आग, ड्राइवर गिरफ्तार

UP: बदायूं में ट्रक में आग लगने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है.

Badaun News: बदायूं पुलिस ने ट्रक में आग लगने की घटना का चौंकाने वाला खुलासा किया है. पता चला कि ट्रक ड्राइवर ने 80 लाख का माल बेचकर साजिशन ट्रक को आग के हवाले किया.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) में थाना अलापुर पुलिस ने 80 लाख का कपड़ा हड़पने की साजिश करने वाले एक ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार करते हुए खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि ट्रक से नया कपड़ा चोरी कर पुराने कपड़ों की कतरन में आग लगाने वाले ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है. यही नहीं उसकी निशानदेही से जनपद रामपुर के एक गोदाम से कपड़े की 173 गांठ बरामद की है. इसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने 75 प्रतिशत माल बरामद कर लिया है.

19 अगस्त को जनपद मुरादाबाद के थाना मझोला के गांव जयंतीपुर निवासी बबलेश उर्फ पप्पू ट्रक में करीब 80 लाख रुपये का कपड़ा भरकर गुजरात से बिहार ले जा रहा था. बबलेश का ये खुद का ट्रक था और वो ही इसका ड्राइवर भी था. इस दौरान वह अपनी तबियत खराब होने का बहाना करके अपने घर मुरादाबाद आ गया. वहीं से उसने साजिश करके ट्रक में रखा 80 लाख का माल रामपुर में एक कारोबारी को दे दिया. इसके बाद ट्रक में कपड़े की कतरन भरकर रवाना हो लिया.

उसने साजिश रची और बदायूं-फर्रुखाबाद हाईवे पर अलापुर थाना क्षेत्र के रास्ते में ट्रक और ट्रक में रखी कतरन में आग लगा दी. ट्रक पूरी तरह से जल गया. जब बदायूं पुलिस को जानकारी मिली कि ट्रक में आग लग गई है तो मौके पर दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया. इस दौरान जांच में ड्राइवर ने ट्रक में भरे कपड़े में लाग लगने की बात कही, जो पुलिस को हजम नहीं हुई. पुलिस को शक हुआ कि कोई न कोई राज जरूर है.

जब कपड़ा मालिक से पुलिस ने बात की तो पता चला कि गुजरात कोलकाता का रूट सीधा वो उसने दूसरा रूट क्यों पकड़ा? इसके बाद जब पुलिस ने ड्राइवर पर दबाव बनाया, तब उसने पूरा राज उगल दिया. उसने ट्रक में भरे नए कपड़ों को बेच दिया और उसमें पुराने कपड़े भर दिए. इसके बाद अलापुर क्षेत्र के गांव अभियासा के समीप ट्रक में आग लगा दी.

बिहार निवासी कपड़ा मालिक मौके पर पहुंचा तो उसने जला हुआ कपड़ा पुराना पाया. उन्होंने चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया. पुलिस ने चालक को उनौला ढाबे के पास से गिरफ्तार कर लिया. उसकी, निशानदेही पर रामपुर के थाना अजीम नगर के गांव मिलक निवासी आरिफ के गोदाम पर दबिश दी. यहां पुलिस को गोदाम से चालक द्वारा बेचे गए कपड़े की 173 गांठ बरामद हो गई. कपड़ा मालिक ने बरामद हुए कपड़े की कीमत 60 लाख रुपये बताई है. एसपी सिटी प्रवीण सिंह ने बताया कि आरोपित को जेल भेज दिया गया है.

Raksha Bandhan 2021: भाई की जान बचाने के लिए बदायूं की दो बहनों ने दिया अनोखा गिफ्ट

बदायूं की दो दो बहनों ने लीवर डोनेट कर बचाई भाई की जान

Badaun News: परिवार में अचानक आई विपदा को लेकर सभी लोग बहुत परेशान हो गए. तब कृष्णा की छोटी बहन प्रेरणा ने परिजनों की समस्या को देखते हुए कहा कि मैं अपना लीवर अपने भाई कृष्णा को डोनेट करूंगी.

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बदायूं. रक्षाबंधन पर्व (Raksha Bandhan 2021) है भाई और बहन के प्यार का. इस पर्व पर बहन-भाई के माथे पर तिलक लगाकर कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा का वचन लेती है. लेकिन बदायूं (Badaun) में एक परिवार ऐसा है, जहां इस बार का रक्षाबंधन का त्यौहार अनोखा है, क्योंकि दो बहनों ने अपने भाई का जीवन बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दिया. दोनों बहनों ने अपनी जिंदगी की परवाह करके बिना एक अनमोल तोहफा रक्षाबंधन से पूर्व अपने भाई और पूरे परिवार को दिया. यही वजह है कि इस परिवार में रक्षाबंधन को लेकर एक अलग ही उल्लास है.

बदायूं के रहने वाले राजेश कुमार गुप्ता बिल्सी के जैन इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत हैं.  इनके बेटे अक्षत वैश्य उर्फ कृष्णा जिनकी उम्र 14 साल है, को एक दिन अचानक पेट में थोड़ा सा दर्द उठा. जिसके बाद कृष्णा को शहर के ही एक प्राइवेट क्लीनिक पर दिखाया गया, जहां पर उनकी टेस्टिंग हुई. उसके उपरांत डॉक्टर ने उन्हें बरेली ले जाने की सलाह दी. परिवार छोटे बच्चे के पेट में अचानक उठे दर्द से परेशान था. परिजन कृष्णा को बरेली ले कर गये. वहां पर टेस्टिंग में कृष्णा के लिवर में इन्फेक्शन पाया गया. डॉक्टरों की सलाह पर कृष्णा को हायर सेंटर भेजने की सलाह दी गई. परिजन बहुत परेशान हो गए. आखिर में बच्चे को मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने बच्चे का पूरा चेकअप करके बताया कि इसका लीवर पूरी तरह से डैमेज हो चुका है. लीवर ट्रांसप्लांट के सिवा कोई उपाय नहीं था.

लीवर ट्रांसप्लांट के लिए थी दो डोनर की जरूरत
परिवार में अचानक आई विपदा को लेकर सभी लोग बहुत परेशान हो गए. तब कृष्णा की छोटी बहन प्रेरणा ने परिजनों की समस्या को देखते हुए कहा कि मैं अपना लीवर अपने भाई कृष्णा को डोनेट करूंगी. जिसके बाद इसकी जानकारी संबंधित डॉक्टर और अस्पताल को दी गई. इस दौरान कृष्णा का उपचार लगातार अस्पताल में चल रहा था. लेकिन कृष्णा का वजन कुछ ज्यादा था तो डॉक्टर ने कहा कि कृष्णा को दो डोनर की जरूरत पड़ेगी. यह जानकारी जब कृष्णा की बड़ी बहन नेहा को हुई, जो इटली में अपनी पढ़ाई कर रही थी. वह तुरंत ही फ्लाइट पकड़कर इंडिया आ गई और उन्होंने भी इच्छा जाहिर की मै भी अपना लीवर अपने भाई कृष्णा को डोनेट करूंगी. अब डॉक्टर के पास दो ऑप्शन थे. दोनों के तमाम टेस्ट किए गए और उसके बाद सारे डॉक्टर इस बात पर एग्री हो गए कि यह दोनों में बहने अपने भाई की जिंदगी बचा सकती हैं. इसके बाद कृष्णा के ऑपरेशन की तैयारी की गई.  कृष्णा का ऑपरेशन लगभग 18 घंटे चला. इस दौरान कृष्णा की दोनों बहने नेहा और प्रेरणा को भी 7 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. कृष्णा 21 दिन हॉस्पिटल में रहने के बाद जब डिसचार्ज हुए तो बिल्कुल ठीक हो कर घर आये.

अनोखा हुआ इस बार का रक्षा बंधन
इस बार का रक्षाबंधन यह परिवार सभी सदस्यों के साथ अपने घर मैं मना रहा है. इस रक्षाबंधन पर इस परिवार में गजब का उल्लास है क्योंकि ऐसा रक्षाबंधन इन लोगों की जिंदगी में पहली बार आया है. उधर 14 वर्षीय 1कृष्णा इस बात को लेकर संशय में है कि मैं अपनी बहनों को इस रक्षाबंधन पर क्या गिफ्ट दूं. उसका कहना है कि मेरी बहनों ने मुझे इतना बड़ा गिफ्ट पहले से ही दे दिया है कि मेरी समझ में नहीं आ रहा कि मैं इन्हें क्या दूं.

