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BJP और RSS के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करना पड़ा भारी, चार लोगों पर मामला दर्ज

यूपी में कुल 9534 दरोगा भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न और भर्ती प्रक्रिया जानें.

यूपी में कुल 9534 दरोगा भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न और भर्ती प्रक्रिया जानें.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नगर प्रचारक अजय पांडेय की शिकायत पर रविवार रात सुशील श्रीवास्तव तथा तीन अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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बलिया. भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (BJP And RSS) के विरुद्ध वाट्सऐप पर आपत्तिजनक फोटो और टिप्पणी पोस्ट करने के मामले में बलिया जिले में चार लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है. रसड़ा कोतवाली के प्रभारी सौरव राय (Sourav Rai) ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नगर प्रचारक अजय पांडेय की शिकायत पर रविवार रात सुशील श्रीवास्तव तथा तीन अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि मामले में आरोप लगाया गया है कि वाट्सऐप ग्रुप (Whatsapp Group) में रविवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध आपत्तिजनक फोटो तथा टिप्पणी पोस्ट की गई है. राय ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

बता दें कि पिछले साल छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मोबाइल एप वाट्सएप (WhatsApp) ग्रुप में अश्लील पोस्ट को लेकर बवाल मच गया था. धमतरी के कुछ लोगों द्वारा संचालित वाट्सएप ग्रुप में बीजेपी और संघ को लेकर अश्लील टिप्पणियां किए जाने की शिकायत कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी. वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट को लेकर काफी बवाल मचा था. बीजेपी की विधायक रंजना साहू समेत कई जिला स्तरीय आला नेता कोतवाली में डंटे रहे थे.

भद्दे कमेंट्स लिखे हुए थे
अपनी पार्टी और नेताओं पर भद्दी पोस्ट से बौखलाए बीजेपी नेता और कार्यकर्ता धमतरी विधायक के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे थे. वहां काफी गहमा गहमी की स्थिति बनी. इसके बाद मामले में लिखित शिकायत की गई. पोस्ट करने वाले पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई. कुछ देर बवाल के बाद मामला शांत हुआ. पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी. धमतरी विधायक रंजना साहू ने बताया कि धमतरी के लोगो द्वारा संचालित वाट्सएप ग्रुप में बीते 20 जनवरी की रात 3 बजे एक पोस्ट किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर अश्लील तस्वीरें और उनके साथ बीजेपी नेताओं को जोड़ते हुए भद्दे कमेंट्स लिखे हुए थे.

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Ghaziabad: हजारी प्रसाद द्विवेदी की नातिन बनीं IAS, डॉ. अपाला मिश्रा को मिली 9वीं रैंक

हजारी प्रसाद द्विवेदी की नातिन हैं डॉ. अपाला मिश्रा.

UPSC 2020 Topper : यूपी के गाजियाबाद में रहने वाली डॉ. अपाला मिश्रा (Dr. Apala Mishra) ने यूपीएससी परीक्षा में 9वीं रैंक हासिल कर आईएएस (IAS) बनने का सपना पूरा किया है. उनके पिता आर्मी में कर्नल रहे हैं, तो मां दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी फैकल्टी में प्रोफेसर हैं. वहीं, उनकी सबसे बड़ी पहचान ये है कि वो हजारी प्रसाद द्विवेदी (Hajari Prasad Dwivedi) के परिवार से ताल्‍लुक रखती हैं.

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गाजियाबाद. राजधानी दिल्‍ली से सटे उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली डॉ. अपाला मिश्रा (Dr. Apala Mishra) ने यूपीएससी परीक्षा (UPSC 2020 Result) में 9वीं रैंक हासिल की है. जबकि वह आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी (Hajari Prasad Dwivedi) की भतीजी और दिल्ली विश्वविद्यालय की हिंदी फैकल्टी की प्रोफेसर अल्पना मिश्रा की बेटी हैं. पेश से डेंटल सर्जन अपाला ने इस कामयाबी को अपने आत्मविश्वास और अनुशासन के दम पर तीसरे प्रयास में हासिल किया है. इसके अलावा उन्‍होंने अपने आईएएस (IAS) बनने का सपना बिना किसी कोचिंग के पूरा किया है. यही नहीं, उनकी इस कामयाबी की वजह से यूपी के तीन जिलों में जश्‍न का माहौल है.

डेंटल सर्जन डॉ. अपाला मिश्रा इस समय यूपी के गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-5 के ओलिव काउंटी में रहती हैं. जबकि उनके पिता अमिताभ मिश्रा मूल रूप से यूपी से बस्‍ती के रहने वाले हैं, जो कि आर्मी में कर्नल रहे हैं. वहीं, उनकी मां अल्पना मिश्रा दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी फैकल्टी में प्रोफेसर हैं. इसके अलावा अपाला का भाई अभिलेख मिश्रा आर्मी में मेजर है.

स्‍कूल से लेकर डॉक्‍टर तक
डॉ. अपाला मिश्रा ने 10वीं तक की पढ़ाई देहरादून और फिर 11वीं व 12वीं की पढ़ाई दिल्ली से की है. जबकि उन्‍होंने 2017 में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी की डिग्री हैदराबाद से पूरी की थी. इस दौरान ही अपाला ने देश सेवा के लिए आईएएस बनने का सपना देखा था. इस वजह से उन्‍होंने डेंटल सर्जन बनने के बाद 2018 से घर पर ही रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की थी. जबकि तीसरे प्रयास में उन्‍होंने सफलता हासिल कर अपना डंका बजवाया है.

आत्मविश्वास, अनुशासन और टाइम मैनेजमेंट काम आया
डॉ. अपाला मिश्रा की कामयाबी की सबसे बड़ी वजह उनका आत्मविश्वास, अनुशासन और टाइम मैनेजमेंट रहा है. अपाला के मुताबिक, यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है. इस वजह से मेरा रूटीन प्रतिदिन तय समय पर उठना, थोड़ी एक्सरसाइज और हेल्दी खाने के साथ 7 से 8 घंटे पढ़ने का लक्ष्य रहता था. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि किसी भी उड़ान के लिए हौसला बहुत जरूरी है. वहीं, अपाला अब देश की आवाज बनकर देश हित में काम करने के साथ भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों को दूर करना चाहती हैं.

अपाला के जीवन पर है हजारी प्रसाद द्विवेदी का प्रभाव
अपाला ने डेंटिस्‍टी में गोल्‍ड मेडल हासिल किया है. जबकि हिन्दी निबंधकार, आलोचक और उपन्यासकार हजारी प्रसाद द्विवेदी की नातिन होने का उनके जीवन पर पूरा असर है. इसी वजह से वह एक क्रिएटिव राइटर भी हैं. यही नहीं, साहित्‍य अकादमी ने अंग्रेजी में उनकी कविताओं का प्रकाशन किया है. इसके अलावा जब इंटरव्‍यू के दौरान पिता और भाई के आर्मी में होने की वजह से अपाला से पूछा गया कि उन्‍होंने परिवार से क्‍या लिया तो उनका जवाब था अनुशासन. साथ ही कहा था कि वह इसी के दम पर यहां पहुंची हैं और अपना सारा काम अनुशासन में रहकर करती हैं.

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यूपी के तीन जिलों में मना जश्‍न
डॉ. अपाला मिश्रा की कामयाबी को लेकर यूपी के तीन जिलों में जश्‍न मन रहा है. वह इस वक्‍त गाजियाबाद में रहती हैं, लिहाजा यहां जश्‍न मनना पहले से तय था. लेकिन इस उनकी कामयाबी के बाद बस्‍ती और बलिया में भी जश्‍न का माहौल है. दरसअल, अपाला के पिता मूल रूप से बस्ती के रहने वाले हैं, तो उनकी मां बलिया के ओझवलिया निवासी आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की भतीजी हैं.

भोजपुरी में पढ़ें- गांव खाली हरियाली से ना बची, गांव में रहे खातिर सुविधा भी जरूरी बा

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गांव के चित्र, लहलहात खेतन में खाड़ केहू के फोटो देखला प मन हरियरा जाला. बाकिर गांव के लोग के स्थिति का बा ? खेती में आदमी लागल त बा बाकिर उनका मिलत का बा? सुविधा खातिर बहुत से लोग शहर में आ के मेहनत मजूरी करताने. हेने गांव बचावे के बातिओ खूब होता, बाकि खाली बाति स का होई.

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गांव के बचावे खातिर हर ओर से आवाज उठत रहेला. कवनो मंच होखे हर जगह गांव बचावे के चर्चा खूब होला. कहे-सुने में निमन लागेला. गांव होखे के चाहीं. गांव के हरियाली के याद सबका आवेला. पेड़ के छांह, सरसो के खेत. बाली के बोझ ले लरकत धान. सब आंखी के सामने लउकेलागे. जे सही में नइखे देखले ओकरा सिनेमा, टीवी के सीन से याद आ जाला. बाकिर गांव खाली एही से बांचि जाइ, इ एगो बड़ सवाल बा.

नगदी के जरूरत
एकर जवाब तब मिली जब गांव के जीवन के सही समझल जाई. केतना सुंदर लिखले बाने-  आहा ग्राम्य जीवन भी क्या जीवन है… बाकिर इ ग्राम्य जीवन में होत का रहल हा. का गांव के जीवन में अइसन रहल हा जवन अब नइखे? एकर सोझ जवाब इ बा कि पहिले गांव में लोगन के लगे नगद रुपया ना रहल हा. जवना के लिक्विड मनी कहल जाला. लोगन के सब काम अनाज से चलत रहल हा. बाकि रुकीं. हमरा कहे के मतलब इ नइखे कि फेर से वही युग में लौट लिहल जाई. बॉटर सिस्टम के बात कइल जाई. गहूं बदलि के चीनी किनल जाउ.

