बहराइच: डॉ आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने के विरोध में धरने पर बैठीं बीजेपी सांसद

सांसद आदर्श ग्राम मटेही कला में डॉ आंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने व उसे गायब करने वाले नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से नाराज दिखीं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 15, 2018, 1:35 PM IST
बहराइच: डॉ आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने के विरोध में धरने पर बैठीं बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले
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Updated: May 15, 2018, 1:35 PM IST
बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फूले ने मंगलवार को धरने पर बैठ गईं. सांसद आदर्श ग्राम मटेही कला में डॉ आंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने व उसे गायब करने वाले नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से नाराज दिखीं. बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने बहराइच जिला कलेक्ट्रेट पर हजारों की भीड़ के साथ धरना शुरू किया. इस दौरान सांसद के साथ मुस्लिम उलेमा और सिक्ख समुदाय के लोग भी दिखाई दिए.

इससे पहले सांसद सावित्री बाई फुले ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी ही पार्टी पर जमकर हमला बोला था. बीजेपी सांसद ने कहा कि आज प्रदेश में बाबा साहेब की मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है. लेकिन सरकार अभी तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं कर पाई हैं. सावित्री बाई फुले यहीं नहीं रुकीं, बल्कि आगे उन्होंने कहा कि अखिर इन लोगों को कौन बचा रहा है. बीजेपी सांसद ने कहा, आज हमारे देश का लोकतंत्र खतरे में हैं. यह मैं नहीं कह रही हूं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के जज यह बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज देश से लेकर प्रदेश तक जल रहा है.

उन्होंने कहा कि देश में अराजकता का माहौल है. अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों पर जुल्म और अत्याचार किए जा रहे हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि बहुजन समाज के साथ अत्याचार अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर बोलते हुए कहा, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी जाए, अनुसूचित जाति की बहू बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जाए, उनको मौत के घाट उतारा जाए.

सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि आज अनुसूचित जाति के लोग भुखमरी के कगार पर हैं. बीजेपी सरकार ने उनके लिए कोई रोजी-रोटी की व्यवस्था नहीं है. कोई रोजगार नहीं है. कोई नौकरी नहीं है. उनके सम्मान की सुरक्षा के लिए अगर आवाज उठाऊं तो क्या मेरे खिलाफ कार्रवाई होगी? अगर इसके लिए मेरे खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो यह संविधान का उल्लंघन है.

उन्होंने प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई और सरकार से इस पर दखल देने की मांग की. सावित्री बाई फुले ने कहा कि हमारी न तो सरकार से नाराजगी है, ना हीं पार्टी से नाराजगी है. बता दें, सावित्री बाई फुले ने पहले से ही अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और बीजेपी के खिलाफ हर मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं. इससे पहले भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने मोहम्मद अली जिन्ना को महापुरुष बताया था.
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