पिता ने बेटियों को बताया बेटा 
वहीं कृष्णा के पिताजी का कहना है कि मेरी बेटियों ने इस रक्षाबंधन पर ऐसा काम किया है जिसके बारे में कुछ भी कहना कम होगा. मैं चाहता हूं कि हर परिवार में ऐसी बहन और ऐसा भाई ही हो. मुझे लगता था कि कि मेरे एक ही बेटा है, मगर बेटियों ने मुझे बेटा बनकर दिखा दिया है. जब बेटे की परेशानी बढ़ती जा रही थी तब मुझे कुछ भी सूझ नहीं रहा था. छोटी बेटी प्रेरणा आगे आई और उसने सबसे पहले लीवर डोनेट करने की बात कही और उसके बाद जब डॉक्टरों ने एक लिवर डोनेट होने से काम न चलने की बात कही तब बड़ी बेटी नेहा इटली से तुरंत ही अपना लिवर डोनेट करने के लिए आ गई. इस मुश्किल की घड़ी में बेटियों ने मुझे हौसला दिया. एक पिता बहुत कमजोर होता है जब उसके तीन बच्चे अस्पताल के बेड पर होते है.

बड़ी बहन ने कही ये बात
कृष्णा की बहन नेहा का कहना है कि मुझे जब कृष्णा के बारे में पता लगा तो मैं तुरंत इटली से फ्लाइट लेकर इंडिया आ गई. लेकिन मेरी छोटी बहन प्रेरणा ने पहले से ही मन बना लिया था कि मैं अपने भाई को लिवर डोनेट करूंगी. अमूमन एक ही लीवर की जरूरत पड़ती है डोनेट करने के लिए, लेकिन कृष्णा का वजन ज्यादा होने के कारण जब डॉक्टरों ने कहा कि दो लोगों की जरूरत पड़ेगी तो हम लोग तुरंत टेस्टिंग के लिए तैयार हो गए. सारी चीजें टेस्टिंग में सही मिली और हम अपने भाई को रक्षाबंधन से पूर्व यह गिफ्ट दे पाए यही हमारे लिए बहुत बड़ी बात है. आज हम अपने पूरे परिवार के साथ भाई के ठीक होने के बाद यह पर्व अपने घर पर मना रहे हैं. इसकी हम लोगों को बहुत खुशी है.

बदायूं में 8 से 10 हजार में लंगूरों की तस्करी, 3 तस्करों के पास से 14 लंगूर बरामद, एक मृत

UP: बदायूं में पुलिस ने तस्करी कर लाए जा रहे लंगूर बरामद किए हैं.

Badaun News: पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बताया जा रहा है कि ये लंगूर उन्नाव से लाए जाते थे और बदायूं लाकर 8 से ₹10 हजार में बेचे जाते थे.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) के उसहैत थाना क्षेत्र इलाके के वार्ड नंबर-3 में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार से 14 लंगूरों को बरामद किया है. पुलिस ने मामले में कार सवार 3 लोगों को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. कार के अंदर यह लंगूर बोरे में भरकर रखे गए थे. जब पुलिस ने इन्हें आजाद किया तो इनमें से एक लंगूर बोरे में मृत अवस्था में पाया गया.

पुलिस मृत लंगूर का पोस्टमार्टम करा रही है. वहीं बाकी लंगूरों को थाने में रखा गया है. वहीं पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके जेल भेज दिया है. बताया जाता है कि यह लंगूर उन्नाव से लाए जाते थे और बदायूं लाकर 8 से ₹10000 में बेचे जाते थे.

पूरा मामला उसहैत थाना क्षेत्र इलाके का है. बुधवार को थानाध्यक्ष चेतराम वर्मा को सूचना मिली कि कुछ लोग एक कार से बोरे में भरकर लंगूरों को ले जा रहे हैं. पुलिस ने वार्ड नंबर-3 पर कार को चेकिंग के दौरान रोका तथा कार की तलाशी ली तलाशी के दौरान कार के अंदर दो बोरे रखे हुए मिले. जब इन बोरों को खोला गया तो उसके अंदर से लंगूर कूदकर बाहर आए, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी हतप्रभ रह गए.

बोरों में 14 लंगूर निकले, जिसमें से एक लंगूर की मौत हो गई थी. गाड़ी में सवार फिरासत, नदीम और हसमत को पुलिस ने पकड़ा है. यह तीनों लोग लंगूरों को उन्नाव से कार द्वारा बदायूं जिले के कादरचौक क्षेत्र में ले जा रहे थे. यह लोग लंगूर की तस्करी का कार्य करते हैं तथा उन्हें यहां लाकर महंगे दामों पर बेच देते हैं. पुलिस ने मृत लंगूर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

पुलिस ने लंगूरों की तस्करी के आरोप में तीनों अभियुक्तों को वन जीव अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा है तथा मृत लंगूर के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है, जिससे आगे की विधिक कार्यवाही की जा सके. पुलिस ने लंगूरों को खाने पीने की व्यवस्था की. वहीं लंगूरों को हवालात के गेट से नई रस्सी लाकर बांध दिया है.

UP Election 2022: BJP ने नए मंत्रियों को लेकर की बड़ी प्‍लानिंग, 16 अगस्‍त से शुरू होगा खास अभियान

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में शामिल यूपी बीजेपी के महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने नई योजना के बारे में जानकारी दी है. (फाइल फोटो)

UP News: यूपी बीजेपी के महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा बीजेपी संगठन के सभी छह क्षेत्रों के जिलों को कवर करेगी, जहां केंद्रीय मंत्रियों के साथ स्थानीय विधायक और सांसद भी हिस्सा लेंगे.

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लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों की जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) शुरू कर रही है. यूपी में यह यात्रा 16 अगस्त को शुरू होगी. दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के साथ हुई बैठक में शामिल यूपी बीजेपी के महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में यह यात्रा बीजेपी संगठन के सभी 6 क्षेत्रों के जिलों को कवर करेगी. इसमें स्थानीय विधायक और सांसद भी हिस्सा लेंगे.

गोविंद नारायण शुक्‍ला ने कहा कि उत्त प्रदेश में ये यात्रा 19 अगस्त तक चलेगी. सभी मंत्रियों का रूट तैयार कर दिया गया है. इसके लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन सुनील बंसल पहले ही मंथन कर चुके हैं.

गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव के लिहाज से केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में 7 मंत्रियों को शामिल किया गया, जिसमें बीजेपी कोटे से पंकज चौधरी, भानु प्रताप वर्मा, बीएल वर्मा, कौशल किशोर, एसपी सिंह बघेल और अजय मिश्र रहे. वहीं, अपना दल (एस) से अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाया गया. सातों नए मंत्री का चयन करने में जातिगत समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन बनाने का ख्याल रखा गया. जन आशीर्वाद यात्रा के तहत अब सातों मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में सीधे न जाकर जन आशीर्वाद यात्रा करते हुए क्षेत्र में पहुंचेंगे.

UP Chunav 2022: टीम मोदी में शामिल यूपी के इन 6 सांसदों के साथ BJP ने बनाया बड़ा प्लान

बीजेपी के संगठनात्मक क्षेत्रों में से एक गोरखपुर क्षेत्र से महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी को मंत्री बनाया गया. पूर्वांचल में पिछड़ों में कुर्मी समुदाय भी यादवों की तरह सियासी तौर पर काफी ताकतवर है, जिस पर सभी पार्टियों की नजर रहती है. पंकज चौधरी छह बार के सांसद हैं और पूर्वांचल के कुर्मी समाज के बीच उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है.

काशी क्षेत्र से अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में जगह मिली. अनुप्रिया भी ओबीसी वर्ग के कुर्मी समुदाय से आती हैं. भाजपा ने अनुप्रिया को शामिल कर सहयोगी दलों के साथ-साथ यूपी के बड़े वोट वैंक को मजबूती के साथ जोड़े रखने का दांव चला है. मौजूदा समय में यूपी में कुर्मी समाज के बीजेपी के 6 सांसद और 26 विधायक हैं.

ब्रज क्षेत्र से दो मंत्री बनाए गए. इनमें आगरा के सांसद एसपी बघेल को मंत्रिमंडल में जगह मिली. ये अनुसूचित जाति से आते हैं. हालांकि, उन्हें पाल जाति से माना जाता है. बघेल समाज यूपी में अति पिछड़ी जाति में आती है, जिसका बृज के क्षेत्र में मजबूत सियासी आधार है. वे अपनी यात्रा से पाल और बघेल समुदाय को सियासी संदेश देने की कोशिश करेंगे.

पीएम मोदी ने अपनी कैबिनेट में ओबीसी से आने वाले बदायूं के बीएल वर्मा को भी शामिल किया. बीएल वर्मा ओबीसी के लोधी समाज से आते हैं. यूपी में लोध समुदाय लगभग 3 फीसदी है, लेकिन जिन इलाके में है, वहां पर जीतने की ताकत रखता है. खासकर मुलायम सिंह की बेल्ट में लोध वोटर ही बीजेपी का सियासी आधार है. और इस यात्रा से उस समाज के लिए संदेश रहेगा. आशीर्वाद यात्रा बृज क्षेत्र से लेकर रुहेलखंड और बुलंदेखंड तक के लोधी समुदाय के लिए संदेश होगा जो बीजेपी के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं.

वहीं, अवध क्षेत्र में लखनऊ के मोहनलालगंज सीट से सांसद कौशल किशोर और लखीमपुर के सांसद अजय मिश्र को मंत्री बनाया गया. कौशल किशोर दलित वर्ग के पासी समुदाय से आते हैं, जो अवध और पूर्वांचल में सियासी तौर पर काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. दलितों में जाटव-चमार के बाद सबसे बड़ी आबादी पासी समुदाय की है.

लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, रायबरेली, अमेठी, कौशांबी बहराइच, उन्नाव में पासी वोटर निर्णायक भूमिका में है. यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोटर भी काफी निर्णायक है, जिसे देखते हुए लखीमपुर खीरी से सांसद अजय मिश्र को मंत्री भी बनाया गया और आशीर्वाद यात्रा में ब्राह्मणों के लिए संदेश देते हुए लखनऊ से लखीमपुर तक जाएंगे.

मोदी कैबिनेट में दलित समुदाय से आने वाले भानु प्रताप वर्मा कानपुर क्षेत्र से हैं. ये जालौन जैसे पिछड़े जिले से आते हैं और 30 साल से बुंदेलखंड में बीजेपी का झंडा बुलंद किए हैं. भानु प्रताप वर्मा जालौन से पांच बार के सांसद हैं. भानु प्रताप वर्मा बीजेपी के अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और वे दलितों में कोरी समाज से आते हैं. यूपी में बुंदेलखंड और कानपुर के बेल्ट में कोरी समुदाय काफी अहम भूमिका में है. ऐसे आशीर्वाद यात्रा से क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को दुरुस्त करना बीजेपी का लक्ष्य है.

Caste Census: अब बीजेपी सांसद ने की जातिगत जनगणना की मांग, कहा- इससे ओबीसी समुदाय को मिलेगा फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने मंगलवार को ओबीसी आरक्षण बिल के मसले पर बीजेपी की ओर से सबसे पहले पार्टी का पक्ष रखा. ANI

Caste Census: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी Sanghmitra Maurya ने कहा कि पिछली सरकारों ने जातिगत जनगणना का विरोध किया था, लेकिन अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने राज्यों को इसका अधिकार दे दिया है.

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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के बदायूं से बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य (Sanghmitra Maurya) ने केंद्र सरकार से जाति जनगणना (Caste Census) कराने की मांग कर डाली है. ANI से बातचीत में संघमित्रा मौर्य ने कहा कि लोकसभा से पास हुए ओबीसी बिल (OBC Bill) से काफी मदद मिलेगी खासतौर यूपी में. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस के शासन में कभी भी जाति जनगणना नहीं हुई. आखिरी बार 1931 में जातिगत जनगणना हुई थी. पिछले काफी लंबे समय से जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग की जा रही है. इससे ओबीसी समुदाय को फायदा मिलेगा और जातिगत जनगणना होनी चाहिए. बता दें कि संघमित्रा मौर्य का बयान बीजेपी के स्टैंड से उलट है. पार्टी ने कभी जातिगत जनगणना का समर्थन नहीं किया है. ऐसे में संघमित्रा मौर्य का जातिगत जनगणना की मांग करना चौंकाने वाला है.

खबरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने मंगलवार को ओबीसी आरक्षण बिल के मसले पर बीजेपी की ओर से सबसे पहले पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि 1931 में जब जातिगत जनगणना हुई थी, तब देश में 52 फीसदी ओबीसी थे. लेकिन, अब किसी को कोई जानकारी नहीं है. ऐसे में जातिगत जनगणना होती है तो ओबीसी समुदाय को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने जातिगत जनगणना का विरोध किया था, लेकिन अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने राज्यों को इसका अधिकार दे दिया है.

अखिलेश यादव ने भी की मांग
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातिगत जनगणना की मांग तेज हो गई है. उधर, बिहार में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच इस मुद्दे पर सहमति दिख रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो इस मामले पर प्रधानमंत्री से मिलने का वक्त भी मांगा था. मानसून सत्र में लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी जातिगत जनगणना की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि भाजपा सिर्फ ओबीसी समुदाय का वोट लेना चाहती है, अगर उसे थोड़ी सी भी चिंता है तो तुरंत जातिगत जनगणना करवाए.

सपा के सांसद विश्वंभर प्रसाद निषाद ने ANI से कहा, “ओबीसी बिल का हम स्वागत करते हैं. अनुसूचित जाति की तरह ही राज्यवार ओबीसी की भी लिस्ट तैयार करवाई जानी चाहिए. कश्यप और निषाद जैसी जातियों के लिए जातिगत जनगणना बहुत महत्वपूर्ण है. जातिगत जनगणना के आधार पर आरक्षण में 50 फीसदी का कोटा भी बढ़ाया जाना चाहिए.”

बीजेपी की सहयोगी अपना दल ने मांगा ओबीसी मंत्रालय
दूसरी ओर बीजेपी की सहयोगी अपना दल (एस) ने भी रविवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण के लिए एक अलग केंद्रीय मंत्रालय और पूरे देश में जाति आधारित जनगणना की मांग की, ताकि समुदाय की सटीक आबादी का पता लगाया जा सके. अपना दल (एस) ने यह मांग ऐसे समय की है जब उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

जद (यू) के बाद उत्तर प्रदेश की पार्टी अपना दल (एस) सत्तारूढ़ भाजपा की दूसरी ऐसी सहयोगी पार्टी है, जिसने जाति आधारित जनगणना की मांग उठायी है. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले यह मांग महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा ओबीसी वर्ग का है.

अपना दल (एस) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘जाति आधारित जनगणना प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सटीक आबादी का पता लगाने के लिए समय की जरूरत है.’’ उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की सभी जनगणनाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी की गणना की गई, लेकिन ओबीसी की नहीं.

आजादी के बाद नहीं हुई ओबीसी की गणना
उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप, ओबीसी आबादी का कोई उचित अनुमान नहीं है. इसलिए, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि अगली जनगणना जाति-आधारित होनी चाहिए ताकि प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से ओबीसी की सटीक आबादी का पता लगाया जा सके.’’

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल ने कहा, ‘‘इससे यह सुनिश्चित होगा कि एक विशेष जाति वर्ग का हिस्सा, उनकी आबादी पर आधारित हो.’’ उन्होंने कहा कि पार्टी यह भी मांग करती है कि ओबीसी के कल्याण के लिए एक अलग मंत्रालय होना चाहिए.

आशीष पटेल ने कहा, ‘‘केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की तर्ज पर ओबीसी के कल्याण के लिए एक अलग और समर्पित मंत्रालय होना चाहिए.’’ अपना दल (एस) 2014 से राजग का घटक है. पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल को नरेंद्र मोदी सरकार के हालिया मंत्रिपरिषद विस्तार में केंद्रीय मंत्री बनाया गया था.

वह कुर्मी जाति से हैं, जो ओबीसी वर्ग में आती है. उत्तर प्रदेश की लगभग 50 विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी का प्रभाव है, जो ज्यादातर पूर्वी उत्तर प्रदेश में हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस साल अप्रैल में सरकार से भारत की जनगणना 2021 कवायद के तहत ओबीसी की आबादी पर आंकड़े एकत्र करने का आग्रह किया था.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2018 में 2021 की जनगणना में पहली बार ओबीसी पर आंकड़े एकत्र करने की परिकल्पना की थी. हालांकि, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस साल 10 मार्च को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा था कि स्वतंत्रता के बाद, भारत ने नीतिगत रूप में निर्णय लिया था कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को छोड़कर आबादी की जाति-वार गणना नहीं की जाएगी.

