Article 370: बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल, कहा- नेहरू ने बनाया था राक्षसी कानून

इसके अलावा सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने महज वोट बैंक की राजनीति करने के लिए आतंकियों को खुली छूट दे दी थी. उन्होंने कहा ऐसा कौन सा नियम है, जहां आतंकी कश्मीर में बैठकर बिरयानी खाते थे और देश का कोई नागरिक कश्मीर में प्रवेश करने पर रोक थी.

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Updated: August 12, 2019, 1:17 PM IST
Article 370: बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल, कहा- नेहरू ने बनाया था राक्षसी कानून
नेहरू ने बनाया था राक्षसी कानून
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Updated: August 12, 2019, 1:17 PM IST
आजकल हर तरफ जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) पर लागू रही अनुच्छेद 370 (article-370) की चर्चा है. इसी क्रम में सोमवार को यूपी के बलिया के बैरिया क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दे दिया है. न्यूज18 से बातचीत में सुरेंद्र सिंह ने कहा कि धारा 370 जवाहर लाल नेहरू के द्वारा स्थापित राक्षसी कानून था और उस राक्षसी कानून का राम के रूप में पैदा होकर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अंत कर दिया है. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि धारा 370 का हटना मतलब जम्मू कश्मीर से प्रजातांत्रिक व्यवस्था का राक्षस हटना है अब वहां इंसान और इंसानियत जीवित रहेगी. उन्होंने कहा आरएसएस की तपस्या का अभी पहला अध्याय पूरा हुआ है दूसरा और तीसरा अध्याय बाकी है जो पूरा होगा.

पीएम मोदी ने किया राक्षसी कानून का अंत

इसके अलावा सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने महज वोट बैंक की राजनीति करने के लिए आतंकियों को खुली छूट दे दी थी. उन्होंने कहा ऐसा कौन सा नियम है, जहां आतंकी कश्मीर में बैठकर बिरयानी खाते थे और देश का कोई नागरिक कश्मीर में प्रवेश करने पर रोक थी. बीजेपी विधायक ने कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीर में राक्षसी कानून का अंत कर दिया है. जिस 370 कानून को पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बनाया था.

क्या हुए हैं बदलाव

- शेख अब्दुल्ला को तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर का प्रधानमंत्री बना दिया था.
- अनुच्छेद 370 की वजह से ही जम्मू-कश्मीर का अपना अलग झंडा और प्रतीक चिह्न भी है. हालांकि 370 में समय के साथ-साथ कई बदलाव भी किए गए हैं. 1965 तक वहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री नहीं होता था लेकिन संविधान में संशोधन के बाद इसका प्रावधान किया गया. इसकी मंजूरी तत्कालीन राज्य सरकार ने भी दे दी थी.
- पहले जम्मू-कश्मीर में भारतीय नागरिक जाता था तो उसे साथ पहचान-पत्र रखना जरूरी थी, जिसका बाद में काफी विरोध हुआ. विरोध होने के बाद इस प्रावधान को हटा दिया गया.
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First published: August 12, 2019, 1:03 PM IST
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