अब जब हर ओर नगदी आ ओहू से बढ़ि के डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड के बात होता तब काहे गांव पीछे रही. उहां भी बॉटर सिस्टम के जरूरत नइखे. बाकि गांवन में अगर लोगन के पइसा ना मिली त उ शहर के ओर जइबे करिहें. गांव खाली होखबे करी. याद कइल जाउ त प्राइमरी स्कूल में लइका लोग पढ़त रहल हा त ओकर फीस नाम भर के होत रहल हा. केहू के नास्ता खातिर कवनो चीज खरीदे के जरूरत ना पड़त रहल हा. अब गांव गांव में मैगी आ स्लाइस ब्रेड पहुंच गइल बा. तब बिना नकदी के काम भी ना चली. अब प्राइमरी स्कूल के नाम पर खाली बिल्डिंग रह गइल बा त का उहां ईटा आ देवार पढ़ाई? बच्चा उहां काहे पढ़े जइहें.

दौर से तालमेल जरूरी
समाज के ताना बाना नया रूप ले लेले बा. जवन लोग खेत में मजूरी करत रहल हा उ सब मनरेगा से लेकर शहर के फैक्टरी-मिल में मजूरी करे लागल बा. खेती के करी, कइसे करी. पूर्वांचल के गांवन में पंजाब जइसन खेत नइखे जहां हार्वेस्टर से खेती हो सकेला. उहां शरीर के मेहनत से ही अनाज उपजावल जा सकेला. इहां इहो साफ क दिहल जरूरी बा कि पंजाब के उदाहरण दिहला के मतलब इ नइखे कि उहां मेहनत ना होला. बल्कि उहां खूब मेहनत होला. बाकिर बड़ बड़ जोत होखला के कारण मशीन के इस्तेमाल हो सकेला. भोजपुरी इलाका में छोट छोट चक बा. मशीन चलिए ना सकेला.
तब जरूरी बा कि उहां के खेतन के हिसाब से मशीन बने. कुछ अइसन होखे कि लोगन के खेती के जरिए भी नकदी हासिल हो सके. अभी भी नकदी खेती पूर्वांचल खातिर मुश्किल बा. तरह तरह के परेशानी सामने आवेला. अगर लोग नकदी फसल बोए लागे त अभी भी अइसना फसल के बाजार तक पहुंचावल मुश्किल बा. खरीददार खोजल आसान नइखे. कई लोग तरह तरह के सब्जी आ फल बो के देख लेले बा.

पंजाब-हरियाणा माडल पूरुब में केतना चली?
दरअसल, गांव के विकास खातिर अभी भी पुरान मॉडल से रास्ता खोजल जाता. या फिर देश भरि खातिर एक समान नीति तैयार कइल जाता. जवन नीति पंजाब हरियाणा खातिर फायदामंद हो सकेला उहे बिहार आ यूपी में किसान- गांव खातिर फायदामंद होई इ कहला मुश्किल बा. पूर्वांचल में नहर के समस्या बा. जहां बा उहां पानी के अतना बहाव नइखे कि सब जगह पानी पहुंच सके. फेर नहर के उ फायदा ना हो पावेला. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उपज अधिक भइला के एगो बड़ कारण एह क्षेत्र में नहर के जाल बा. एलीवेटेड कैनाल सिस्टम इहां के धरती के पानी से भरि देला. हां, पूरुब में गंगा जी के पानी जरुर बा जवन उहां के किसान खातिर लाइफ लाइन के काम करेला. फेर भी एकर एगो सीमा बा. इ अतना पर्याप्त नइखे कि पूरा पूर्वांचल के एकर फायदा मिलत होखे.

असुविधा में कइसे लोग रही
एह तरह से गांव के बरकत के संगे गांव के बरकार रखले खातिर सबसे ज्यादा जरूरी बा उहां के जरूरत के हिसाब से नीति बनवले के. एकरा अलावा जवन जरूरी बात बा उ जीए खातिर जरूरी सुविधा मुहैया करवले के बा. गांव में अबहियों अस्पताल आ डॉक्टरी के सुविधा नइखे. खैर गांव गांव में त सुविधा देबे के सरकार के नीयत आ ताकत दूनो पर संदेह बा. अगर रहित त मिल गइल रहित. कई गो गांव मिला के कहीं कहीं अस्पताल बा भी त उहां डॉक्टर नइखन. डॉक्टर गांव में कइसे रहिहें. एगो दूगो नर्सिंग-कर्मचारी के भरोसे अस्पताल चलत हवें सब. इलाज के सुविधा बहुत बेसिक जरूरत ह. गांव में इहे ना मिली त लोग आखिर उहां कइसे रही. दअसल, गांव तबे बचल रही जब गांवे में लोगन के पढ़ाई, इलाज आ सबसे जरूरी खर्चा खातिर नगदी रुपया मिली. ना त हरियाली फोटो आ सिनेमा में ही रही. ( डिसक्लेमर– ये लेखक के निजी विचार हैं. )

सोशल मीडिया पर लिखकर पुलिसकर्मियों को भड़काने का आरोपी आरक्षी बर्खास्त

पुलिसकर्मियों को भड़काने का आरोपी आरक्षी बर्खास्त. (सांकेतिक फोटो)

provocative posts : बलिया पुलिस में कार्यरत एक आरक्षी को सोशल मीडिया पर आधारहीन सामग्री वाला पोस्ट करने और पुलिसकर्मियों के बीच असंतोष की भावना भड़काने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

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बलिया. नौकरी चाहे सरकारी हो या प्राइवेट, उसकी अपनी एक मर्यादा और उसका अपना अनुशासन होता है. फिर जब कोई कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसपर विभागीय कार्यवाही के अलावा कानून सम्मत कार्रवाई भी की जाती है. ऐसा ही हुआ है बलिया पुलिस में कार्यरत एक आरक्षी के साथ. उसे सोशल मीडिया पर आधारहीन सामग्री वाला पोस्ट करने और पुलिसकर्मियों के बीच असंतोष की भावना भड़काने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

पुलिस अधीक्षक आरके नैय्यर ने शुक्रवार को बताया कि बलिया पुलिस में कार्यरत आरक्षी रवि यादव को बर्खास्त कर दिया गया है. उन्‍होंने बताया कि पुलिसकर्मियों को वेतन बढ़ाने, 8 घंटे से अधिक ड्यूटी न करने, विभागीय उच्च अधिकारियों के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने, असंतोष की भावना उत्पन्न करने और सोशल मीडिया पर असंगत तथ्यों को पोस्ट कर पुलिसकर्मियों को भड़काने के आरोप में आरक्षी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.

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मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए, राम, कृष्ण, शिव उनके पूर्वज – मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरक्षी रवि यादव पुलिस लाइन में तैनात था और वह जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के कुहिया गांव का रहने वाला है.

मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए, राम, कृष्ण, शिव उनके पूर्वज- मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला

योगी सरकार के मंत्री बोले- मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए (File photo)

Ballia News: राज्‍य मंत्री ने कहा कि ''असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हैदराबाद को अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे, वह कामयाब नहीं हो सके, ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अभी भी हैं, यह बुजदिल लोग हैं और इनके पूर्वज भयवश मुसलमान बन गए थे.''

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बलिया. उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला (Minister Anand Swaroop Shukla) ने कहा कि भगवान राम, कृष्ण और शिव भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं और उन्हें ‘भारतीय भूमि और संस्कृति’ को नमन करना चाहिए. शुक्ला ने दावा किया कि मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और योगी (मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ) सरकार ने इस्लामिक स्टेट बनाने की मंशा रखने वाली सोच को मटियामेट कर देश में हिंदुत्व व भारतीय संस्कृति का परचम लहरा दिया है. शुक्ला ने बृहस्पतिवार की शाम यहां राज्‍य सरकार की साढ़े चार वर्ष की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘’भारत के मुसलमानों के पूर्वज भगवान राम, कृष्ण और शंकर हैं. उन्हें काबा की धरती देखने की जरूरत नहीं है. इन लोगों को भारत की भूमि और संस्कृति के आगे नमन करना चाहिए.’

शुक्ला ने कहा कि सीरिया और अफगानिस्तान के बाद विभिन्न देशों के कुछ लोग दुनिया को एक इस्लामिक राज्य बनाना चाहते थे. भारत में भी कुछ लोगों की ऐसी ही सोच थी, लेकिन मोदी और योगी की केंद्र और प्रदेश की सरकार ने हिंदुत्व और ‘भारतीय संस्कृति’ का देश में परचम लहराकर इस सोच को मटियामेट कर दिया. हाल ही में संभल में लगाए गए विवादास्पद पोस्टरों का उल्लेख करते हुए, शुक्ला ने कहा कि ‘‘इस्लामिक आतंकवादियों को समाजवादी पार्टी के समर्थन और समाजवादी पार्टी के सम्भल के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खुलेआम तालिबान के समर्थन में बयान देने से ऐसे कार्यों को प्रोत्साहन मिलता है.’’

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इस सप्ताह की शुरुआत में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बैठक से पहले संभल को ‘गाज़ियों’ (इस्लामी योद्धाओं) की भूमि कहने वाले पोस्टर सामने आए थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पोस्टरों पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्हें अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के कार्यकर्ताओं ने हटा दिया था. शुक्ला ने कहा कि ”उत्तर प्रदेश की धरती से गाजियों का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है. ऐसी शक्तियां भविष्य में सिर नहीं उठा पाएंगी. योगी सरकार ऐसी शक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है.”

असदुद्दीन ओवैसी पर किया कटाक्ष
राज्‍य मंत्री ने कहा कि ”असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हैदराबाद को अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे, वह कामयाब नहीं हो सके, ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अभी भी हैं, यह बुजदिल लोग हैं और इनके पूर्वज भयवश मुसलमान बन गए थे.” उन्होंने कहा कि मोदी व योगी सरकार में इस तरह की सोच पनप नहीं सकती.

