बलिया हत्याकांड: फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह ने वीडियो वायरल कर खुद को बताया निर्दोष

बलिया हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (वीडियो ग्रैब)
बलिया हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (वीडियो ग्रैब)

बलिया हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (Dheerendra Pratap Singh) ने वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताया है. उसने एसडीएम और सीओ पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 1:33 PM IST
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बलिया. उत्तर प्रदेश के बलिया (Ballia) में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बुलाई गई खुली बैठक में एक शख्स की गोली मारकर हत्या (Shot Dead) मामले में बवाल मचा हुआ है. मामले में पुलिस से लेकर प्रशासनिक अफसरों एक्शन लिया जा चुका है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. इस बीच मामले में फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (Dheerendra Pratap Singh) ने वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताया है.

धीरेंद्र सिंह ने कहा कि खुली बैठक में एसडीएम सुरेंद्र पाल और सीओ चंद्रकेश सिंह, बीडीओ गजेंद्र सिंह यादव और एसआई सदानंद यादव सारे लोग आए थे. धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पहले उसने कई बार एसडीएम, बीडीओ को कहा है, हमारे यहां माहौल खराब है, आप कोटा किस आधार पर देना चाहते हैं. तो बताया गया कि जनसमूह जिधर ज्यादा होगा, उसे कोटा मिलेगा. गाइडलाइन किसी ने नहीं बताई.

धीरेंद्र सिंह ने कहा कि मेरी तरफ से 1500 लोग थे और दूसरी तरफ से महज 300 लोग थे. मैंने सभी अधिकारियों से कहा कि सर यहां मारपीट की आशंका है. लेकिन एसडीएम, बीडीओ ने कहा कि कुछ नहीं होगा. इसके बाद एसडीएम ने कहा कि संख्या ज्यादा है, आवंटन नहीं होगा. र्मैंने कहा कि सर आपने ही तो संख्या की बात कही थी.



एसडीएम और सीओ पर लगाया मिलीभगत का आरोप
धीरेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे पिता 80 वर्ष के थे वह गिर गए. मेरी भाभी आदि को कुछ लोग मारने लगे, फायरिंग होने लगी. धीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि एसडीएम और सीओ ने दूसरे पक्ष के साथ मिलीभगत की और उसे फंसाने की साजिश रची है. उसने कोई गोली नहीं चलाई है. जय प्रकाश पाल की मौत किसकी गोली से हुंई है उसने मालूम नहीं है.



वायरल वीडियो में धीरेंद्र कहा कि उसने पहले ही अधिकारियों से कहा था कि खुली बैठक में बवाल होने की आशंका है. लेकिन पंचायत भवन के पास खेत की जुताई कराकर जान-बूझकर उस स्थान पर बैठक कराई गई, जहां से दूसरे पक्ष के लोगों का घर पास में था. यही नहीं धीरेंद्र ने एसडीएम और दूसरे पक्ष के सजातीय होने के कारण मिलीभगत का आरोप भी लगाया है.

मेरे परिवार का हो रहा है उत्पीड़न

धीरेंद्र ने वीडियो में कहा कि जब मारपीट और पथराव शुरू हुआ तो वह एसडीएम व सीओ के बगल में ही खड़ा था. उसने उसी समय अधिकारियों से मामले को कंट्रोल करने की गुहार लगाई थी, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, जिससे उसके परिवार के लोग दूसरे पक्ष के लोगों से चारों तरफ से घिर गए. धीरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन उसके परिवार के लोगों का उत्पीड़न कर रहा है और घर में तोड़फोड़ की जा रही है.
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