भीषण आग में जलकर राख हुए 310 आशियाने, 18 मवेशी भी जले

उत्तर प्रदेश के बहराइच में आग की लपटों का भयावह मंजर मंगलवार शाम को देखने को मिला. घाघरा के कछार में स्थित गड़रियानपुरवा गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग की चपेट में आकर 310 मकान जल गए.

आईएएनएस
Updated: April 12, 2017, 8:33 AM IST
भीषण आग में जलकर राख हुए 310 आशियाने, 18 मवेशी भी जले
बहराइच के गड़रियानपुरवा में भीषण आग, 310 मकान जले
आईएएनएस
Updated: April 12, 2017, 8:33 AM IST
उत्तर प्रदेश के बहराइच में आग की लपटों का भयावह मंजर मंगलवार शाम को देखने को मिला. घाघरा के कछार में स्थित गड़रियानपुरवा गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग की चपेट में आकर 310 मकान जल गए.

आग की लपटों में 18 मवेशी भी जल गए. चार घंटे बाद किसी तरह ग्रामीणों ने आग की लपटों पर काबू पाया. सूचना के बावजूद दमकल गांव में तब पहुंचा, जब लपटें शांत हो चुकी थीं.

मिहींपुरवा विकास खंड के ग्राम पंचायत सोमईगौढ़ी का मजरा गड़रियानपुरवा घाघरा के कछार में बसा हुआ है. गांव निवासी सूबेदार के मकान में दोपहर 2.30 बजे के आसपास अज्ञात कारणों से आग लग गई.

परिवार के सदस्यों ने पहले आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल न होने पर सभी ने भागकर जान बचाई. चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े. लेकिन इस दौरान चल रही तेज पछुवा हवा से आग की लपटें तेजी से फैलीं.

कुछ ग्रामीणों ने मोतीपुर थाने को सूचना दी, लेकिन दमकल वाहन समय से नहीं पहुंचा. इसका नतीजा यह रहा कि ग्रामीणों की आंखों के सामने उनके आशियाने धू-धू कर जल गए.

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गांव में 425 कच्चे व पक्के मकान थे. इनमें 310 मकान राख के ढेर में तब्दील हो चुके हैं. सिर्फ पक्के मकान ही बचे हैं. 310 परिवारों के 3,000 लोग खुले आसमान तले गुजर बसर करने को मजबूर हो गए.
अग्निकांड का आलम यह रहा कि गृहस्थी का एक तिनका भी ग्रामीण घर के अंदर से नहीं निकाल सके, जिसके चलते 18 मवेशी जिंदा जल गए. वहीं एक दुकान भी आग की भेंट चढ़ गई. सूचना पाकर नायब तहसीलदार सुमित सिंह, राजस्व निरीक्षक पवन सुत और लेखपाल रामपलट ने गांव पहुंचकर जांच शुरू की है.

नायब तहसीलदार ने कहा, "क्षेत्र के कोटेदारों की सहायता से प्रभावित ग्रामीणों के भोजन का इंतजाम करवाया जाएगा. मुआवजे की भी व्यवस्था शीघ्र की जाएगी."
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