Encounter in UP : 1 लाख का इनामी बदमाश हरीश पासवान बलिया में ढेर, 30 मामलों में था वांछित

चार राज्यों में संगीन धाराओं में 30 मामले दर्ज थे.

Police Encounter : रसड़ा थाना क्षेत्र के नीबू चट्टी के पास एसटीएफ और पुलिस के साथ हरीश पासवान की मुठभेड़ हुई. खुद को घिरा पाकर हरीश ने की पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया हरीश. चार राज्यों में उस पर 30 से ज्यादा केस दर्ज हैं.

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बलिया. उत्तर प्रदेश के बलिया में 1 लाख का इनामी बदमाश हरीश पासवान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. एसटीएफ और पुलिस के साथ हरीश पासवान की यह मुठभेड़ रसड़ा थाना क्षेत्र के नीबू चट्टी के पास हुई. मुठभेड़ के बाद एसटीएफ की टीम को मौके से 1 पिस्टल और 1 रिवॉल्वर मिली है.

संगीन अपराधों के 30 केस दर्ज हैं

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए इनामी बदमाश हरीश पासवान पर संगीन अपराधों के तहत 30 केस दर्ज हैं. हरीश पर हाल ही में बलिया के बैरिया क्षेत्र में पूर्व जिला पंचायत सदस्य जलेश्वर सिंह की हत्या में भी शामिल होने का आरोप था. मुठभेड़ में मारा गया बदमाश हरीश पासवान बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र के बाबूबेल गांव का रहने वाला था. इस मामले पर बलिया के एसपी आरके नैय्यर ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाश हरीश पासवान पर 4 राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, फिरौती, रंगदारी जैसे संगीन अपराधों के 32 मामले दर्ज थे.

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घिरने के बाद पुलिस टीम पर की ताबड़तोड़ फायरिंग

एसपी ने कहा कि इनामी बदमाश बैरिया क्षेत्र में पूर्व जिला पंचायत सदस्य जलेश्वर सिंह की हत्या में भी शामिल था. जबकि एक व्यापारी से बदमाश ने हाल में ही 10 लाख की रंगदारी मांगी थी. पुलिस के मुताबिक, इस बदमाश को ट्रेस करने में पुलिस लगातार जुटी हुई थी. आज खबर मिली कि हरीश अपने एक साथी से मिलने जा रहा है. इस सूचना के बाद हरीश पासवान को एसटीएफ और पुलिस टीम ने घेर लिया. खुद को घिरा पाकर हरीश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से हरीश मौके पर मारा गया.

बलिया: कोविड का टीका लगाए बिना ही कई लोगों को मिला वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट

विनायक पिछले बृहस्‍पतिवार को अपने गांव पहुंचे, तो उन्‍हें पता चला कि अगले दिन शुक्रवार को गांव में टीका शिविर लगने वाला है. (सांकेतिक फोटो)

हुसैनाबाद गांव के प्रधान संजीत यादव (sanjeet yadav) के मुताबिक, उनके गांव में करीब 20-30 ऐसे मामले सामने आये हैं. यादव बताते हैं, ‘‘मुझे गांव के ही हरिशंकर गौड़ ने बताया कि उन्हें टीका नहीं लगा है, लेकिन लगने का मैसेज आ गया है.''

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बलिया. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह कोतवाली (Bansdih Kotwali) क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में कोविड-19 टीका (covid-19 vaccine) लगाए बगैर ही टीका लगाने का प्रमाण पत्र जारी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. हालांकि, मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी ने इसकी वजह तकनीकी गड़बड़ी बताई है. बलिया जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव (Hussainabad Village) में ऐसे अनेक मामले सामने आये हैं जिसमें बिना टीका लगाये ही टीका लगने का प्रमाण पत्र जारी हो गया है. प्रमाण पत्र जारी होने के बाद गांव में अफरातफरी की स्थिति है. तकरीबन 15 हजार आबादी वाले इस गांव के 34 वर्षीय विनायक चौबे ने पत्रकारों को बताया कि वह हरियाणा के गुड़गांव में नौकरी करते हैं. गुड़गांव में उन्होंने टीके के लिए एप पर पंजीयन तो करा लिया था, लेकिन वैक्सीन नहीं लिया था.

विनायक पिछले बृहस्‍पतिवार को अपने गांव पहुंचे, तो उन्‍हें पता चला कि अगले दिन शुक्रवार को गांव में टीका शिविर लगने वाला है. विनायक ने बताया कि ‘‘इस पर मैने अपने छोटे भाई विमलेश चौबे और बहन प्रियंका चौबे के साथ टीका लगवाने चला गया. सेंटर पर हमने अपनी तमाम जानकारी दे दी और बैठकर अपनी बारी का इंतज़ार करने लगे. कैंप में काफी भीड़ थी. हमने दिन भर इंतज़ार किया, लेकिन बारी नहीं आई. हम शाम को घर लौट आए.’’ उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर रात के करीब 10 बजे मैसेज आया कि उनको टीका लग चुका है. उन्होंने पोर्टल पर प्रमाण पत्र देखा. उस पर उनकी ही जानकारी दी गई है, जबकि उन्हें टीका लगा ही नहीं है.

 फिर हम तीनों वापस लौट आए
गांव की ही रहने वाली 22 वर्षीय रानी दुबे और 25 वर्षीय आरती दुबे की भी ऐसी ही समस्या है. रानी दूबे ने पत्रकारों को बताया कि ‘‘शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मैं, मेरी दीदी आरती दुबे और भतीजी प्रगति दुबे टीका लगवाने पहुंचे. वहां काफी भीड़ थी. जैसे-तैसे हमने अपने आधार कार्ड का नंबर और फोन नंबर लिखवाया और अपनी बारी का इंतज़ार करने लगे. शाम पांच बजे तक हमने इंतज़ार किया, लेकिन हमारी बारी नहीं आई. फिर हम तीनों वापस लौट आए.’’

मैसेज आया कि आपको टीका लग गया है
उन्होंने बताया, ‘‘मोबाइल पर रात के 10 बजे हम तीनों को मैसेज आया कि आपको टीका लग गया है. हम हैरान हो गए कि जब हमें वैक्सीन लगा ही नहीं तो ये मैसेज कैसे आया.’’ गांव के ही 21 वर्षीय पियूष तिवारी ने बताया कि देर शाम बिना टीकाकरण के वह वापस लौट आये और रात को उनके मोबाइल पर टीका लगने का संदेश आ गया. इससे पहले रानी ने दावा किया कि गांव के कई लोगों के साथ ऐसा हुआ है. हुसैनाबाद गांव के प्रधान संजीत यादव के मुताबिक, उनके गांव में करीब 20-30 ऐसे मामले सामने आये हैं. यादव बताते हैं, ‘‘मुझे गांव के ही हरिशंकर गौड़ ने बताया कि उन्हें टीका नहीं लगा है, लेकिन लगने का मैसेज आ गया है.

 इस शिकायत को उन्होंने टेक्निकल यूनिट को दे दिया है
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी है. विभाग का कहना है कि अव्यवस्था के चलते ऐसा हुआ है और स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम प्रधान को आश्वस्त किया है कि जिनके साथ भी ऐसा हुआ है, उन्हें टीका लगेगा. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि उन्हें फोन पर ऐसी तीन शिकायत मिली है. सीएमओ ने बताया कि ‘‘टीका नहीं लगा और मैसेज चला गया तो यह टेक्निकल गलती है. उन्होंने बताया कि इस शिकायत को उन्होंने टेक्निकल यूनिट को दे दिया है.

...जब अखिलेश यादव के सामने फफक कर रो पड़े पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, बोले- मेरा हुआ पुनर्जन्म

...जब अखिलेश यादव के सामने फफक कर रो पड़े पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी

UP Election 2022: अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि राजनीति में उतार चढ़ाव आते हैं, लेकिन सही समय पर जो साथ दें वही साथी सच्चा है. इसके साथ कहा कि समाजवादियों का सबसे गहर रिश्ता बलिया से रहा है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी (Former Minister Ambika Chaudhary) ने बसपा छोड़ वापस समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का दामन थाम लिया है. सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें सदस्यता दिलाई. इसके बाद चौधरी फफक कर अखिलेश यादव के सामने रो पड़े. पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म के बराबर है. आगे उन्होंने कहा, ‘मेरे मन में एक अभिलाषा है कि 2022 में अखिलेश यादव को दोबारा सीएम बनता देखूं. जो भी उपलब्धियां हैं इसी छांव की है. जबकि 68 साल के अंबिका को रोते हुए देख अखिलेश भी भावुक हो गए. उन्होंने अंबिका के आंसुओं को पोछा.’

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आप बहुत भावुक हो गए हैं. अंबिका चौधरी जो कहना चाह रहे थे वो भी नहीं कह पा रहे थे. कितने कष्ट से ये दिन गए होंगे, आज मुझे एहसास हुआ है. मेरी कोशिश रहेगी नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से जुड़े हुए सभी लोगों को एक साथ लाया जाए. न जाने क्यों बहुत मजबूत रिश्ते आसानी से टूट जाते हैं लेकिन अब फिर से सब सही हो रहा है. अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति में उतार चढ़ाव आते हैं, लेकिन सही समय पर जो साथ दें वही साथी सच्चा है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बलिया के लोगों की भूमिका उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने में काफी अहम होगी.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वहीं धरती है जिसने पहले ही खुद को अंग्रेजों से आजाद करवा लिया था. अखिलेश ने कहा कि जिला पंचायत के चुनाव में पूरे प्रदेश में सबसे मजबूती के साथ बलिया के लोग खड़े दिखाई दिए. यही बलिया की पहचान है. समाजवादियों का सबसे गहर रिश्ता बलिया से रहा है. लखनऊ में भी सबसे बड़ी पहचान बलिया के लोगों की है, जैसे जेपी, एनआईसी बिल्डिंग. बता दें कि अंबिका चौधरी एक समय में समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में थे. हालांकि, 2019 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने मनमुटाव के चलते बसपा जॉइन कर ली थी.

