बदायूं: पंचायत चुनाव में ड्यूटी कर लौटे शिक्षक की कोरोना से मौत, बेटियां शव लेकर पहुंचीं DM आवास

बदायूं में शिक्षक की मौत के बाद  उसकी बेटिशं शव लेकर सीधे डीएम आवास पहुंच गईं.

बदायूं में शिक्षक की मौत के बाद उसकी बेटिशं शव लेकर सीधे डीएम आवास पहुंच गईं.

Badaun News: सहसवान तहसील के पालपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापक देशपाल सिंह की पंचायत चुनाव में बतौर पीठासीन अधिकारी ड्यूटी निभाई थी. बेटी अनुराधा के मुताबिक ड्यूटी से घर लौटने के बाद ही उन्हें बुखार आ गया था.

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बदायूं. उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) में कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र में पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी कर चुके अध्यापक देशपाल सिंह (Teacher Deshpal Singh) की इलाज के दौरान मंगलवार तड़के बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई. घरवालों ने बताया कि चुनाव में ड्यूटी के दौरान उन्हें कोरोना (COVID-19) संक्रमण हो गया था. इसके बाद सीटी स्कैन कराने पर फेफड़ों में संक्रमण आया था. गुस्साए घरवाले बरेली में मौत के बाद सीधे शव को लेकर डीएम आवास के सामने पहुंच गए. चुनाव ड्यूटी के तहत मुआवजा की मांग करते हुए उन्होंने एंबुलेंस भी डीएम आवास के दूसरे छोर पर खड़ी कर दी. सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार सदर ने उन्हें समझा-बुझाकर जांच कराने का भरोसा दिलाया, तब कहीं जाकर परिजन शव लेकर घर की तरफ लौटे.

सहसवान तहसील क्षेत्र के पालपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापक देशपाल सिंह (50) उझानी कस्‍बे के कृष्णा कॉलोनी में रहते थे. पंचायत चुनाव में बतौर पीठासीन अधिकारी उनकी ड्यूटी कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र में लगी थी. बेटी अनुराधा पाल के मुताबिक ड्यूटी से घर लौटने के बाद ही उन्हें बुखार आ गया था. इसके बाद एंटीजन टेस्ट कराया गया तो 1 मई को वह कोरोना पॉजीटिव निकले. इलाज के दौरान हालात में सुधार नहीं हो पाया. शुरू में मेडिकल कॉलेज में भी इलाज कराया गया था. हालत बिगड़ जाने पर उन्हें दो दिन पहले ही बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान भी सिटी स्कैन से उनके फेफड़ों में संक्रमण बताया गया. इसके चलते मंगलवार तड़के करीब तीन बजे देशपाल की मौत हो गई.

परिजन एंबुलेंस से शव लेकर घर पहुंचने की बजाय बदायूं में डीएम आवास पर पहुंच गए. उन्होंने सड़क किनारे ही एंबुलेंस खड़ी करवा ली. दो बेटियां डीएम को बुलाकर उन्हें हकीकत से अवगत कराने की जिद पर अड़ गईं. इसकी सूचना मिलते ही पहले सिविल लाइंस थाना पुलिस पहुंची फिर बाद में तहसीलदार सदर मौके पर पहुंच गए. करीब एक घंटे तक घरवाले डीएम आवास के सामने ही डटे रहे.

सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने बेटे और बेटियों से बात कर जांच कराने और कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया. इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले आए. इधर, मृतक की बेटी अनुराधा का कहना है कि उनके आश्रित को चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए. देशपाल की पांच संतान में दो बेटे और तीन बेटियां हैं. किसी की शादी नहीं हुई है.

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