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Lok Sabha Election Result 2019: 'गठबंधन' भी नहीं बचा सका बड़े- छोटे चौधरी साहब की साख!

अजीत सिंह और जयंत चौधरी
अजीत सिंह और जयंत चौधरी

जयंत की हार के पीछे जाट वोटरों का बिखराव माना जा रहा है. इससे पहले बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने अजीत चौधरी और उनके बेटे जयंत चौधरी को हराया था.

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2019 लोकसभा चुनाव में मोदी की सुनामी के आगे राष्ट्रीय लोकदल का एक भी खाता नहीं खुला. सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने के बाद भी अजीत चौधरी और उनके बेटे जयंत चौधरी जीत का स्वाद नहीं चख पाए. बागपत सीट से भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रालोद को जयंत चौधरी को 17546 मतों से पराजित किया. आरएलडी का गढ़ माने जाने वाली बागपत की छपरौली सीट पर जयंत चौधरी बड़ी लीड नहीं खड़ी कर पाए. बता दें कि छपरौली से मात्र 10 हजार, जबकि पूर्व के चुनावों में 30 हजार से ज्यादा की बढ़त मिली थी. जयंत की हार के पीछे जाट वोटरों का बिखराव माना जा रहा है. इससे पहले बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने अजीत चौधरी और उनके बेटे जयंत चौधरी को हराया था.

वहीं आरएलडी पर सबसे ज्यादा भारी मोदीनगर सीट रही. वहीं मोदीनगर से बीजेपी प्रत्याशी को 26 हजार 500 की बढ़त मिली. अगर 2019 चुनाव के आंकड़ों पर नजर डाले तो बागपत में 14 हजार व बडौत में 13 हजार वोटों की बढ़त देखने को मिली, जबकि बागपत, बड़ौत, और मोदीनगर की तीनों विधानसभा में जयंत चौधरी को करारी हार का सामना करना पड़ा.  सिवालखास और छपरौली विधानसभा में जयंत को वोट तो मिले लेकिन जीत से वो कोसों दूर थे.

अजित सिंह पर भारी पड़ी मोदी लहर



जाटों का गढ़ माने जाने वाले बागपत में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को बड़ा झटका तब लगा जब पिछले लोकसभा चुनाव में उनके प्रमुख अजित सिंह को यहां से हार झेलनी पड़ी. बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने इस सीट से 2 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की. जबकि अजित सिंह को 20 फीसदी से भी कम वोट मिले.
2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे

सत्यपाल सिंह को कुल 423,475 वोट मिले. गुलाम मोहम्मद को कुल 213,609 वोट मिले. चौधरी अजित सिंह को कुल 199,516 वोट मिले.

जातिगत समीकरण

बागपत लोकसभा में कुल 5 विधानसभाएं शामिल है ,लोकसभा चुनाव में इस बार 16 लाख के करीब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे..आरएलडी की जीत का समीकरण यहां मुस्लिम और जाट वोटर गठजोड़ के ऊपर निर्धारित करता है. यहां मुस्लिम मतदाताओ की संख्या लगभग 3.50 लाख है ,जबकि दूसरी बड़ी आबादी जाट वोटर्स की है, जिनकी संख्या 4 लाख के लगभग है. इनके अलावा इस सीट पर 1.50 लाख के करीब दलित मतदाता है. चौथी बड़ी आबादी यादवों की है जिनकी संख्या 50 हजार के लगभग. गुर्जर और राजपूत दोनों जाति के वोटर भी 1 लाख से ऊपर है. इसके अलावा ब्राह्मण त्यागी की जनसख्या लगभग 70 हजार है, जबकि पिछड़े और अन्य पिछड़े वोटर भी यहां काफी तादाद में है.

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