MP अतुल राय पर Rape का आरोप लगाने वाली लड़की की इलाज के दौरान मौत, जानिए पूरा मामला

UP: बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की की मौत हो गई है.

Varanasi News: बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती ने अपने दोस्त के साथ दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के गेट के बाहर खुद को आग लगा ली थी. दोस्त की पहले ही मौत हो गई थी. अब पीड़िता की मौत के बाद पीछे कई सवाल छूट गए हैं.

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वाराणसी. उत्तर प्रदेश की मऊ लोकसभा सीट (Mau Loksabha Seat) से बसपा सांसद अतुल राय (BSP MP Atul Rai) पर दुष्कर्म (Rape) सहित अन्य आरोप लगाने वाली युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई. युवती ने अपने दोस्त सत्यम प्रकाश राय के साथ दिल्ली सुप्रीम कोर्ट (SC) के गेट के बाहर खुद को आग लगा ली थी. सत्यम की इलाज के दौरान पहले ही मौत हो गई थी. पीड़िता की मौत के बाद पीछे कई सवाल छूट गए हैं.

आत्मदाह से ऐन पहले फेसबुक लाइव करते हुए लड़की और उसके दोस्त ने यूपी के कई पुलिस अफसरों समेत कुछ अन्य लोगों पर परेशान करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया था. अगर पिछले एक साल में सिलसिलेवार घटनाओं को देखें तो पूरा मामला बेहद उलझा हुआ नजर आता है.

पीड़ित लड़की यूपी के बलिया जिले की रहने वाली थी और वाराणसी के उदय प्रताप कालेज की छात्रा थी. वीडियो के जरिए लड़की और उसके दोस्त सत्यम राय ने तत्कालीन वाराणसी एसएसपी रहे अमित पाठक, तत्कालीन सीओ भेलुपुर अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय समेत अन्य पर भी सांसद को बचाने और उसे परेशान करने का आरोप लगाया था.

एसएसपी हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

इस मामले में वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक को गाजियाबाद से हटाकर लखनऊ तबादला कर दिया गया. वहीं वाराणसी के कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक और विवेचक पर कार्यवाही की गई है. प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि विवेचक को सस्पेंड कर दिया गया है.

घटना से पहले 2 अगस्त को जारी हुआ था गैर जमानती वारंट

आत्मदाह की घटना से पहले दो अगस्त को मृतक लड़की के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था. युवती पर आरोप था कि उसने दो अलग-अलग मुकदमों में अपनी उम्र अलग-अलग दर्ज कराई है. इस मामले में कैंट थाने की पुलिस को युवती की तलाश थी, जबकि दूसरी ओर गैर जमानती वारंट जारी होने से कुछ दिन पहले सांसद अतुल राय की बहन, पिता और वकील ने प्रेस कांफ्रेंस करके पुलिस पर ही सवाल खड़े किए थे.

MP पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने आत्मदाह की कोशिश से पहले किया था FB Live

परिवार वालों का कहना था कि लड़की और उसके दोस्त के षड्यंत्र का पर्दाफाश करने से जुड़े सारे ऑडियो रिकार्डिंग समेत अन्य साक्ष्य पुलिस को दिए गए लेकिन फिर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है. तब बहन ने न्याय न मिलने के कारण अपनी भाभी दवारा आत्महत्या की चेतावनी दी थी. परिवारवालों और वकील ने मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी पर भी चुनाव की रंजिश के चलते षड्यंत्र का आरोप लगाया था. उससे पहले परिवारवालों ने सीएम योगी से गुहार लगाते हुए मुख्तार अंसारी से अतुल राय की जान को खतरा बताया था.

कब-कब क्या हुआ?

बीते लोकसभा चुनाव से ऐन पहले एक मई 2019 को युवती ने लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था.

22 जून 2019 को सांसद अतुल राय ने वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया.

इस मामले में अतुल राय प्रयागराज जिले के केंद्रीय कारागार नैनी में बंद हैं.

युवती और उसके दोस्त ने फेसबुक लाइव के जरिए आरोप लगाया कि सभी मिलकर उसे ही चरित्रहीन साबित और सांसद अतुल राय को बचाने की कोशिश में लगे हैं.

जातीय जनगणना : यूपी के BJP MLA ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना, बोले- राजनीतिक लाभ की खातिर समाज को न तोड़ें

जातिगत जनगणना को लेकर बिहार का सियासी पारा चढ़ा हुआ है.

Caste Census: जातिगत जनगणना को लेकर सोमवार को सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) समेत बिहार के 10 दलों के 11 नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात की. इसको लेकर यूपी के बलिया जिले की बैरिया सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (BJP MLA Surendra Singh) ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि वह राजनीति की खातिर ऐसा कर रहे हैं.

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बलिया. उत्‍तर प्रदेश के बलिया जिले की बैरिया सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (BJP MLA Surendra Singh)ने देश में जाति आधारित जनगणना की मांग करने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा,’ सामाजिक न्याय की बात करने वाले नेता नीतीश कुमार तथा अन्य से मेरा निवेदन है कि यदि वास्तव में वह अपने गरीब पिछड़े वर्ग के भाइयों को न्याय दिलाना चाहते हैं तो सबसे पहले उन्हें स्वयं और अन्य संपन्न लोगों को आरक्षण कोटे से बाहर रहने की घोषणा करनी चाहिए.’

इसके अलावा भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह कहा कि ऐसा करने से आरक्षण का लाभ पिछड़े वर्ग के गरीब लोगों को मिल सकेगा. उन्‍होंने साथ ही कहा कि राजनीतिक लाभ की खातिर समाज को तोड़ना देश के लिए उचित नहीं है.

ये भी पढ़ें- आपके लिए इसका मतलब : क्षेत्रीय दलों का जातिगत जनगणना पर जोर क्यों? जानें OBC वोट बैंक का समीकरण

जानें पूरा मामला
गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में राज्य की 10 पार्टियों के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इन सभी दलों ने जाति आधारित जनगणना की आवश्यकता पर एक स्वर में बात की और जोर देकर कहा था कि विभिन्न जातियों संबंधी आंकड़े प्रभावी विकास योजनाएं बनाने में मदद करेंगे क्योंकि उनमें से कई को उनकी वास्तविक जनसंख्या के अनुरूप अब तक लाभ नहीं मिला है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ भाजपा और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए और उन्होंने मोदी को अपनी मांग सौंपी है.

बिहार के सीएम ने दिया ये तर्क
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जातीय जनगणना को लेकर कहा कि एक बार जनगणना हो जाएगी तो आबादी स्‍पष्‍ट हो जाएगी और फिर उसी आधार पर सरकारी कार्यक्रमों को फायदा मिलेगा. साथ ही कहा कि सही आंकड़ा नहीं होने की वजह से कई समूहों को सरकार की नीतियों को फायदा नहीं मिल पा रहा है. जबकि आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा में दो बार जातीय जनगणना का प्रस्ताव पारित हुआ और आखिरी जातीय जनगणना 1931 में हुई. इससे पहले 10-10 साल में जातीय जनगणना होती रही. जनगणना से सही आंकड़े सामने आएंगे जिससे हम लोगों के लिए बजट में योजना बना सकते हैं.

आजादी से पहले स्वतंत्र हो गए थे बलिया के 75 गांव, BJP सांसद बोले- इन गांवों को आत्‍मनिर्भर बनाएगी सरकार

उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसदीय बोर्ड के विमर्श पर इन तीनों जिलों के 75-75 गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर सहमति जताई है.  (फाइल फोटो)

बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त (MP Virendra Singh Mast) ने कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में देश के आजाद होने से पहले आजादी पाने वाले उत्तर प्रदेश के बलिया, महाराष्ट्र के सातारा और पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिलों के विकास को लेकर विचार विमर्श किया गया था.

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बलिया. भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त (MP Virendra Singh Mast) ने कहा कि देश की स्वतंत्रता से पहले आजाद होने वाले उत्तर प्रदेश के बलिया (Baliya), महाराष्ट्र के सातारा और पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिलों के 75-75 गांवों को केंद्र सरकार आत्मनिर्भर बनाएगी. मस्त ने बीते दिनों मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया गया था. देश के आजाद होने से पहले आजादी पाने वाले उत्तर प्रदेश के बलिया, महाराष्ट्र के सातारा और पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिलों के विकास को लेकर बोर्ड की बैठक में विमर्श किया गया था.

उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसदीय बोर्ड के विमर्श पर इन तीनों जिलों के 75-75 गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर सहमति जताई है. उन्होंने बताया कि इन चयनित गांवों में विकसित खेती, आर्गेनिक खेती, सिंचाई, शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पेयजल, सुरक्षा और सबके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जायेगा. इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार धन उपलब्ध करायेगी.

भदोही के 22 सपूतों को इमली के पेड़ पर दी गई थी फांसी
इसकी सफलता के बाद उन तीनों जनपदों के सभी गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएंगे. सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने प्रस्ताव के प्रति विशेष रुचि दिखाई है. आपको बता दें कि बीते 16 अगस्त को बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने भदोही जिले के 75 गांवों को आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी भारत बनाने के लिए काम करने का ऐलान किया था. जमुनीपुर स्थित स्वदेशी आश्रम में उन्होंने कहा था कि देश आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मना रहा है. इस दौरान हम सबको उन वीर शहीदों की कुर्बानियों को भी याद करते रहना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन्हें भुला न पाए. उन्होंने कहा था  कि भदोही का इतिहास गौरव से भरा पड़ा है. 1857 आजादी के लिए नील आंदोलन की शुरुआत भदोही से हुई थी. भदोही के 22 वीर सपूतों को अंग्रेजों ने इमली के पेड़ पर फांसी दी थी.