UP Crime: दूसरे से शादी करने से नाराज़ प्रेमी कांस्टेबल ने महिला होमगार्ड पर फेंका तेज़ाब

पुलिस मामले की जांच जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सिविल लाइन पुलिस थाना क्षेत्र में शहर के जेल तिराहे के पास 8 अगस्त की रात ड्यूटी से वापस पैदल लौट रही महिला होमगार्ड पर एसिड अटैक कर दिया गया.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बदायूं में जेल तिराहे के पास एक महिला होमगार्ड पर एसिड अटैक कर दिया गया. वह जेल में ड्यूटी करके पैदल वापस लौट रही थी. वारदात 8 अगस्त की रात की है आरोप हैं कि उझानी कोतवाली में तैनात कांस्टेबल कुमित ने महिला होमगार्ड पर एसिड अटैक किया . इससे महिला आरक्षी बुरी तरह झुलस गई है.. पुलिस ने पहले महिला होमगार्ड को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, उसके बाद जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया . इस मामले में महिला होमगार्ड की तहरीर पर पुलिस ने कांस्टेबल कुमित और एक अज्ञात के खिलाफ धारा 326-बी में मुकदमा दर्ज कर लिया है.

महिला होमगार्ड ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि तीन साल पहले उसके कांस्टेबल से प्रेम संबंध थे. इस बीच आरक्षक ने उससे करीब 3 लाख रुपए ले लिए थे. अप्रैल 2021 में महिला होमगार्ड की शादी हो गई. इसके बाद आरक्षक उसे तंग करने लगा. इस मामले में जब महिला होमगार्ड ने एडीजी से शिकायत की थी तो आरक्षक शिकायत को वापस लेने की धमकी देने लगा था. इसी को लेकर आरक्षक ने महिला होमगार्ड पर एसिड अटैक किया.

मामले की जांच कर रही पुलिस
इस संबंध में इंस्पेक्टर संजीव शुक्ला का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और सिपाही की लोकेशन भी निकलवाई गई. जिस बाइक से दरोगा सिपाही अपने साथी के साथ आया था उस बाइक की भी तलाश की जा रही है और जो अज्ञात व्यक्ति बाइक चला रहा था उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. महिला होमगार्ड आरक्षी का मेडिकल भी करा दिया गया है. उसी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

UP News: दिनेश बन दानिश ने युवती को प्रेम जाल में फंसाया, शारीरिक संबंध बनाए, फिर धर्मांतरण करा पढ़वाई निकाह

एटीएस को सलाउद्दीन के अलावा वडोदरा में दो अन्य पर शक है. .( सांकेतिक तस्वीर)

UP Forceful Conversion: मामला कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव गौरामई का है, यहां का निवासी दानिश पुत्र अहमद मियां दिल्ली में काम करता था. वहां साल भर पहले उनकी मुलाकात बुलंदशहर की एक युवती से हुई. दानिश ने उसे अपना नाम दिनेश बताकर प्रेम जाल में फंसाया और उससे शादी भी कर ली.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) जनपद में जबरन धर्मांतरण (Forceful Conversion) का मामला सामने आया है. थाना कादरचौक के गौरामई गांव में बुलंदशहर की एक युवती का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसका निकाह पढ़वाया गया. इतना ही नहीं युवती के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और प्रताड़ित भी किया गया. युवती किसी तरह से आरोपियों के चंगुल से बचकर अपने बहन-बहनोई के घर पहुंची और कादरचौक पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज करवाया. पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया.

मामला कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव गौरामई का है. यहां का निवासी दानिश पुत्र अहमद मियां दिल्ली में काम करता है. वहां साल भर पहले उनकी मुलाकात बुलंदशहर की एक युवती से हुई थी. आरोप है कि दानिश ने उसे अपना नाम दिनेश बताकर प्रेम जाल में फंसाया, उसके बाद संबंध बनाए और शादी भी कर ली. दानिश जब युवती को गांव ले गया तो वहां उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर निकाह पढ़वाया गया. गैर मजहब के युवक से शादी होने का राज खुलने के बाद युवती के पैरों तले जमीन खिसक गई.

विरोध करने पर पिता-भाई ने किया शारीरिक शोषण
युवती का आरोप है कि विरोध करने पर दानिश ने अपने पिता और भाई चाहत मियां से उसका शारीरिक व मानसिक शोषण कराया. कुछ दिन तक मुजरिया के छगनपुर निवासी आमिर के घर भी विवाहिता रखी गई. 12 जून को वह दानिश के घर से मौका पाकर भाग निकली और खुर्जा निवासी अपनी बहन-बहनोई के यहां पहुंची. वहां पूरा मामला खुला तो परिवार के लोग एसएसपी (बदायूं) संकल्प शर्मा के पास पहुंचे और तहरीर दी. एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया.

UP News: पति को तलाक देकर बहू ने ससुर से रचाई शादी, ऐसे खुला राज!

पति को तलाक देकर बहू ने ससुर से रचाई शादी (सांकेतिक तस्वीर)

UP News: शादी (Marriage) के कुछ समय बाद देवानंद ससुर अपनी बहू को अपना दिल दे बैठा. दोनों ने आपस में प्रेम संबंध हो गए.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) जनपद में एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां शादी (Marriage) के बाद पत्नी ने पति को तलाक देकर अपने ससुर के साथ शादी कर ली. पूर्व पति की शिकायत पर पुलिस दोनों को पकड़ लिया, लेकिन कोर्ट में शादी होने के कागजात देखकर उन्हें छोड़ दिया गया. शादी के वक्त पति नाबालिग था. वह अपनी मर्जी से ससुर के साथ गई. दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली.

मामला बिसौली कोतवाली क्षेत्र के दबथरा गांव का है. जहां एक नाबालिग की शादी कुंवरगांव थाना क्षेत्र में एक लड़की के साथ 2016 में शादी हुई थी. उस समय देवानंद के पुत्र सुमित की 15 साल के थे. सुमित की मां की मृत्यु 2015 में हो गई थी. इसी के चलते उनके पिता देवानंद ने अपने बेटे की शादी जल्दी 2016 में कर दी थी. शादी के कुछ समय बाद देवानंद अपनी बहू को अपना दिल दे बैठा. दोनों के आपस में प्रेम संबंध हो गए.

Kanpur News: विकास दुबे के नाम पर यूपी पुलिस के IG को दी जान से मारने की धमकी, हिरासत में युवक

इसके बाद ससुर अपनी बहू को लेकर फरार हो गया. साल 2016 में महिला ने अपने पति से तलाक ले लिया और अपने ससुर के साथ शादी रचा ली. ससुर देवानंद सफाई कर्मचारी था. बताया जाता है कि देवानंद और उसकी पुत्र वधू से एक बेटा भी है जो अब 2 साल का हो गया है. सुमित अपनी पत्नी और पिता की तलाश में घूमता रहा, जिसकी शिकायत बिसौली कोतवाली में दर्ज कराई थी. सुमित के तलाश करने के बाद जब दोनों का कहीं पता नहीं चला तब सुमित ने बिसौली कोतवाली पुलिस से आरटीआई डालकर जवाब मांगा.

पुलिस ने इस पूरे मामले का मामले की जानकारी सुमित को उपलब्ध कराई है. इस मामले में बिसौली कोतवाल ऋषि पाल सिंह ने बताया कि सुमित जुआ और नशे का आदी हो गया था, जिसके चलते उसकी पत्नी दूर रहने लगी बुरी आदत की वजह से पत्नी तलाक ले लिया था. पत्नी के साथ उसके पिता की शादी की जानकारी भी सुमित को थी, लेकिन वह अपने लिए परवरिश और खर्चों की मांग लगातार करता था. जब विवाद ज्यादा बढ़ गया तब सब इंस्पेक्टर ने देवानंद सुमित और लड़की को बुलाया. जिसमें आपस में पंचायत हुई और लड़की ने अपने ससुर के साथ शादी कर लेने के कारण साथ रहने की हामी भर दी. वहीं, सुमित अपनी परवरिश के साथ छोटे भाई की देखरेख की जिम्मेवारी पिता देवानंद को उठाने के लिए कहा जिस पर दोनों में विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है.

