बागपत: मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत देने वाले मौलाना पर गिरी गाज, निकाला गया

बीजेपी नेता मनुपाल बंसल ने मस्जिद में पढ़ी थी हनुमान चालीसा
बीजेपी नेता मनुपाल बंसल ने मस्जिद में पढ़ी थी हनुमान चालीसा

Baghpat news: बुधवार को गुपचुप ढंग से हुई मुस्लिम समाज की बैठक में यह फैसला लिया गया. मस्जिद से निकाले जाने के बाद मौला अली हसन गांव छोड़कर गाजियाबाद के लोनी चले गए. अब इस मामले में हिंदू समाज पंचायत की तैयारी कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 8:03 AM IST
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बागपत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बागपत (Baghpat) जनपद के विनयपुर मस्जिद (Mosque) में हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) और गायत्री मंत्री के जाप की इजाजत देने वाले मौलाना अली हसन(Maulana Ali Hasan)  को निकाल दिया गया. बुधवार को गुपचुप ढंग से हुई मुस्लिम समाज की बैठक में यह फैसला लिया गया. मस्जिद से निकाले जाने के बाद मौला अली हसन गांव छोड़कर गाजियाबाद के लोनी चले गए. अब इस मामले में हिंदू समाज पंचायत की तैयारी कर रहा है.

गौरतलब है कि मंगलवार को बीजेपी नेता मनुपाल बंसल ने मौलाना अली हसन से आपसी सौहार्द और भाईचारा के लिए मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति मांगी थी. इसके बाद मनुपाल बंसल ने सिर्फ हनुमान चालीसा और गायत्री मन्त्र का जाप किया बल्कि इसका लाइव प्रसारण भी सोशल मीडिया पर किया गया. कहा जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद मुस्लिम समाज में मौलाना अली हसन को लेकर नाराजगी थी.

गुपचुप हुई बैठक में लिया गया फैसला



इसके बाद गोपनीय तरीके से बैठक हुई और मौलाना को मस्जिद से निकाल दिया गया. मौलाना गाजियाबाना के लोनी में चला गया है. उधर, मनुपाल बंसल का कहना है कि यह गलत है. मौलाना ने तो भाईचारे का संदेश दिया था.
मौलाना ने बंसल के खिलाफ कार्रवाई से किया था इनकार

इससे पहले मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में मौलाना अली हसन ने मनुपाल बंसल के खिलाफ कार्रवाई से मना कर दिया था. पुलिस को दिए गए बयान में मौलाना ने बंसल पर कार्यवाई की बात से इनकार किया. मौलाना का कहना है कि युवक गांव का ही रहने वाला है और परिचित है. इसलिए वह कार्रवाई नहीं चाहते.
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