Army Bharti 2021: यूपी के 12 जिलों में होने वाली सेना की भर्ती रैलियां स्थगित, नई तिथि की घोषणा जल्द

Army Rally 2021: वाराणसी में प्रस्तावित सेना भर्ती रैली को कोरोना मामलों के कारण स्थगित कर दिया गया है.

Army Rally 2021: भारतीय सेना की ओर से वाराणसी में प्रस्तावित सेना भर्ती रैली को कोरोना मामलों के कारण स्थगित कर दिया गया है. जल्द ही भर्ती रैली की नई तिथि घोषित की जाएगी.

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Army Rally 2021. यूपी में 12 जिलों के लिए होने वाली भर्ती रैली को कोरोना मामलों के कारण भारतीय सेना ने स्थगित कर दिया है. इन जिलों के लिए भर्ती रैली 6 सितंबर 2021 से 30 सितंबर 2021 तक वाराणसी के रणबांकुरे मैदान में प्रस्तावित थी. जल्द ही सेना की ओर से इन जिलों के लिए भर्ती रैली का नया शेड्यूल जारी किया जाएगा.

न्‍यूज 18 से बातचीत में सेना भर्ती केंद्र के निदेशक कर्नल सिद्धार्थ बसु ने बताया कि कोविड को देखते हुए वाराणसी में होने वाली भर्ती रैली को फिलहाल स्‍थगित कर दिया गया है. भर्ती रैली की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी.

Army Rally 2021: इन जिलों के लिए होने वाली थी भर्ती रैली
पूर्वांचल यूपी के 12 जनपदों के लिए वाराणसी में होने वाली भर्ती रैली प्रस्तावित थी. इनमें वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गाजीपुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुरी

Army Rally 2021: 21 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
रैली में शामिल होने के लिए इन जिलों के अभ्यर्थी सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के जरिए 21 अगस्त 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया 8 जुलाई 2021 से जारी है. वाराणसी में होने वाली भर्ती रैली स्थगित होने के बाद अब बरेली और मेरठ में होने वाली सेना भर्ती रैली पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. माह के अंतिम सप्‍ताह तक इस बाबत स्थितियां साफ हो पाएंगी.

Army Rally 2021: इन पदों पर होगी भर्तियां
इस भर्ती रैली के जरिए सिपाही नर्सिंग असिस्टेंट, सिपाही क्लर्क, सिपाही ट्रेडमैन, सिपाही सामान्य ड्यूटी, सिपाही टेक्निकल और सिपाही ट्रेडमैन के पदो पर भर्तियां की जाएगी. भर्ती रैली से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जारी नोटिफिकेशन को देख सकते हैं.

Army Rally 2021: शैक्षणिक योग्यता
सोल्जर ट्रेडमैन के लिए अभ्यर्थी का किसी भी बोर्ड से 8वीं पास होना अनिवार्य है. वहीं सिपाही सामान्य ड्यूटी पद के लिए 10वीं पास अधिकतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है. सिपाही टेक्निकल पद के लिए अभ्यर्थी को साइंस स्ट्रीम में 12वीं पास होना चाहिए. सिपाही नर्सिंग असिस्टेंट पद के लिए अभ्यर्थियों को भौतिक, रसायन, बायो या बॉटनी जूलॉजी से 12वीं पास होना चाहिए.

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Army Rally 2021: महत्वपूर्ण तिथियां
आवेदन शुरू होने की तिथि – 8 जुलाई 2021
आवेदन की अंतिम तिथि – 21 अगस्त 2021
आधिकारिक वेबसाइट – www.joinindianarmy.nic.in

Bhojpuri: देश से 5 साल पहिले ही मिलल रहे बलिया के हफ्ताभर आजादी, जानीं एकर सुनहरा इतिहास

आजु यानी 19 अगस्त के दिने ठीक 79 साल पहिले बलिया अपना के ब्रिटिश हुकुमत से आजाद कइ लेले रहे. हालांकि, हफ्ताभर बाद फिर से अंग्रेज काबिज हो गइल रह सन. पढ़ीं बलिया के सुनहरा इतिहास...

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आजु यानी 19 अगस्त के दिने ठीक 79 साल पहिले बलिया आपाना के अंगरेज सरकार के गुलामी से आजाद कइ लेले रहे. बलिया के आजादी के गोरी सरकार के नजर में का अहमियत रहे, एही बात से समझल जा सकेला कि जब हफ्ताभर बाद क्रूर अंग्रेज अधिकारी नेदरसोल के दमन के चलते बलिया पर अंगरेजन के कब्जा भइल त बीबीसी लंदन से प्रसारित अंग्रेजी बुलेटिन के शीर्षक रहे, बलिया पर फेरू से कब्जा.

आठ अगस्त 1942 के सांझि खा बंबई में जुटल कांग्रेस कार्यसमिति अंगरेज सरकार के खिलाफ ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पास कइले रहे. दरअसल ओह घरी पूरा दुनिया दूसरा विश्व युद्ध से जूझि रहल रहे. अंगरेज सरकार भारतीय नेता लोगन के विरोध के बावजूद भारतो के विश्वयुद्ध में जोड़ि दिहलसि. एकर विरोध भइल. गांधी जी पहिलका विश्व युद्ध के वाकया भुलाइल ना रहले. तब अंगरेज सरकार भारतीय लोगन से ओह युद्ध में एह सर्त पर सहयोग मंगले रहे कि विश्व युद्ध के बाद भारत के औपनिवेशिक स्वाधीनता दे दीही. बाकिर बाद में एह से मुकरि गइल रहे.

भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित भइला के बाद अंगरेज सरकार बंबई में जुटल कांगरेस के बड़का नेता मसलन गांधी जी, नेहरू, पटेल, मौलाना आजाद, आदि के गिरफ्तार कइ के जेल में भेजि दिहलसि. गांधी जी के पूना के आगा खां महल में कैद कइल गइल त जवाहर लाल नेहरू अहमदनगर जेल में डालि दिहल गइले.

कांग्रेस के अधिवेशन अगिला दिने यानी नौ अगस्त के बंबई के गवालिया टैंक मैदान में होखे के रहे. बाकिर उहवां पुलिस कब्जा कइ लिहलसि. अब ई मैदान आजाद मैदान के नाम से जानल जाला. ओह घरी ले रेल, आदि से नेता बंबई आवत रहले. त अंगरेज सरकार बीचे में लोगन के रेल से उतारि के गिरफ्तार कइ लिहलसि.

ई खबरि जब बलिया में पहुंचल त लोग एकर विरोध में उतरि गइले. कांगरेस के नेतन के विरोध में बलिया में भी चित्तू पांडे, विश्वनाथ चौबे, जानकी प्रसाद शर्मा, राधामोहन सिंह आदि के अगुआई में बलिया के कांगरेसी आ आम आदमी विरोध सुरू कइ दिहले. एकरा के अंगरेज सरकार ओइसहिं दबवलसि, जइसे बंबई समेत पूरा देस में दबावल जात रहे.

दिलचस्प बात ई बा कि ओह घरी बलिया के कलक्टर, एसपी, तहसीलदार सभ भारतीये रहले. कलक्टर रहले जे निगम त एसपी रहले रियाजुद्दीन शेख, आ तहसीलदार रहले ठाकुर रामलगन सिंह. लोगन के जानि के अचरज होई कि ई भारतीये अफसर लोग ओह घरी अपने लोगन पर अतियाचार कइले रहे लोग.

प्रसासन पूरा जिला में नौवे अगस्त से धारा 144 लगा देले रहे. बाकिर गांवन में विरोध सुरू हो गइल रहे. रेवती, बैरिया, सहतवार, सुखपुरा, चितबड़ा गांव, रसड़ा आदि में विरोध बढ़ि गइल रहे. ओह घरी बलिया में छात्र लोगन के नेता रहले पंडित तारकेश्वर पांडे. रामलक्षण तिवारी आदि लोग उनुकर संहतिया रहे. ओह लोगन के अगुआई में बलिया में दस अगस्त के दिने छात्रन हड़ताल रहल. ओह दौरान पुलिस छात्रन पर लाठी चार्ज कइलसि त छात्र रेलवे लाइन पर जुटि गइले आ उहवां के गिट्टी फेंकि के पुलिस पर हमला कइले. बाकिर आंदोलन जारी रहल. एह बीचे सोलह अगस्त के दिने बलिया के नजदीक के लोग विरोध में तरकारी के खांची ले-ले बलिया पहुंचले. असल में विरोध में जुटान के ई तरीका रहे. पुलिस एह बाति के समझि ना पवलसि आ जबले समझलसि, तब ले हजारन लोग बलिया में जुटि गइल रहले. एह से प्रसासन के हाथ पाव फूलि गइल. एह में से ज्यादेतर लोग सहर के गुदरी बाजार में जुटि गइल रहे. एह जुटान के छितिर-बितिर करे खातिर बलिया के अगरेज एसडीएम ओबैस, तहसीलदार रामलगन सिंह आ कोतवाल सिवकेदार सिंह भारी पुलिस बल लेके गुदरी बाजार पहुंचि गइले. उहवां जाके पहिले लाठी चार्ज भइल आ फेरू गोलीबारी. एह में खोरी पाकड़ के बीस साल के नौजवान दुखी कोइरी पुलिस से भिड़ि गइले. तब उनुकरा पर पुलिस गोली चला दिहलसि. ओह से बचाव में ऊ आपन तरकारी के छँइटिए आगे कइ दिहले. बलिया के गुदरीबाजार के नगीचहीं लोहामंडी बा. ऊहवें गोलीबारी में दुखी सहीद हो गइले. बलिया के आजादी के आंदोलन के ई पहिलका सहादत रहे. एकरा बाद ओह दिन आउर छह लोग सहीद भइले. ओह में सहीद भइल मोहित लाल त बलेसर जी के दर्सन कइ के निकलत रहले त पुलिस उनुको के मारि दिहलसि.

एह बीचे देस में आगि लागि गइल रहे. गिरफ्तार कइ के जेल लेजात खानी गांधी जी एगो पुरजी पर लिखि के संदेस देले रहले, करो या मरो. ओह के देस के जनता दिल पर ले लिहलसि. एह में छात्रन के भूमिका बहुते रहे. इलाहाबाद आ बनारस के विश्वविद्यालयन के छात्र आंदोलन पर निकलि गइले. इलाहाबाद से बनारस होके बलिया दूगो रेल गाड़ी पहुंचली स. ऊ 14 आ 15 अगस्त के पहुंचल रहली स. एगो गाड़ी पहुंचलि बलिया आ दोसरकी मऊ होके बेलथरारोड. एह गाड़ी में सवार लइका हर स्टेसन के लूटत चलले. बेल्थरा रोड में जब गाड़ी पहुंचलसि त उहवां के छात्र नेता पारसनाथ मिसिर के अगुआई में स्टेशन आ मालगोदाम लूटा गइल. एही तरी बलिया बनारस रूटो पर आंदोलन जारी रहे. इलाहाबाद से चललि ट्रेन में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे लोग, जवन बेल्थरारोड पर पहुंचलि रहे त बलिया आवे वाली रेल मे बनारस के काशी हिंदू विश्वविद्यालय और काशी विद्यापीठ के छात्र रहे लोग. देखत-देखत पूरा बलिया में क्रांति फइल गइल. एह में नौजवानन के भागेदारी ज्यादे रहे. सहतवार, बांसडीह, सिकंदरपुर, उभांव, चिलकहर, हलधरपुर आदि के थाना पर या त कांग्रेसी तिरंगा फहरा दियाइल भा लूटि लियाइल. बलिया आ बांसडीह तहसील पनरह –सोरह अगस्त के लूटा गइल. एह बीच अठारह अगस्त के बैरिया थाना पर जवार भरि के लइकन के जुटान भइल. थाना पर झंडा फहरावे के लोग थानेदार से मंजूरी मांगल. थानेदार दे दिहलसि. बाकिर ओकरा मन में कारिख रहे. जइसहिं नारायनागढ़ के नौजवान कौशल सिंह झंडा लेके चलले, उनुका के गोली मारि दियाइल. एकरा बाद नौजवान बढ़त गइले आ मारात गइल. एह में 22 गो नौजवान मराइल रहले. ओहि दिने रसड़ा में थाना पर झंडा फहरावे में बीस लोग सही हो गइले. बहरहाल ई सहादत से बलिया बउरा गइल. बैरिया थाना के तीन ओर से घेरि लियाइल रहे, जबकि एक ओर बाढ़ि के पानी भरल रहे. लोग सोचल की थाना घेराइल बा त थानेदार आ सिपाही सब ओहि में होइहें, बाकिर उ सभ पानी में कूदि के जनेरा के खेते-खेते फरार हो गइले स.

बलिया में हालात जब बेकाबू हो गइल त 18 तारीख के जिला के प्रमुख लोगन संगे प्रशासन के मीटिंग भइल. प्रशासन एह में लोगन से मदद मंगलसि. बाकिर मदद ना मिलल. एह के पहिले 16 आ 17 अगस्त के भी मीटिंग भइल रहे. एह बीचे 18 अगस्त के जेल में बंद कांग्रेस नेतन से कलक्टर आ एसपी मिलले. तब राधामोहन सिंह कहले रहले कि बलिया में पंचायती वेवस्था से शासन चली. तब कलक्टर जे निगम खिसिया गइल रहले आ एह पर तेयार ना भइले. ओह घरी बलिया बनारस कमिस्नरी में आवत रहे. उहवां से फोर्स मंगावे के कोशिश कइले. बाकिर बलिया से बनारस के बीचे रेल लाइन उखारि दियाइल रहे. जगहि-जगहि टेलीफोन के तार काटि दियाइल रहे त फोर्स ना आ पाइल. एह बीचे बलिया बेकाबू हो गइल रहे.
19 अगस्त के दिने बलिया में करीब साठि हजार लोग जुटि गइले. बलिया आवे वाला बैरिया रोड, बांसडीह रोड वाली सड़कि, पछिम से आवे वाली दूनो आ सिकंदर पुर रोड सब पर लोगन के कब्जा हो गइल रहे. एकरा बाद जिला प्रसासन सरेंडर कइ दिहलसि आ 19 अगस्त के दिने बलिया आजाद हो गइल. जेल के फाटक खोला गइल आ गिरफ्तार नेता लोगनि के छोड़ि दियाइल. बलिया के जनता आपाना नेतन के सम्राट नियर स्वागत में उमड़ि परलि. बलिया के सुराजी सरकार के प्रमुख चित्तू पांडे चुनल गइले. करीब हफ्ता भर तक बलिया में सुराजी सरकार चलल. जवना के प्रमुख रहले चित्तू पांडे, जेकरा के बाद में शेर ए बलिया कहल गइल.

बलिया के एह आजादी से अंगरेज घबरा गइले स. क्रूर अफसर नेदरसोल के अगुआई में कुमुक 25 जुलाई के राति गंगाजी के जरिए बलिया पहुंचलि आ ओकरा बाद गांवा-गाईं अतियाचार सुरू हो गइल. लोगन के धर-पकड़, पिटाई सुरू भइल आ ई 1944 ले जारी रहल. जब एह साल फिरोज गांधी बलिया अइले त बलिया पर भइल अतियाचार देखि के दंग रहि गइले. तब बलिया के वकील मुरली मनोहर लाल के अगुआई में इहवां के वकीलन के तेयार कइले कि ऊ लोग बलिया के लोगन के अतियाचार से बचावे खातिर मुकदमा लड़सु लोग.

बलिया भले ही अंगरेजन के कब्जा में आ गइल, बाकिर भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में देस के आजादी के पहिले आजादी हासिल कइके इहवां के माटी आपन नाम सुनहला अछरि में लिखवा लिहलसि. ई आंदोलन देस खातिर प्रेरणा बनल, जवना पर आगे बढ़ि के पांच साल देस के आजाद हो गइल. (उमेश चतुर्वेदी वरिष्ठ पत्रकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

Army Bharti 2021: UP के इन 12 जिलों के लिए सेना में आईं भर्ती, आवेदन के लिए बचे सिर्फ 4 दिन

भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे जिन नौजवानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे 21 अगस्‍त तक आवेदन कर सकते हैं.

Indian Army Recruitment Rally 2021: भारतीय सेना के 7 पदों के लिए प्रस्‍तावित भर्ती प्रक्रिया 6 सितंबर से वाराणसी के रणबांकुरे स्‍टेडियम में शुरू होने जा रही है. यह भर्ती प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगी.

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नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश के 12 जिलों मे रहने वाले नौजवानों के लिए भारतीय सेना भर्ती अभियान शुरू करने जा रही है. सेना के विभिन्‍न पदों के लिए उत्‍तर प्रदेश के जिन 12 जिलों से भर्ती होनी हैं, उनमें आजमगढ़, बलिया, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र और वाराणसी शामिल हैं. भारतीय सेना ने इस भर्ती अभियान के लिए 8 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी किया था. करीब सात पदों के लिए जारी भर्ती अभियान के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्‍त है. भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे जिन नौजवानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in के जरिए 21 अगस्‍त तक आवेदन कर सकते हैं.

इन पदों के लिए होनी है भर्ती रैली:
सैनिक (सामान्य ड्यूटी),
सैनिक (तकनीकी),
सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक),
सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा),
सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी),
सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र)

शैक्षणिक योग्यता

  • सैनिक (सामान्य ड्यूटी) :
    (i) कुल 45% अंकों के साथ कक्षा 10वीं या मैट्रिक पास, प्रत्‍येक विषय में न्‍यूनतम 33% अंक.
    (ii) ग्रेडिंग सिस्टम बोर्ड से पास अ‍भ्‍यर्थियों के लिए सभी विषयों में ‘डी’ ग्रेड और एग्रीगिएट में ‘सी-2’ ग्रेड.

सैनिक (तकनीकी) :
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक):
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा):
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी):
(i) कला, विज्ञान या वाणिज्‍य स्‍ट्रीम से 10 + 2/ इंटरमीडिएट परीक्षा पास की हो.
(ii) सभी विषयों में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में कुल 60% अंक हों.
(iv) 12 वीं की कक्षा में अंग्रेजी, गणित और अकाउंट्स/बुक कीपिंग की पढ़ाई की हो.

सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र):
(i) 33% अंकों के साथ 10 वीं कक्षा पास हों.

आयु सीमा
सैनिक (सामान्य ड्यूटी) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्‍यर्थियों जन्‍म 1 अक्‍टूबर 2000 से 1 अप्रैल 2004 के बीच का होना चाहिए. वहीं, सैनिक (तकनीकी), सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक), सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा), सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी) और सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्‍यर्थियों जन्‍म 1 अक्‍टूबर 1998 से 1 अप्रैल 2004 के बीच का होना चाहिए.

चयन प्रक्रिया
रैली के दौरान अभ्यर्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण, शारीरिक मापन और चिकित्सा परीक्षण किया जाएगा. इन सभी मापदंडों में खरे उतरने वाले अभ्यर्थियों का चुनाव सामान्य प्रवेश परीक्षा के लिए किया जाएगा.

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MP पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने आत्मदाह की कोशिश से पहले किया था FB Live

UP: बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की और उसके दोस्त में दिल्ली में आत्मदाह का प्रयास किया है

Varanasi News: बसपा सांसद अतुल राय पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की और उसके दोस्त ने दिल्ली में आत्मदाह की कोशिश से पहले फेसबुक लाइव किया था. उसने वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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वाराणसी. उत्तर प्रदेश की मऊ (Mau) लोकसभा सीट से बसपा सांसद अतुल राय (BSP MP Atul Rai) के खिलाफ चल रहे रेप केस (Rape Case) में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब रेप का आरोप लगाने वाली लड़की और उसके दोस्त ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के बाहर आत्मदाह की कोशिश की. पीड़ित लड़की यूपी के बलिया (Ballia) जिले की रहने वाली है और वाराणसी (Varanasi) के उदय प्रताप कालेज की छात्रा है.

हालांकि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचा लिया और फिलहाल दोनों अस्पताल में भर्ती हैं. पता चला है कि युवती और उसके दोस्त सत्यम प्रकाश राय ने आत्मदाह से पहले फेसबुक लाइव किया था. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के जरिए लड़की और उसके दोस्त सत्यम राय ने तत्कालीन वाराणसी एसएसपी रहे अमित पाठक, तत्कालीन सीओ भेलुपुर अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय समेत एक न्यायाधीश पर भी सांसद को बचाने और उसे परेशान करने का आरोप लगाया है.

इस घटना से पहले 2 अगस्त को वाराणसी की सीजेएम कोर्ट ने लड़की के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. युवती पर आरोप लगाया गया है कि उसने दो अलग-अलग मुकदमों में अपनी उम्र अलग-अलग दर्ज कराई है. इस मामले में कैंट थाने की पुलिस को युवती की तलाश थी, जबकि दूसरी ओर गैर जमानती वारंट जारी होने से कुछ दिन पहले सांसद अतुल राय की बहन, पिता और वकील ने प्रेस कांफ्रेंस करके पुलिस पर ही सवाल खड़े किए थे.

सुप्रीम कोर्ट के बाहर महिला व पुरुष ने लगाई खुद को आग, आत्मदाह का किया प्रयास, RML में भर्ती

यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़की और उसके दोस्त के षड्यंत्र का पर्दाफाश करने से जुड़े सारे ऑडियो रिकार्डिंग समेत अन्य साक्ष्य पुलिस को दिए गए लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है. तब बहन ने न्याय न मिलने के कारण अपनी भाभी दवारा आत्महत्या की चेतावनी दी थी. परिवार वालों और वकील ने मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी पर भी चुनाव की रंजिश के चलते षड्यंत्र का आरोप लगाया था. उससे पहले परिवार वालों ने सीएम योगी से गुहार लगाते हुए मुख्तार अंसारी से अतुल राय की जान को खतरा बताया था.

जानिए कब-कब, क्या हुआ?

बीते लोकसभा चुनाव से ऐन पहले एक मई 2019 को युवती ने लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था.

22 जून 2019 को सांसद अतुल राय ने वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया. इस मामले में अतुल राय प्रयागराज जिले के केंद्रीय कारागार नैनी में बंद हैं.

युवती और उसके दोस्त ने फेसबुक लाइव के जरिए आरोप लगाया है कि सभी मिलकर उसे ही चरित्रहीन साबित और सांसद अतुल राय को बचाने की कोशिश में लगे हैं.

BJP नेता का दावा- यूपी में नौकरशाह चला रहे हैं योगी की सरकार, मंत्रियों की भी नहीं सुनते अफसर

उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि से लेकर पार्टी नेताओं की स्थिति अत्यंत बदतर हो गई है और इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही. (सांकेतिक फोटो)

BJP Politics: भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह (Ram Iqbal Singh) ने योगी सरकार पर साधा निशाना. इससे पहले किसान आंदोलन का भी समर्थन कर चुके हैं बीजेपी नेता.

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बलिया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह (Ram Iqbal Singh) ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया है कि राज्य सरकार को नौकरशाह चला रहे हैं तथा जन प्रतिनिधियों से लेकर पार्टी नेताओं को नौकरशाही (Bureaucracy) तवज्जो नहीं देती. भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व पूर्व विधायक सिंह ने बीते दिनों यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि योगी सरकार को नौकरशाह चला रहे हैं. सरकार में नौकरशाही मंत्रियों तक को तवज्जो नहीं देती.

उन्होंने कहा कि पहले मंत्रियों से मुलाकात करने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को आना पड़ता था, अब स्थिति यह है कि मंत्रियों की अधिकारियों से मुलाकात तक नहीं हो पाती. उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि से लेकर पार्टी नेताओं की स्थिति अत्यंत बदतर हो गई है और इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही. इससे पहले सिंह ने 8 अगस्त को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा था कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा नीत केन्द्र सरकार इन कानूनों को वापस ले सकती है.

जन प्रतिनिधियों का घेराव भी कर सकते हैं
पूर्व विधायक सिंह ने इससे पहले जिले के नगरा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा था, ‘‘किसानों की मांगें सही हैं. विधानसभा चुनाव और किसानों में रोष को देखते हुए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार इन कानूनों को वापस ले सकती है.’’ उन्होंने कहा था कि कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शनों के चलते भाजपा के नेता पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में नहीं जा पा रहे हैं और आने वाले समय में किसान भाजपा के जन प्रतिनिधियों का घेराव भी कर सकते हैं.

पेगासस जांच पर भी रखा विचार
उन्होंने इजराइल के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस से कथित तौर पर जासूसी कराने जाने को लेकर संसद में चल रहे गतिरोध को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था और कहा था कि लोकतांत्रिक देश में विपक्ष की मांग पर विचार होना चाहिए. उन्होंने कहा,‘‘ यदि विपक्ष चाहता है कि जासूसी कांड की जांच हो तो सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. यह सरकार की जिम्मेदारी है कि संसद का सत्र सुचारू रूप से चले.’’ सिंह ने कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा की गई तैयारियों पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि सरकार ने दूसरी लहर से सबक नहीं लिया और मामलों से आगे निपटने के लिए कोई प्रभावी प्रबंध नहीं किए हैं.

कोरोना की दूसरी लहर में नाकाम रही सरकार
आपको बता दें कि इसी वर्ष जून माह में सिंह ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रबंधन पर सवाल उठाया था. उत्तर प्रदेश में कोविड -19 संकट से निपटने की आलोचना करते हुए, सिंह ने दावा किया था कि दूसरी लहर के दौरान हर गांव में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई क्योंकि पहली लहर से कोई सबक नहीं सीखा गया. उन्होंने कहा था, “कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान राज्य के हर गांव से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई,” उन्होंने कहा था कि संक्रमण के कारण मरने वालों के परिजनों को 10 लाख रुपये दिए जाने चाहिए. इससे पहले मई माह में, भाजपा के सीतापुर विधायक राकेश राठौर ने राज्य में कथित कोविड -19 कुप्रबंधन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि उन्हें बोलने पर देशद्रोह के आरोप का डर है. एक वीडियो क्लिप के अनुसार, राकेश राठौर ने संवाददाताओं से कहा था कि “विधायकों की क्या स्थिति है? अगर हम बहुत ज्यादा बोलते हैं, तो देशद्रोह के आरोप हम पर भी लगाए जा सकते हैं. ”

UP Live News Update: राजस्थान, हरियाणा, MP से पानी छोड़ने से यूपी में बाढ़ के हालात: CM योगी

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद जिले-जिले जाकर बाढ़ राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं. गाजीपुर में उन्होंने हवाई सर्वेक्षण के साथ राहत सामग्री भी वितरित की. (Video Grab)

Uttar Pradesh latest News 13 August 2021 live: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में लगातार जिलों में जाकर बाढ़ का जायजा ले रहे हैं. आज गाजीपुर में पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 24 जनपदों के 620 गांवों में बाढ़ का असर है. राजस्थान, हरियाणा, MP से अतिरिक्त जल छोड़ने से ये हालत हुई है.

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UP Live News Update: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश में लगातार जिलों में जाकर बाढ़ (Flood) का जायजा ले रहे हैं. आज गाजीपुर (Ghazipur) में पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 24 जनपदों के 620 गांवों में बाढ़ का असर है. राजस्थान, हरियाणा, MP से अतिरिक्त जल छोड़ने से ये हालत हुई है. उन्होंने कहा, “ मैं लगातार बाढ़ प्रभावित जनपदों का निरीक्षण कर रहा हूं. मैं बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा कर रहा हूं.” सीएम ने कहा कि गाजीपुर में 32 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर है. ज्यादा से ज्यादा राहत सामग्री वितरित किये जाने की आवश्यकता है. राहत सामग्री समय पर वितरित की जानी चाहिए. जन प्रतिनिधि सभी बाढ़ पीड़ितों से मिल कर उनकी समस्याएं दूर करें. बाढ़ के मद्देनजर युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है.

क्या असदुद्दीन ओवैसी से मतभेद हो गए हैं? जानिए इस पर राजभर ने क्या कहा

राजभर ने बताया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से कोई बैठक नहीं हुई है. (फाइल फोटो)

ओमप्रकाश राजभर ने कहा- AIMIM के साथ मोर्चे को मजबूत करने में जुटे हैं, वाराणसी में करेंगे 7 अगस्त को सम्मेलन का आयोजन, साफ किया कि बीजेपी से कोई गठबंधन हीं होगा.

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लखनऊ/बलिया. भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात के बाद ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी की नाराजगी की खबरों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को दावा किया कि ओवैसी की पार्टी अब भी उनके भागीदारी संकल्प मोर्चा का हिस्सा है.

राजभर ने बुधवार को बताया कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मंगलवार को मुलाकात के बाद मैंने ओवैसी से फोन पर बात की और मैंने उन्हें इस मुलाकात के बारे में विस्तार से बताया. ओवैसी से मतभेद की खबरों को बेबुनियाद बताते हुए राजभर ने दावा किया कि एआईएमआईएम अब भी उनकी अगुवाई वाले भागीदारी संकल्प मोर्चा का हिस्सा है.

उन्होंने कहा ‘हम मोर्चे को मजबूत कर रहे हैं. हम इसी सिलसिले में वाराणसी में सात अगस्त को महिलाओं, पिछड़ों तथा अति पिछड़ों का सम्मेलन आयोजित करेंगे. अगले दिन इलाहाबाद में भी ऐसा ही सम्मेलन होगा.’ राजभर ने कहा कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से पहले उन्होंने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से सोमवार को भेंट की थी.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह बीजेपी से गठबंधन नहीं करेंगे और उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से कोई बैठक नहीं हुई है.
प्रदेश की मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके राजभर ने मंगलवार को कहा था कि वह बीजेपी के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं, बशर्ते यह पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पिछड़े वर्ग के किसी नेता को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करे.

राजभर ने स्वतंत्र देव सिंह और उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह से हुई मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया था. उन्होंने पहले कहा था कि बीजेपी के साथ गठबंधन करने की संभावनाएं न के बराबर है और उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले चुकी है, मगर बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने उम्मीद जताई है कि सुभासपा और बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी.

राजभर ने हाल में भागीदारी संकल्प मोर्चा गठित किया था जिसमें कई छोटी पार्टियों को शामिल किया गया था. उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी उनके साथ गठबंधन करने को बेताब है क्योंकि वह यह समझती है कि प्रदेश में दोबारा सरकार बनाने के लिए यह गठबंधन करना जरूरी है. सांसद असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है. सुभासपा ने वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी से गठबंधन कर लड़ा था और चार सीटों पर जीत हासिल की थी. वर्ष 2019 में मतभेद होने पर यह पार्टी बीजेपी से अलग हो गई थी. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के अनेक जिले राजभर बहुल है और पूर्वांचल की कुल आबादी में इस बिरादरी की हिस्सेदारी लगभग 20% है.

BJP विधायक सुरेंद्र सिंह के बिगड़े बोल, अखिलेश यादव को बताया औरंगजेब, ममता बनर्जी को लंकिनी

Ballia: BJP विधायक सुरेंद्र सिंह के बिगड़े बोल

BJP विधायक सुरेंद्र सिहं ने कहा कि अपने पिता को जबरन अध्यक्ष पद से हटाकर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) सपा के अध्यक्ष बन गए. जो अपने पिता का नहीं हुआ वह आमजन का क्या होगा.

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मनीष मिश्रा/ बलिया. विवादित बयानों से चर्चा में बने रहने वाले बलिया (Ballia) के बेरिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह (BJP MLA Surendra Singh) का एक और विवादित बयान सामने आया है. गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए विधायक सुरेंद्र सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष औरंगजेब के पदचिह्नों पर चल रहे हैं. कांग्रेस की संरक्षक एवं अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के पास भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभाव है. वो तो सुख सुविधा के लिए भारत की धरती पर आने वाली महिला हैं जो परोक्ष रूप से भारत की राजनीति की ऐसी निर्जीव पार्टी की अध्यक्ष हो गईं जिसका भारत दंश झेल रहा है.

ममता बनर्जी के बारे में सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पश्चिमी बंगाल में राजनीतिक लंकिनी पैदा हो गई है, जो गुंडों और सरकारी तंत्र के सहयोग से फिर सत्ता पर काबिज होने में सफल हो गईं. अब कार्यकर्ता नहीं राजनैतिक सेना के रूप में कार्यकर्ताओं को काम करना पड़ेगा तभी रोहिंग्या और मुस्लिम आक्रांताओं को जवाब भारत की धरती पर दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि लंका फतह होगा और लंकिनी मारी जाएगी. लंकिनी का विनाश करने वाले मोदी व योगी हैं. देश की जनता जागरूक हो चुकी है. इन्हें राम के रूप में मोदी और हनुमान के रूप में योगी मिल चुके हैं.

UP: मुजफ्फरनगर में आफत की बारिश, मकान की छत गिरने से 3 लोगों की दर्दनाक मौत

भाजपा विधायक ने कहा कि अपने पिता को जबरन अध्यक्ष पद से हटाकर अखिलेश यादव सपा के अध्यक्ष बन गए. जो अपने पिता का नहीं हुआ वह आमजन का क्या होगा. वर्ष 2003 में मऊ में सैकड़ों यादवों की हत्या हो गई, लेकिन सपा का कोई नेता संवेदना व्यक्त करने के लिए भी यादवों के घर नहीं पहुंचा कि कहीं मुसलमान नाराज न हो जाएं. ऐसे लोगों से यादव समाज का कल्याण होने वाला नहीं है.

योगी सरकार के अत्याचार से अति पिछड़े वर्ग के लोगों में भारी गुस्सा: संजय सिंह

उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने शिक्षकों की भर्ती में पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं दे कर संविधान का अपमान किया है. (फाइल फोटो)

आप सांसद ने सोमवार को बलिया जिले के नगरा में पार्टी द्वारा आयोजित ‘पिछड़ा वर्ग हिस्सेदारी रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि ’’मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के अत्याचार से अति पिछड़े वर्ग के लोगों में भारी गुस्सा है.’’

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बलिया. आम आदमी पार्टी (AAP) के उत्‍तर प्रदेश मामलों के प्रभारी और राज्यसभा सदस्‍य संजय सिंह (Sanjay Singh) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अत्याचार से अति पिछड़े वर्ग के लोगों में भारी ग़ुस्सा है. आप सांसद ने सोमवार को बलिया जिले के नगरा में पार्टी द्वारा आयोजित ‘पिछड़ा वर्ग हिस्सेदारी रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि ’’मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के अत्याचार से अति पिछड़े वर्ग के लोगों में भारी गुस्सा है.’’ उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने शिक्षकों की भर्ती में पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं दे कर संविधान का अपमान किया है.

आप प्रभारी ने पिछड़े वर्ग के लोगों को भाजपा से सचेत रहने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि भाजपा ने बहला फुसला कर उनका वोट हासिल करके सरकार तो बना ली लेकिन सरकार बनाने के बाद वह पिछड़े वर्ग के लोगों के अधिकारों को लगातार छीन रही है. सिंह के पिछड़े वर्ग के लोगों से एकजुट होने और भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने की मांग की. उन्होंने मुख्‍यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, ’’प्रदेश सरकार के मुखिया संपत्ति जब्त करने की रोजाना धमकी देते है, जबकि लोग दैनिक इस्तेमाल की वस्तुओं के बढ़ते दामों से परेशान हैं, घर चलाना मुश्किल हो गया है. ऐसे में किसी के पास कुछ बचेगा तभी तो मुख्यमंत्री कुछ जब्त कर पाएंगे.’’

भाजपा का विरोध करते हुए नहीं देखा जाता है
वहीं, दो दिन पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंहने मायावती को लेकर बड़ा बयान दिया था. शनिवार को बाराबंकी में बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) पर संजय सिंह ने कहा कि 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मायावती का चुनाव चिन्ह हाथी की सूंड में कमल का फूल होने जा रहा है. संजय सिंह ने कहा था कि भाजपा और बसपा दोनों ही पार्टियां एक हैं. इसलिए हमें किसी भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि मायावती पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी की बी टीम की तरह काम कर रही है. इसलिए उन्हें कभी भी भाजपा का विरोध करते हुए नहीं देखा जाता है.

महिलाओं से दुर्व्यवहार मामले में UP के राज्यमंत्री सहित 50 पर परिवाद दर्ज करने का आदेश

योगी सरकार के राज्यमंत्री आनंद स्वरुप शुक्ला के खिलाफ बलिया में परिवाद दर्ज किया गया है.

Ballia Court: रानी देवी ने कोर्ट में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है कि बलिया में वह और कई महिलाएं संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला से उनके निवास पर मिलने गए थे. यहां उनकी मांग पर राज्यमंत्री भड़क गए और उनके साथ बदसलूकी हुई.

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बलिया. महिलाओं से मारपीट, दुर्व्यवहार मामले में बलिया (Ballia) में यूपी सरकार (UP Government) में राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला (Anand Swaroop Shukla) पर परिवाद दर्ज हुआ है. राज्यमंत्री के अलावा एसएचओ कोतवाली बाल मुकुंद मिश्रा समेत 50 अज्ञात पर भी परिवाद दर्ज किया गया है. सीजेएम कोर्ट ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया.

सीजेएम कोर्ट ने रानी देवी के प्रार्थना पत्र पर ये आदेश दिया है. प्रार्थना पत्र में राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला, एसएचओ एवं अन्य पर महिलाओं से मारपीट, दुर्व्यवहार का आरोप है. प्रार्थिनी ने 156(3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था.

ये है पूरा मामला

दरअसल रानी देवी ने शिकायत की है कि वह बलिया के अन्य गांव के लोग एवं महिलाएं 5 अप्रैल, 2021 को संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला से उनके निवास पर मिलने गए थे. यहां उन्होंने निः शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा कानून-2009 के तहत विद्यालयों द्वारा पाठ्य पुस्तक व अन्य सहायता उपलब्ध कराने की मांग की तो राज्यमंत्री भड़क गए.

रानी देवी का आरोप है कि मंत्री के भड़कते ही उनके समर्थकों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट एवं अभद्रता की गई, जिसमें महिलाएं अर्धनिर्वस्त्र हो गईं.

मामले में रानी देवी ने संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला, उनके भाई आद्या शुक्ल, बलिया शहर कोतवाली प्रभारी बाल मुकुंद मिश्रा, राज्य मंत्री के 25 समर्थक और 25 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया है. रानी देवी के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए सीजेएम कोर्ट ने सभी के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है.

इनपुट: मनीष मिश्रा
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