बदायूं: शादी के 3 दिन बाद नवविवाहिता के साथ पति और ससुरालवालों की हैवानियत, पढ़िए पूरी स्टोरी

यूपी के बदायूं में एक नवविवाहिता के साथ दहेज उत्पीड़न और जानलेवा हमला करने का मामला आया है.

Badaun News: बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव के सुनील की शादी सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव मुडारी सिधारपुर की उर्मिला के साथ 21 जून को हुई थी. विदा होकर जब नवविवाहिता ससुराल पहुंची तो तभी से उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) जनपद के जरीफनगर क्षेत्र में शादी के महज 3 दिन बाद ही दुल्हन (Bride) के साथ हैवानियत की घटना सामने आई है. कुछ बातों से उसका पति इतना खफा हो गया कि उसने पत्नी को पहले डंडे से पीटा, फिर गर्म चिमटा से शरीर को कई जगह दागा. गंभीर हालत में विवाहिता को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विवाहिता ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट पर 7 टांके आये हैं. अस्पताल में महिला का मेडिकल कराया गया. पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है. वहीं पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति और सास समेत परिवार के 7 लोगों पर दहेज उत्पीड़न व जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है.

जरीफनगर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव के सुनील की शादी सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव मुडारी सिधारपुर की उर्मिला के साथ 21 जून को हुई थी. आरोप है कि शादी के विदा होने के बाद जब नवविवाहिता घर पहुंची तभी से उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. पीड़ित उर्मिला का आरोप है कि शादी के तीसरे दिन 24 जून को उसके साथ पति और अन्य ससुरालियों ने जमकर मारपीट करने के बाद यातनाएं भी दी. उसके प्राइवेट पार्ट्स पर गर्म चिमटा लगा दिया.

पीड़िता के पिता को जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को तहरीर दी और पीड़िता नवविवाहिता को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पीड़िता ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट्स पर चोटों के कारण डॉक्टर ने टांके लगाए गए हैं.

एसएसपी बदायूं संकल्प शर्मा ने बताया कि एक मामला जरीफनगर थाना क्षेत्र से आया है. जिसमें एक पिता ने पुलिस को तहरीर दी है और गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. नवविवाहिता को मेडिकल के लिए महिला अस्पताल में पुलिस में भर्ती कराया है. फिलहाल पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है.

...जब अचानक कार छोड़कर बैलगाड़ी पर सवार हो गई बदायूं की DM दीपा रंजन, जानिए पूरा मामला

...जब अचानक कार छोड़कर बैलगाड़ी पर सवार हो गई बदायूं की DM दीपा रंजन

जिलाधिकारी (DM) दीपा रंजन ने लोगों से उनकी समस्या सुनी और ग्रामीणों से कहा कि आप लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) की जिलाधिकारी (DM) दीपा रंजन गुरुवार को जिले के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की दुश्वारियों को कम करने और राहत कार्यों को देखने बैलगाड़ी पर सवार होकर पहुंच गईं. वहां उन्होंने भोजन से लेकर उपचार तक की व्यवस्था चाक-चौबंद बनाए रखने के निर्देश दिए. डीएम ने सहसवान क्षेत्र के गांव धापड़, परशुराम नगला, खागी नगला और भरौलिया का निरीक्षण बैलगाड़ी पर बैठकर किया. उनके साथ अन्य अफसर भी बैलगाड़ी पर बैठे नजर आए.

बदायूं में गंगा नदी में पानी तो कम हो गया है, लेकिन ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जिलाधिकारी दीपा रंजन ने नाव और बैलगाड़ी से सहसवान क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित गांवों का दौरान कर ग्रामीणों की समस्याएं देखीं और उनका निदान कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए विद्यालय में राहत शिविर बनवा दिया है. भोजन से लेकर उपचार तक की व्यवस्था चाक-चौबंद बनाए रखने के निर्देश दिए.

UP: सीएम योगी ने आज बुलाई कैबिनेट बैठक, कई प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी

जिलाधिकारी दीपा रंजन ने लोगों से उनकी समस्या सुनी और ग्रामीणों से कहा कि आप लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं, प्रशासन द्वारा बाढ़ चैकी राहत शिविर सिठोलिया में पुख्ता खाम के प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में रहने सहित खाने आदि का प्रबंध कराया है. वहीं पर जाकर आप लोग रहे ताकि आपके परिवार एवं बच्चे सुरक्षित रह सकें. अगर लोग पानी के बीच रहेंगे तो कोई भी बीमारी अपनी चपेट में ले सकती है. बरसात का मौसम है, कभी बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. इसलिए लोगों के लिए स्कूल में जाकर रहना उचित रहेगा. इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह एवं उप जिलाधिकारी सहसवान ज्योति शर्मा बाढ़ अभियंता उमेश चंद्र सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे.

UP: इस बार बुद्ध पूर्णिमा और गंगा दशहरा पर नहीं कर पाएंगे गंगा स्नान, लगी रोक, तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट

वहीं, त्योहारों के दिन निगरानी करने के लिए गंगा घाट पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे. (सांकेतिक फोटो)

सोमवार को डीएम दीपा रंजन (डीएम दीपा रंजन) ने आने वाले समय में तमाम धार्मिक आयोजनों को लेकर मजिस्ट्रेट अफसर तैनात कर कार्यक्रमों पर रोक लगायी है.

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बदायूं. बुद्ध पूर्णिमा (Buddha poornima) और गंगा दशहरा पर इस बार गंगा नदी (Ganga) में स्नान नहीं कर पाएंगे. इसके पीछे की वजह कोरोना वायरस बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने गंगा में डूबकी लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. कोरोना वायरल (Corona viral) के चलते इस बार कोई भी घाटों पर गंगा स्नान नहीं करेगा. क्योंकि भीड़ जुटने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. वहीं, त्योहारों के दिन निगरानी करने के लिए गंगा घाट पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे.

सोमवार को डीएम दीपा रंजन ने आने वाले समय में तमाम धार्मिक आयोजनों को लेकर मजिस्ट्रेट अफसर तैनात कर कार्यक्रमों पर रोक लगायी है. बताया जा रहा है कि वर्तमान में शासन से कोरोना कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है. साथ ही जिले में धारा 144 लागू है. ऐसे में यदि गंगा घाट पर भीड़ जुटती है तो फिर से कोरोना संक्रमण फैलने का डर रहेगा. वहीं, गंगा स्नान घाटों पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने को मजिस्ट्रेट को नामित किये गये हैं नामित मजिस्ट्रेट की तैनाती स्थल लाल बहादुर एसडीएम सदर कछला स्थित भागीरथ घाट, चंद्रशेखर बीडीओ उझानी कछला घाट कासगंज की ओर तैनात रहकर निगरानी करेंगे.

एक जून से टीकाकरण के निर्देश दिए हैं
वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि कोरोना टेस्ट (COVID-19 Test) के साथ ही अब उत्तर प्रदेश ने टीकाकरण में भी अपना लोहा मनवाया है. 24 मई को प्रदेश में 2 लाख 79 हज़ार से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन की डोज़ दी गईं. केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, टीकाकरण के मामले में महाराष्ट्र दूसरे और मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर है. महाराष्ट्र में 247633, तो मध्य प्रदेश में 214633 लोगों को टीका लगाया गया. आने वाले दिनों में टीकाकरण अभियान में और तेजी देखने को मिलेगी. मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को 18 से 44 आयु वर्ग वालों के लिए प्रदेश के सभी जिलों में 1 जून से टीकाकरण के निर्देश दिए हैं.

बदायूं: खेलते-खेलते कार में लॉक हुए बच्चे, दम घुटने से एक की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदलीं

दो बच्चियों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.

Badaun News: एक एसयूवी कार में खेलते हुए तीन बच्चे लॉक हो गए. बच्चों की गाड़ी के अंदर दम घुटने से साजिद के 3 साल के पुत्र साविद की मौत हो गई, जबकि उसके भाई राशिद की 5 साल की बेटी अलशिफा और 3 साल की बेटी मंतशा दम घुटने से गाड़ी के अंदर बेहोश हो गई.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के परा मोहल्ले में उस समय एक बड़ा हादसा हो गया, जब खेलते वक्त तीन बच्चे एक एसयूवी कार में लॉक हो गए. गाड़ी में लॉक लगने के बाद एक बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों बच्चों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत स्थिर बतायी है.

अलापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले साजिद अपने बहनोई कैसर अली की बेटी की शादी में दातागंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला परा में आए हुए थे. लड़की की शादी दोपहर में थी और सभी लोग शादी की खुशियों में मस्त थे. वहीं साजिद और उसके भाई राशिद के बच्चे किसी तरह से एसयूवी गाड़ी की चाबी ले आए. चाबी लाने के बाद बच्चे गाना सुनने के लिए गाड़ी के अंदर बैठ गए. गाड़ी के अंदर बैठने के बाद कुछ ही समय बाद गाड़ी में लॉक लग गया. बच्चों के काफी प्रयास बाद जब लॉक नहीं खुला तो वो बेहोश होने लगे. बच्चों की गाड़ी के अंदर दम घुटने से साजिद के 3 साल के पुत्र साविद की मौत हो गई, जबकि उसके भाई राशिद की 5 साल की बेटी अलशिफा और 3 साल की बेटी मंतशा दम घुटने से गाड़ी के अंदर बेहोश हो गई.

शादी से लौटते मेहमानों ने बच्चों को कार में बेहोश देखा
जब मेहमान शाम के टाइम घर जाने लगे, तब गाड़ी के अंदर बच्चों को गंभीर हालत में बेहोश देखा। जिसमें एक बच्चे की मौत हो चुकी थी, जबकि राशिद की दोनों बच्चियां गंभीर हालत में सांसे भर रही थीं. इन दोनों बच्चियों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इन बच्चों की हालत अब स्थिर है. घटना के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई.

बदायूं: पिकअप और मारुति वैगनआर की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर, मां-बेटे सहित 4 की मौत

बदायूं में भीषण सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है.

Badaun News: बदायूं में एक महिला की तबियत खराब होने के चलते उसे इलाज के लिए उसके परिजन और रिश्तेदार वैगनआर कार से जनपद संभल के बहजोई जा रहे थे. बदायूं-मुरादाबाद हाईवे पर मुरादाबाद की तरफ से आ रही पिकअप से आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) में बिसौली कोतवाली क्षेत्र के बदायूं-मुरादाबाद हाईवे पर मंडी समिति पर भीषण सड़क हादसा (Road Accident) हो गया. इस हादसे में 4 लोगो की मौके पर ही मौत (Death) हो गई. मरने वालों में मां-बेटे भी हैं. बताया जा रहा है कि पिकअप और मारुति वैगनआर कार की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हुई है. टक्कर इतनी तेज हुई और हादसा इतना भीषण था कि पुलिस को शवों को निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. इस हादसे में एक महिला और एक पुरूष घायल हुआ है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिनकी हालात भी नाजुक बनी हुई है.

वहीं बदायूं में हुई इस सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मौक़े पर रहकर पीड़ितों की यथासंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा दिलाने के भी निर्देश दिए हैं.

महिला को अस्पताल ले जा रहा था परिवार

बता दें बिसौली कोतवाली क्षेत्र के कस्वे की रहने वाली एक महिला की तबियत खराब होने के चलते उसे इलाज के लिए उसके परिजन और रिश्तेदार वैगनआर कार से जनपद संभल के बहजोई जा रहे थे. कस्बे से निकलते ही बदायूं-मुरादाबाद हाईवे पर मंडी समिति के पास मुरादाबाद की तरफ से आ रही पिकअप की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई. इस टक्कर में कार सवार मां-बेटे, ड्राइवर सहित एक अन्य महिला की मौत हो गई. वहीं एक महिला और एक पुरूष घायल हो गए हैं, जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल भेज दिया है. दोनों की हालत भी गंभीर बनी हुई है.

पुलिस को शवों को निकालने में करनी पड़ी मशक्कत

टक्कर इतनी जबरदस्त हुई थी कि सूचना पर पहुंची पुलिस को चारों शव निकालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी. इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

2 दिन में अलग-अलग हादसों में 10 की मौत

बता दें बदायूं में 2 दिनों में एक्सीडेंट से अलग-अलग हादसों में अब तक 10 की मौत हो चुकी है. 21 मई को बाइक सवार तीन लोगों की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी. दुर्घटना में रोडवेज बस ने बाइक सवार को रौंदा था, जिसमें एक शख्स, उसके जीजा और भतीजे की मौत हुई थी. सहसवान कोतवाली क्षेत्र बदायूं दिल्ली हाईवे पर यह घटना हुई थी. 21 मई को ही बेटे की शादी का सामान लेकर लौट रहे पिता को रेते से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली ने रौंद दिया था. जिसमें जिसके बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई.

साइबर अपराधियों ने बदला क्राइम का ट्रेंड, न्यूड वीडियो चैट से कर रहे ब्लैकमेल, बदायूं में 10 को बनाया शिकार

(सांकेतिक तस्वीर)

Cyber Crime: फ्रॉड करने वालों की ओर से आपके फेसबुक, व्हाट्सएप आदि सोशल साइट्स (Social Media Site) पर आपको अचानक एक वीडियो कॉल आती है. जब आप कॉल रिसीव करते हैं तो दूसरी ओर कोई लड़की या औरत होती है. यूपी के बदायूं में करीब 10 लोग इसके शिकार हुए हैं.

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बदायूं. जहां एक ओर डिजिटलीकरण के कारण लेनदेन बढ़ा है. वही लोगों को ऐसी टेक्नोलॉजी से सतर्क रहने की भी जरूरत है. साइबर अपराधियों ने अब एक नया ट्रेंड चालू किया है, जिससे लोग न सिर्फ ब्लैकमेलिंग और ठगी (Black Mailing And Cheating) का शिकार हो रहे बल्कि आत्महत्या (Suicide) तक कर रहे हैं. दरअसल यह फ्रॉड करने वालों की ओर से आपके फेसबुक, व्हाट्सएप आदि सोशल साइटों पर आपको अचानक एक वीडियो कॉल आती है. जब आप कॉल रिसीव करते हैं तो दूसरी ओर कोई लड़की या औरत होती है. वो कुछ ही सेकंड में अपने वस्त्र उतार देती है और जिसकी वह फोन पर रिकॉर्डिंग कर लेती है, जिसमें आपकी फोटो भी स्क्रीन पर दिख रही होती है.

इसके बाद वही वीडियो आपके मोबाइल पर उन्हें दोबारा सेंड कर दी जाती है और इस वीडियो को वायरल करने की धमकी दी जाती है. जिसके चलते लोग घबरा जाते हैं. ठगों द्वारा उनके बैंक एकाउंट में रुपये डालने की बात कही जाती है. कुछ लोग इस जाल में फंस जाते हैं. फंसने के बाद रकम उसके अकाउंट के खाते में दे दी जाती है. यह लोग जिन लोगों के ज्यादा फ्रेंड्स या पॉपुलर होते हैं या ज्यादा अमीर होते हैं उन लोगों को यह लोग अपना निशाना बनाते हैं. यह सभी लोग फेसबुक और व्हाट्सएप को साइबर क्राइम के जरिए रीड करते रहते है. उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में अभी तक करीब 10 लोगों का ऐसा मामला सामने आया है.

लोगों को दी ये सलाह
इन मामलों पर बदायूं बिल्सी के सीओ अनिरुद्ध सिंह ने जांच की. इसके बाद उन्होंने इसको अपने फेसबुक, व्हाट्सएप, टि्वटर पर लोगों को आगाह करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी. इसके बाद सीओ को देश के अलग-अलग जगह से अपने साथ होने वाले फ्रॉड की जानकारी दी गई.

ये बने शिकार
बदायूं बिल्सी कस्बे के रहने वाले यह प्रफुल्ल वार्ष्णेय का बड़ा व्यापार है और साथ ही साथ वह पेट्रोल पंप के मालिक भी हैं. इनका मोबाइल नंबर और अकाउंट ज्यादा प्रचलित होने के कारण साइबर अपराधियों ने इनको अपना शिकार बनाने की कोशिश की. इस कोशिश के जरिए उन्होंने इनके सोशल साइट्स पर फोन किया और न्यूड वीडियो फोटो आना शुरू हो गए, जिसके बाद पीछे से रिकॉर्डिंग भी शुरू कर दी गई, जिसमें उनका फोटो आ रहा था. इस बात की जानकारी तुरंत इन्होंने बदायूं बिल्सी के सीओ अनिरुद्ध सिंह को दी. इसके बाद मामले की जांच की गई.

