• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • निर्भया पर बलिया के CMO का अभद्र बयान, कहा- इतनी दिक्कत थी तो उसे दिल्ली क्यों भेजा, यहीं रखते

निर्भया पर बलिया के CMO का अभद्र बयान, कहा- इतनी दिक्कत थी तो उसे दिल्ली क्यों भेजा, यहीं रखते

बलिया सीएमओ ने निर्भया के दादा के साथ की बदसलूकी.

बलिया सीएमओ ने निर्भया के दादा के साथ की बदसलूकी.

इतना ही नहीं सीएमओ ने निर्भया को भी नही छोड़ा और उसे भी अपमानित किया. सीएमओ ने कहा, 'कौन है निर्भया? अगर वह डॉक्टरी पढ़ रही थी तो दिल्ली क्यों गई?'

  • Share this:
बलिया. निर्भया के गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिछले कई सालों से बदहाल स्थिति में है. यहां अस्पताल तो बना दिए गए हैं लेकिन डॉक्टर दिखाई तक नहीं देते हैं. पीएचसी की बदहाली को देखते हुए गांव के लोगों ने मंगलवार को धरना दिया. धरने की खबर सुनकर सीएमओ गांव में तो आए, लेकिन गांववालों पर ही तंज कसने लगे. सीएमओ पीके मिश्रा ने निर्भया पर अभद्र टिप्पणी करते हुए उनके बाबा से कहा, 'इतनी ही दिक्कत थी तो उसे दिल्ली क्यों भेज दिया. उसे यहीं रखना चाहिए था.'

दरअसल, निर्भया के पैतृक गांव में उसके नाम का अस्पताल तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बनवाया गया था. लेकिन अस्पताल में कोई भी डॉक्टर न होने की वजह से निर्भया के परिजन धरने पर बैठे थे. जिसके बाद मौके पर पहुंचे सीएमओ ने निर्भया के परिजनों संग बदसुलूकी की. उन्होंने कहा कि जिस गांव में कोई डॉक्टरी पढ़ा नहींं उस गांव के अस्पताल में डॉक्टर नहींं देंगे.



निर्भया को भी किया अपमानित
धरना स्थल पर पहुंचे बलिया के सीएमओ डॉ. प्रीतम कुमार मिश्र ने कहा, 'आज तक निर्भया के गांव में कोई डॉक्टरी तो पढ़ा नहीं और इन्हें डॉक्टर चाहिए. पहले इस गांव में कोई डॉक्टरी पढ़े, फिर इसी अस्पताल में डॉक्टर बन जाओ. इस गांव ने डॉक्टर तो बनाया नहीं तो अस्पताल क्यों खुलवाया? हम कहां से डॉक्टर लाएं. जितने पद हैं, उतने डॉक्टर ही पैदा नहीं होते. अस्पताल हमने नहीं बनवाया, जिसने बनवाया उससे मांगे.' इतना ही नहीं सीएमओ ने निर्भया को भी नहीं छोड़ा और उसे भी अपमानित किया. सीएमओ ने कहा, 'कौन है निर्भया? अगर वह डॉक्टरी पढ़ रही थी तो दिल्ली क्यों गई?'



सपा सरकार में बना था अस्पताल, आज तक नहीं पहुंचे डॉक्टर
बता दें कि निर्भया के पैतृक गांव मड़ावरा कला में निर्भया के नाम पर सपा सरकार ने अस्पताल बनवाया था, ताकि उसका सपना पूरा हो सके. निर्भया का सपना था कि वह डॉक्टरी पढ़ कर गांव में अस्पताल खोले. पांच साल पहले अस्पताल तो आधा-अधूरा बन गया, लेकिन आज तक डॉक्टर और नर्स की तैनाती नहीं हुई. इसी से नाराज होकर निर्भया के दादाजी की अगुआई में गांव वाले धरने पर बैठे थे. इसके बाद सीएमओ डॉ. प्रीतम कुमार मिश्र उन्हें आश्वासन देने पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान बहस हो गई. इसके बाद डॉ. साहब सारी हदों को पार कर गए. इस पर निर्भया के नाराज दादाजी ने कहा कि उनकी पोती को अपमानित न किया जाए.

(इनपुट: अमित श्रीवास्तव)

ये भी पढ़ें:

गोमती रिवर फ्रंट प्राधिकरण पर योगी सरकार को सपा ने दी ये नसीहत

यूपी विधानसभा बजट सत्र 13 फरवरी से, विपक्ष की CAA पर सरकार को घेरने की तैयारी

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज