VIDEO: बागपत में दो दर्जन से ज्यादा घरों के बाहर लगे 'बिकाऊ है' के पोस्टर, क्या है वजह?
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VIDEO: बागपत में दो दर्जन से ज्यादा घरों के बाहर लगे 'बिकाऊ है' के पोस्टर, क्या है वजह?
ग्रामीणों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर पलायन की चेतावनी दी है.

यूपी के बागपत (Baghpat) जिले में दोघट थाना क्षेत्र के टीकरी गांव के ग्रामीणों ने पुलिस पर उत्पीड़न (Harassment) का आरोप लगाकर पलायन की चेतावनी दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 3, 2020, 12:21 PM IST
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बागपत. बागपत के गंगनोली गांव में प्रधान सहित दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने मकान पर 'बिकाऊ है' का बोर्ड लगा दिया है. ग्रामीणों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर पलायन की चेतावनी दी है. वहीं पुलिस का कहना है कि प्रधान और उसके बेटे हिस्ट्रीशीटर हैं. जो पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के पोस्टर लगा रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले पुलिस ने मुठभेड़ के बाद प्रवीण राठी नाम का बदमाश गिरफ्तार किया था. उसी मुठभेड़ को फर्जी बताकर गांव वालों ने पोस्टर लगाकर पुलिस कार्यवाई का विरोध किया.

दरअसल, ये पूरा मामला दोघट थाना के टीकरी गांव का है. जहां प्रधान सतबीर और उसके दो दर्जन से ज्यादा समर्थकों ने अपने घरों पर मकान बिकाऊ के बोर्ड लगा दिये और पलायन की चेतावनी दी. पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने प्रधान के बेटे प्रवीण को खेत से उठाकर फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसको जेल भेज दिया. जबकि पिछले 4 साल से प्रवीण पर कोई नया मुकदमा दर्ज नही हुआ है और ना ही वह किसी अपराधिक गतिविधि में शामिल रहा. लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसे जेल भेज दिया. पुलिस की इसी कार्यवाई का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है.





मामले में सीओ का कहना है कि पोस्टर चिपकाने वाले प्रधान का क्रिमिनल बैकग्राउंड है. उसका एक बेटा एक लाख का ईनामी रह चुका है जिसकी मौत हो गयी. प्रधान के दूसरे बेटे पर 10 से ज्यादा मुकदमे हैं जिसे पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था. लेकिन अब प्रधान पुलिस पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है जिससे पुलिस दबाव मानने वाली नही है. बल्कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा.
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