अन्य कारोबारी ने ली सीओ से मदद
एक अन्य व्यापारी सुधीर ने बताया कि इनके भतीजे के नंबर पर व्हाट्सएप कॉल आती है और कॉल आने के बाद यह लोग उसी तरीके से एक सामने महिला दिखाई देती है और कुछ ही सेकंड में वह नग्न हो जाती है और स्क्रीन के ऊपर चल रहे फोटो के ऊपर वह स्क्रीन रिकॉर्डर से सारी रिकॉर्डिंग कर लेती है और इसके बाद वही वीडियो इनके मोबाइल पर भेज दी जाती है. वीडियो भेजने के बाद इनका भतीजा परेशान होता है. 2 दिन तक किसी से कोई बात नहीं करता है, घर में गुमसुम रहता है इस बात की जानकारी जब धीरे-धीरे घर वालों को दी. तब घरवालों ने सीओ से मदद करने की बात कही.

ठगों से ऐसे बचें
सीओ बिल्सी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि इस समय साइबर अपराधियों ने अपना ट्रेंड बदल दिया है. पहले यह लोग ओटीपी पूछकर बैंकों से रुपया निकाल लेते थे या अपनी तरफ ट्रांसफर कर लेते थे. अब वे वीडियो कॉल से फंसाने की कोशिश करते हैं. मैंने इस बात को लेकर सोशल साइट्स पर भी लिखा. लोगों को ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है जब भी किसी का फोन आए या व्हाट्सएप या फेसबुक कॉल आए तब आप यह समझ जाइएगा कि कोई ऐसा करने जा रहा है, केवल परिचित के मोबाइल की ही कॉल से ही बात करें. या जब भी किसी की बाहरी लोग की कॉल आए, तब अपने मोबाइल के फ्रंट कैमरा को आसमान की तरफ ऊपर कर दें या फ्रंट कैमरा के ऊपर अपना अंगूठा रख दें फिर उससे बात करें.

बदायूं: पंचायत चुनाव में ड्यूटी कर लौटे शिक्षक की कोरोना से मौत, बेटियां शव लेकर पहुंचीं DM आवास

बदायूं में शिक्षक की मौत के बाद  उसकी बेटिशं शव लेकर सीधे डीएम आवास पहुंच गईं.

Badaun News: सहसवान तहसील के पालपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापक देशपाल सिंह की पंचायत चुनाव में बतौर पीठासीन अधिकारी ड्यूटी निभाई थी. बेटी अनुराधा के मुताबिक ड्यूटी से घर लौटने के बाद ही उन्हें बुखार आ गया था.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) में कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र में पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी कर चुके अध्यापक देशपाल सिंह (Teacher Deshpal Singh) की इलाज के दौरान मंगलवार तड़के बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई. घरवालों ने बताया कि चुनाव में ड्यूटी के दौरान उन्हें कोरोना (COVID-19) संक्रमण हो गया था. इसके बाद सीटी स्कैन कराने पर फेफड़ों में संक्रमण आया था. गुस्साए घरवाले बरेली में मौत के बाद सीधे शव को लेकर डीएम आवास के सामने पहुंच गए. चुनाव ड्यूटी के तहत मुआवजा की मांग करते हुए उन्होंने एंबुलेंस भी डीएम आवास के दूसरे छोर पर खड़ी कर दी. सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार सदर ने उन्हें समझा-बुझाकर जांच कराने का भरोसा दिलाया, तब कहीं जाकर परिजन शव लेकर घर की तरफ लौटे.

सहसवान तहसील क्षेत्र के पालपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापक देशपाल सिंह (50) उझानी कस्‍बे के कृष्णा कॉलोनी में रहते थे. पंचायत चुनाव में बतौर पीठासीन अधिकारी उनकी ड्यूटी कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र में लगी थी. बेटी अनुराधा पाल के मुताबिक ड्यूटी से घर लौटने के बाद ही उन्हें बुखार आ गया था. इसके बाद एंटीजन टेस्ट कराया गया तो 1 मई को वह कोरोना पॉजीटिव निकले. इलाज के दौरान हालात में सुधार नहीं हो पाया. शुरू में मेडिकल कॉलेज में भी इलाज कराया गया था. हालत बिगड़ जाने पर उन्हें दो दिन पहले ही बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान भी सिटी स्कैन से उनके फेफड़ों में संक्रमण बताया गया. इसके चलते मंगलवार तड़के करीब तीन बजे देशपाल की मौत हो गई.

परिजन एंबुलेंस से शव लेकर घर पहुंचने की बजाय बदायूं में डीएम आवास पर पहुंच गए. उन्होंने सड़क किनारे ही एंबुलेंस खड़ी करवा ली. दो बेटियां डीएम को बुलाकर उन्हें हकीकत से अवगत कराने की जिद पर अड़ गईं. इसकी सूचना मिलते ही पहले सिविल लाइंस थाना पुलिस पहुंची फिर बाद में तहसीलदार सदर मौके पर पहुंच गए. करीब एक घंटे तक घरवाले डीएम आवास के सामने ही डटे रहे.

सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने बेटे और बेटियों से बात कर जांच कराने और कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया. इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले आए. इधर, मृतक की बेटी अनुराधा का कहना है कि उनके आश्रित को चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए. देशपाल की पांच संतान में दो बेटे और तीन बेटियां हैं. किसी की शादी नहीं हुई है.

बदायूंः काजी के जनाजे में उमड़ी भीड़, कोरोना गाइडलाइन की जमकर उड़ी धज्जियां, देखें वीडियो

बदायू्ं में कोरोना गाइडलाइंस की जमकर उड़ी धज्जियां.

यूपी के बदायूं (Budaun) में एक सम्प्रदाय विशेष के धर्मगुरु के देहांत के बाद निकली शवयात्रा (Funeral Procession) को लेकर यूपी पुलिस (UP Police) ने कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. शवयात्रा में कोरोना गाइडलाइंस (Corona Guidelines) की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं.

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बदायूं. यूपी के बदायूं (Budaun) में एक सम्प्रदाय विशेष के धर्मगुरु के देहांत के बाद निकली शवयात्रा (Funeral Procession) को लेकर यूपी पुलिस (UP Police) ने कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. शवयात्रा में कोरोना गाइडलाइंस (Corona Guidelines) की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं. बदायूं पुलिस ने इस यात्रा में हजारों लोगों के एकत्रित होने के संदर्भ में कई धारओं में मामला दर्ज किया है. बता दें कि बदायूं के मौलवी टोला में मुसलमानों के धर्मगुरु हजरत शेख अब्दुल हमीद मुहम्मद सालिमुल कादरी बदायूंनी का निधन हो गया था. वो शहर के काजी थे. मुसलमानों के साथ साथ हिन्दू भी उनका सम्मान करते थे. उन्होंने कई विवादित मसलों पर हमेशा सरकार का साथ दिया और उसको पालन करने के लिए कहा, मगर जब उनके निधन की सूचना मिली तब उनको देखने के लिए बहुत भीड़ पहुंच गई. देखते ही देखते उनको दफन करने के लिए जा रहे जनाजे में इतनी सारी भीड़ जुट गई कि लोगों ने कोविड काल में सारे नियम-कानून ताक पर रख दिए.

कोरोना गाइडलाइन की जमकर उड़ी धज्जियां
बदायूं पुलिस का दावा है कि कब्रिस्तान में दफन करने के दौरान कोरोना गाइडलाइन के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई गईं. हजारों की संख्या में लोग कब्रिस्तान में इकट्ठा हुए और प्रशासन लोगों से कोविड नियमों का पालन कराने में असमर्थ दिखा. धर्मगुरु के समथकों में कहीं से भी कोरोना का खौफ दिखाई नही दे रहा था.



पुलिस ने पहले ही हालात क्यों नहीं संभाले
बता दें कि यह जुलूस रविवार दोपहर को निकाली गई थी. खास बात यह है कि जब काजी की सुबह 3 बजे मौत हुई थी, तब पुलिस को इस बात की जानकारी भी मिल गई थी. पुलिस ने गांव-देहात और शहर से आने वाले लोगों के लिए कोई भी बैरिकेडिंग नहीं लगाई और न ही किसी अधिकारी ने भीड़ को इकट्ठा होने से रोका.

मौत के कई घंटे के बाद दफन किया गया
रविवार को जैसे-जैसे लोगों को यह पता चलता गया कि शहर काजी सलीम मियां साहब खत्म हो गए हैं, उसके बाद से भीड़ इकट्ठा होना शुरू हो गई. शुरुआत में 11 बजे दफन का कार्यक्रम रखा गया था, जिसको बाद में और बढ़ा दिया गया और 1 बजे दफन की तैयारी हुई.



