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'निर्भया' घटना के एकमात्र चश्मदीद ने ‘इंडियाज डॉटर’ डॉक्यूमेंट्री को बताया झूठा

2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ पर रेप की शिकार लड़की के दोस्त अवनिंद्र पांडेय ने सवाल उठाएते हुए कहा है कि कहानी आरोपी के पक्ष पर बनी है, जिसमें बहुत सारी बातें सही नहीं है। फिल्म में कई तथ्य झूठे और भ्रामक हैं।

2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ पर रेप की शिकार लड़की के दोस्त अवनिंद्र पांडेय ने सवाल उठाएते हुए कहा है कि कहानी आरोपी के पक्ष पर बनी है, जिसमें बहुत सारी बातें सही नहीं है। फिल्म में कई तथ्य झूठे और भ्रामक हैं।

2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ पर रेप की शिकार लड़की के दोस्त अवनिंद्र पांडेय ने सवाल उठाएते हुए कहा है कि 'कहानी आरोपी के पक्ष पर बनी है, जिसमें बहुत सारी बातें सही नहीं है। फिल्म में कई तथ्य झूठे और भ्रामक हैं।'

  • News18.com
  • Last Updated: March 12, 2015, 7:22 AM IST
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2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ पर रेप की शिकार लड़की के दोस्त अवनिंद्र पांडेय ने सवाल उठाएते हुए कहा है कि 'कहानी आरोपी के पक्ष पर बनी है, जिसमें बहुत सारी बातें सही नहीं है। फिल्म में कई तथ्य झूठे और भ्रामक हैं।'

डॉक्यूमेंट्री 'इंडियाज डॉटर' पर सवाल उठाने वाले अवनिंद्र पांडे उस रात निर्भया के साथ थे और पूरी घटना के चश्मदीद भी। केंद्र सरकार के 'इंडियाज डॉटर' को बैन करने के फैसले का समर्थन करते हुए अवनिंद्र पांडे ने लेसली उडविन पर असंवेदनशील रूप से इस मामले को दिखाने का आरोप लगाया है।

निर्भया के साथ बस में मौजूद रहने वाले और हैवानों के कहर को झेलने वाले अवनिंद्र पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाकर कुछ भी गलत नहीं किया है। अवनिंद्र पाण्डेय ने कहा कि ये डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह से एक पक्ष को दिखाती है।



इसमें पीड़ित पक्ष को नहीं रखा गया है। इसकी पूरी बातें गलत और झूठी है। अवनिंद्र ने कहा कि उस दिन की हकीकत को सिर्फ वो और निर्भया ही जानते हैं। दूसरा कोई नहीं। इस डॉक्यूमेंट्री की हर बात गलत है।
अवनिंद्र पाण्डेय ने डॉक्यूमेंट्री को फर्जी बताते हुए कहा कि उसमें जिस ट्यूशन मास्टर सत्येंद्र का जिक्र है। उसने कहा कि मैं एक्शन फिल्म देखना चाहता था, जबकि निर्भया ‘लाइफ ऑफ पाई’। उन्हें कैसे पता कि वो कौन सी फिल्म देखना चाहती थी?

निर्भया गैंगरेप कांड पर बनी फिल्म ‘इंडियाज डॉटर’ काफी सुर्खियों में रही। अवनिंद्र पाण्डेय कहते हैं कि ये हंगामा जानबूझकर किया गया और भावनाओं का मजाक बनाया गया। इस डॉक्यूमेंट्री में न सिर्फ भावनाओं का मजाक उड़ाया गया, बल्कि देश के कानून व्यवस्था का भी मजाक बनाया गया। पाण्डेय कहते हैं कि इस डॉक्यूमेंट्री पर पहले ही रोक लगा देनी चाहिए थी। इससे देश की इमेज खराब हुई।

उन्होंने कहा कि उनसे भी 2013 में ‘इंडियाज डॉटर’ के लिए संपर्क साधा गया था, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया था। वे शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार नहीं थे। अवनिंद्र पाण्डेय ने मांग की कि सरकार को चाहिए कि वो हर डॉक्यूमेंट्री को रिलीज करने से पहले जांचे। इसके लिए अलग से सेंसर बोर्ड का गठन किया जाए।

गौरतलब है कि ‘इंडियाज डॉटर’ 23 वर्षीय निर्भया के साथ हुए गैंगरेप पर आधारित है। जिसमें 6 लोगों ने उसके साथ चलती बस में हैवानियत की थी। ये कांड देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर हुआ था, 16 दिसंबर 2012 को हुआ था, जिसके बाद 29 दिसंबर 2012 को निर्भया की मौत हो गई थी। निर्भया के साथ उस बस में उनके मित्र अवनिंद्र पाण्डेय भी थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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