विश्व हिंदू परिषद में तोगड़िया की जगह लेने वाले आलोक कुमार कौन हैं?

आलोक कुमार मूल रूप से यूपी के बदायूं जिले के बिसौली गांव निवासी हैं. दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. 1973 से 1974 तक दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं. इस समय समय वह आरएसएस में दिल्ली प्रांत के सह संघ चालक हैं

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: April 16, 2018, 10:45 AM IST
विश्व हिंदू परिषद में तोगड़िया की जगह लेने वाले आलोक कुमार कौन हैं?
वीएचपी के नए अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: April 16, 2018, 10:45 AM IST
विश्व हिंदू परिषद में प्रवीण तोगड़िया की जगह लेने वाले एडवोकेट आलोक कुमार का नाम उतना फेमस नहीं है जितना तोगड़िया का माना जा सकता है. लेकिन एक बात जो बहुत अहम है वह ये कि नए कार्याध्यक्ष जमीनी तौर पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. इस समय वह आरएसएस में दिल्ली प्रांत के सह संघ चालक हैं. तोगड़िया बहुत आक्रामक माने जाते हैं लेकिन कुमार मृदुभाषी हैं.

आलोक कुमार मूल रूप से यूपी, बदायूं जिले के बिसौली गांव निवासी हैं. 4 सितंबर 1952 को जन्मे कुमार दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. वह छात्र संघ राजनीति में सक्रिय रहे हैं. वर्ष 1973 से 1974 तक दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं.

1993 से 1995 के बीच दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे हैं. भारत प्रकाशन के एमडी हैं. इसी में आरएसएस के पांचजन्य और आर्गेनाइजेर छपते हैं. बीजेपी में प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक रह चुके हैं.

आलोक कुमार की विशेष पहचान दधीचि देहदान समिति के संरक्षक के रूप में भी है. वह इसके संस्थापक सदस्य भी हैं. अब तक मृत्यु के बाद 200 लोगों की देह दान करा चुके हैं. अपने माता-पिता का भी उन्होंने देह दान कराया है. विश्व हिंदू परिषद सहित कई हिंदूवादी संगठनों के केस लड़ते रहे हैं.

उनका मानना है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो यह किसी एक आदमी की भावना ने बल्कि देश दुनिया में रहने वाले करोड़ों हिंदुओं की भावना है. वह कहते हैं कि आदमी नहीं, संगठन बड़ा होता है.

बचपन से ही संघ से जुड़े हुए हैं. उनका मानना है कि हिंदू समाज में कहीं किसी स्तर पर बिखराव न दिखाई दे इसके लिए समरसता पर विशेष काम करना होगा. विश्व हिंदू परिषद किसी धर्म के विरोध में नहीं बल्कि देश के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों के खिलाफ है.

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इस तरह आलोक कुमार ने ली तोगड़िया की जगह

साइबर सिटी गुरुग्राम में शनिवार 14 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से प्रवीण तोगड़िया अध्याय का समापन हो गया. दुनिया भर में हिंदुत्व का झंडा उठाने वाली इस संस्था में पहली बार वोटिंग से चुनाव हुआ. उसकी वीडियोग्राफी हुई. माना जा रहा है कि  तोगड़िया के करीबी कहे जाने वाले राघव रेड्डी के स्थान पर हिमाचल प्रदेश के गवर्नर और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज रह चुके विष्णु सदाशिव कोकजे को अध्यक्ष पद मिल गया. 273 सदस्यों में से 192 ने वोट दिया. एक वोट निरस्त हो गया.

131 वोट कोकजे को मिला जबकि 60 वोट रेड्डी को. कोकजे ने अपनी टीम में तोगड़िया को जगह नहीं दी. उनकी जगह आरएसएस के खास माने जाने वाले एडवोकेट आलोक कुमार को अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बनाया गया. इसके तुरंत बाद तोगड़िया ने मोर्चा खोल दिया. कहा कि "मैं विश्व हिंदू परिषद में था. अब 17 अप्रैल से अहमदाबाद में हिंदुओं, किसानों, युवाओं, महिलाओं और मजदूरों के मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठूंगा."
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