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सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद मामला हुआ दर्ज
रविवार तड़के ही काजी की मौत हो गई थी, लेकिन जनाजे में उमड़ी भीड़ का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आई. जनाजे में सामाजिक दूरी का कोई ख्याल नहीं रखा गया और न ही लोगों ने मास्क ही पहन रखी थी. भीड़ का वीडियो वायरल होने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात भीड़ के खिलाफ कोविड-19 और कर्फ्यू उल्लंघन के आरोप में एफआईआर किया है.

UP: कोरोना काल की 12 घटनाएं जब मानवता की मिसाल बने पुलिसकर्मी, देखिए VIDEO

लखनऊ में पत्रकार के शव को लेने जब कोई नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा दिया .

Lucknow News: यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल की तरफ से एक वीडियो पेश किया गया. इसमें ऐसे पुलिसकर्मियों 'एंजल्स इन खाकी' (Angels in Khaki) का दर्जा दिया गया है और सैल्यूट किया गया है.

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लखनऊ. एक तरफ पूरा देश कोरोना संक्रमण (COVID-19) से जूझ रहा है. उत्तर प्रदेश के भी हालात अच्छे नहीं है. रोज तमाम लोगों के संक्रमित और कई की जान चली जाने की खबरें आ रही हैं. ऐसे माहौल में लोग इतने भयभीत हैं कि अपनों की ही मौत के बाद अर्थी को कंधा देने में हिचक रहे हैं. ऐसे दौर में जब कोई खुद किसी बेगाने के लिए आगे आए और शव का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराए तो उसे आप क्या कहेंगे? उत्तर प्रदेश पुलिस में ऐसे ही कई पुलिसकर्मी हैं, जो ड्यूटी से आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं. यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल की तरफ से एक वीडियो पेश कर ऐसे पुलिसकर्मियों 'एंजल्स इन खाकी' (Angels in Khaki) का दर्जा दिया गया है और सैल्यूट किया गया है. वीडियो में पूरे प्रदेश से 12 प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है.

वीडियो में लिखा है कि कोरोना त्रासदी ने कई जिंदगियों को नष्ट करने के साथ ही इंसानियत को भी अपनी चपेट में ले लिया है. कई जनपदों में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर परिजनों और पड़ोसियों ने साथ छोड़ दिया. इस पर पुलिसवालों ने अपने कर्तव्यों से परे जाकर फरिश्ते का काम किया है.

यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल ने पोस्ट किया वीडियो



कहीं थाना प्रभारी तो कहीं कांस्टेबल दिखा रहे जज्बा

लखनऊ में एक पत्रकार के आकस्मिक निधन के बाद उसके परिवारवालों, शुभचिंतकों और अन्य द्वारा अंतिम संस्कार में आने से स्पष्ट मना कर दिया गया. इस पर गोमतीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने अपने पुलिसकर्मियों द्वारा पूरे विधि विधान से शव अंतिम संस्कार कराया.

इसी तरह लखनऊ के बाजारखाला थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को एक ठेले वाले की मृत्यु हो गई. परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इस पर बाजारखाला थाना प्रभारी ने शव को श्मशान ले जाने के लिए वाहन का इंतजाम कराया और अंतिम संस्कार के लिए अपने पास से परिवार की आर्थिक सहायता भी की.

थाना तालकटोरा क्षेत्र में एक पुजारी की मृत्यु हो गई. परिवार में कोई पुरुष नहीं था. पत्नी और बेटी दोनों ही मानसिक रूप से विक्षिप्त थीं. पड़ोसी भी कोरोना के डर से किसी तरह परिवार की मदद नहीं कर रहे थे. पुलिस को जब सूचना मिली तो पार्थिव शरीर का विधि विधान से दाह संस्कार कराया.

इसी तरह लखनऊ के रविंद्रपल्ली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की मृत्यु हो गई. उनका बेटा कनाडा और बेटी राजस्थान में रहती है. पुलिस ने खुद आगे बढ़कर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराया और बुजुर्ग की पत्नी के खाने-पीने आदि की व्यवस्था भी की.

गोरखपुर में एक महिला की मृत्यु होने पर उन्हें श्मशान घाट तक ले जाने के लिए कोई व्यक्ति आगे नहीं आया. ये जानकारी ट्वीट के माध्यम से जब पुलिस को मिली तो एसपी सटी ने नगर आयुक्त और प्रभारी प्रवर्तन दल के सहयोग शव को एंबुलेंस से श्मशान घाट पहुंचाया और उनका दाह संस्कार कराया. साथ ही घर को सैनेटाइज करवाया.

25 अप्रैल को अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए एक व्यक्ति ने बिजनौर पुलिस से गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने शव का दाह संस्कार करवाया.

जौनपुर में एक बुजुर्ग को अकेले ही पत्नी का शव साइकिल पर लेकर चलना पड़ा, क्योंकि गांव वालों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था. मामले में पुलिस ने शव को साइकिल से उतारकर विधि विधान से दाह संस्कार कराया.

मुरादाबाद में एक व्यक्ति की कोरोना से मौत के बाद उसकी अर्थी को कंधा देने के लिए चौथा शख्स नहीं मिला रहा था. बावजूद इसके लिए मौके पर भीड़ उपस्थित थी. ऐसे में एक सिपाही ने खुद आगे बढ़कर कंधा दिया.

नोएडा में एक व्यक्ति की मौत के बाद कई घंटे शव लोगों के इंतजार में पड़ा रहा. आखिरकार सेक्टर 19 पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा श्मशान पहुंचाया और चिता के लिए लकड़ियों की भी व्यवस्था की.

कानपुर नगर कमिश्नरेट में 29 अप्रैल को एक व्यक्ति की मौत के बाद कोई आगे नही आ रहा था, यहां बारा थाने के चौकी प्रभारी ने नगर निगम से शव वाहन बुलवाया और अंतिम संस्कार करवाया.

एटा के गांव सिंहपुर में जब कोविड संक्रमित युवक की मौत के बाद परिजनों ने शव तक लेने से इंकार कर दिया तो बागवाला थाना प्रभारी ने अंतिम संस्कार करवाया. कुछ ऐसा ही जालौन में भी हुआ. यहां 16 अप्रैल को प्रभारी निरीक्षक कोतवली ने मृतक का अंतिम संस्कार कराया.

मैनपुरी और बदायूं में भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए जब कोई नहीं आया तो पुलिस ने ही कधा दिया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया.

Angels in Khaki

वीडियो में ऐसे तमाम पुलिसकर्मियों को सैल्यूट किया गया है. उन्हें एंजेल्स इन खाकी का दर्जा दिया गया है. ये सम्मान पाने वाले पुलिसकर्मियों के नाम इस प्रकार हैं.

बिजनौर

अरुण कुमार त्यागी- प्रभारी निरीक्षक

कांस्टेबल- राहुल गौतम, अमित चौधरी,

कांस्टेबल ड्राइवर- पंकज शर्मा

मुरादाबाद

कांस्टेबल अरुण कुमार, थाना मुगलपुरा

जौनपुर

मुन्ना राम धुसिया- प्रभारी निरीक्षक, मडियाहूं

हेड कांस्टेबल- कृष्ण मुरारी, संजय यादव, सुधीर दुबे

कांस्टेबल- प्रवीण मिश्रा, राज कुमार यादव

नोएडा

एसआई हरि सिंह

लखनऊ

धनंजय सिंह- प्रभारी निरीक्षक, बाजार खाला

कांस्टेबल (थाना तालकटोरा)- अखिलेश यादव, चंद्रमुरारी झा

थाना गोमतीनगर- एसआई दयाराम साहनी, अरुण यादव, राजेंद्र बाबू, प्रशांत सिंह

एटा

थाना प्रभारी रामकेश सिंह राजपूत

मैनपुरी

सीओ सिटी अभय नारायण राय

हेड कांस्टेबल- सत्यप्रकाश

कांस्टेबल/गनर- वीरेंद्र सिंह

जालौन

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली- उदयभान गौतम

कांस्टेबल जितेंद्र यादव

गोरखपुर

एसएचओ कल्याण सिंह नागर

कांस्टेबल अशोक सिंह

एचसी अजय कुमार सिंह

बदायूं

प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा

कांस्टेबल- राहुल कुमार
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