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बदायूं कांड को लेकर एसआईटी गठित

बदायूं के कटरा सआदतगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो नाबालिग बहनों की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने के मामले में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस जांच दल की अगुवाई डिप्टी एसपी मुकेश चंद्र सक्सेना करेंगे। वहीं इंस्पेक्टर बी.एस. पोनिया व भरत लाल गौतम को भी सह विवेचक बताया गया है। दल का तकनीकी सहयोग सीओ सिटी सत्यसेन यादव कर रहे हैं।

बदायूं के कटरा सआदतगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो नाबालिग बहनों की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने के मामले में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस जांच दल की अगुवाई डिप्टी एसपी मुकेश चंद्र सक्सेना करेंगे। वहीं इंस्पेक्टर बी.एस. पोनिया व भरत लाल गौतम को भी सह विवेचक बताया गया है। दल का तकनीकी सहयोग सीओ सिटी सत्यसेन यादव कर रहे हैं।

बदायूं के कटरा सआदतगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो नाबालिग बहनों की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने के मामले में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस जांच दल की अगुवाई डिप्टी एसपी मुकेश चंद्र सक्सेना करेंगे। वहीं इंस्पेक्टर बी.एस. पोनिया व भरत लाल गौतम को भी सह विवेचक बताया गया है। दल का तकनीकी सहयोग सीओ सिटी सत्यसेन यादव कर रहे हैं।

  • Agencies
  • Last Updated: June 6, 2014, 10:47 PM IST
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बदायूं के कटरा सआदतगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो नाबालिग बहनों की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने के मामले में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस जांच दल की अगुवाई डिप्टी एसपी मुकेश चंद्र सक्सेना करेंगे। वहीं इंस्पेक्टर बी.एस. पोनिया व भरत लाल गौतम को भी सह विवेचक बताया गया है। दल का तकनीकी सहयोग सीओ सिटी सत्यसेन यादव कर रहे हैं।

एसएसपी अतुल कुमार सक्सेना ने बताया कि एसआईटी की टीम ने शुक्रवार को गांव का दौरा किया और शिकायतकर्ताओं व गवाहों से बातचीत की।इस दौरान एसआईटी ने आरोपियों के घर की तलाशी भी ली। गांव में एसआईटी ने इस मामले के विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच-पड़ताल की। गांव में अभी भी फोर्स तैनात है।

सूत्रों की मानें तो जांच में एसआईटी को अहम सुराग मिले हैं।टीम जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एसएसपी ने बताया कि सीबीआई की तर्ज पर बनाए गए विशेष जांच दल में एसओजी व लखनऊ व बरेली की फॉरेंसिक टीम के लोगों को भी जोड़ा गया है।इसका मकसद फॉरेंसिक,फिंगर प्रिंट जांच व डीएनए टेस्ट करा मजबूत साक्ष्य जुटाना है।
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