उज्जवला गैस कनेक्शन देने में फर्जीवाड़ा, लेखपाल ने 26 ग्रामीणों की बदल दी जाति, जांच शुरू
Bahraich News in Hindi

उज्जवला गैस कनेक्शन देने में फर्जीवाड़ा, लेखपाल ने 26 ग्रामीणों की बदल दी जाति, जांच शुरू
यूपी के बहराइच में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है. (सांकेतिक तस्वीर)

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव में उज्जवला योजना (Ujjwala Yojana) का भौतिक सत्यापन करने तहसीलदार पहुंचे. पता चला दलाल ने ग्रामीणों से 1000 से 1500 रुपये लेकर ग्रामीणों से आधार और फोटो लेकर लेखपाल से मिलकर जाति ही बदल डाली. ओबीसी से सभी को अनुसूचित जाति का बना दिया और ग्रामीणों को सिलेंडर बांट दिए.

  • Share this:
बहराइच. उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच (Behraich) में भारत सरकार की महत्वकांक्षी उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) में घपलेबाजी का मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां उज्ज्वला गैस कनेक्शन (Gas Connection) देने के लिए दलाल और लेखपाल (Lekhpal) ने मिलीभगत कर पैसों के लिए ग्रामीणों की जाति (Caste) ही बदल डाली. ये मामला तहसीलदार के जांच में उजागर हुआ है. पता चला कि एक गांव में एक दलाल द्वारा ग्रामीणों को फ्री सिलेंडर गैस कनेक्शन देने के नाम पर पहले ठगी की गई. उसके बाद लेखपाल से मिलकर ग्रामीणों की जाति बदलवाकर सिलेंडर दे दिया.

भौतिक सत्यापन में हुआ खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव में उज्जवला योजना का भौतिक सत्यापन करने तहसीलदार पहुंचे. पता चला दलाल ने ग्रामीणों से 1000 से 1500 रुपये लेकर ग्रामीणों से आधार और फोटो लेकर उनकी लेखपाल से मिलकर जाति ही बदल डाली. इसमें ओबीसी से सभी को अनुसूचित जाति का बना दिया और ग्रामीणों को सिलेंडर बांट दिए.



पुलिस ने तहरीर लेने से किया इंकार तो ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार



आरोप है कि सत्यापन के दौरान जब मामले की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने लेखपाल के खिलाफ पुलिस चौकी में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने तहरीर लेने से मना कर दिया. ग्रामीणों ने जब उपजिलाधिकारी को फ़ोन से सूचना दी, तब उपजिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है. ग्रामीण दोषी लेखपाल पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं.

लेखपाल गजेंद्र सिंह पर लगे हैं आरोप

जनपद बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में अरनवा ग्रामसभा में तैनात लेखपाल गजेंद्र सिंह पर ये आरोप लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय दलाल गुड्डू की मदद से अरनवा गांव के 26 ग्रामीणों की जाति ही बदल डाली गई. सभी को योजना का लाभ देने के लिए नियम और कानून को ताक पर रख दिया और यादव, भुर्जी, नाउ जो ओबीसी की जातियां हैं, उन्हें अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया.

जाति बदल देना अपराध है, तहसीलदार कर रहे हैं जांच: उपजिलाधिकारी

तहसीलदार जब उज्जवला योजना का भौतिक सत्यापन करने गांव पहुंचे तो जाति सुनकर ग्रामीण भौंचक्के राह गए. ग्रामीणों में जाति बदलने पर रोष आ गया ग्रामीणों ने लेखपाल के खिलाफ तहरीर दी दी. उपजिलाधिकारी ने बताया की मामला संज्ञान में आया है. किसी की जाति बदल देना अपराध है. तहसीलदार से मामले की जांच कराई जा रही है. दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें:

यूपी में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती पूरी होने में लग सकता है लंबा समय

कानपुर: महिला ने पति पर लगाया तीन तलाक और पिटाई से गर्भपात का आरोप
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading