'आडवाणी ने रथ यात्रा नहीं निकाली होती तो सुलझ जाता अयोध्या विवाद'

चौधरी ने कहा कि भारत आस्था का देश है. सपा भगवान राम, कृष्ण, शिव, गंगा, यमुना और सरयू को आस्था का केंद्र और भगवान राम को अपना इष्ट देवता मानती है लेकिन भाजपा भगवान राम को ‘वोट देवता’ मानती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 20, 2018, 8:31 PM IST
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Updated: July 20, 2018, 8:31 PM IST
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने अयोध्या विवाद नहीं सुलझने के लिए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को जिम्मेदार ठहराया. न्यूज18 संवाददाता से सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि अगर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा नहीं निकाली होती और अयोध्या में बाबरी मस्जिद नहीं ढहायी जाती तो अब तक राम मंदिर बन चुका होता.

चौधरी ने बलिया में मीडिया से बात करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होने के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिम्मेदार है.


उन्होंने कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल का मसला मंदिर का ताला खुलवाये जाने और शिलान्यास कराये जाने के बाद ही हल हो गया होता. इससे देश में शांति और भाईचारा बना रहता, लेकिन वर्ष 1990 में उसी समय आडवाणी ने देश में रथ यात्रा निकाली. उससे फैले उन्माद की वजह से मस्जिद ढहा दी गयी. इसी कारण मामला अटक गया.

चौधरी ने देश में कहीं सूखा और कहीं भारी बारिश के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि इन घटनाओं के लिए भाजपा जिम्मेदार है.


उन्होंने कहा कि भारत आस्था का देश है. सपा भगवान राम, कृष्ण, शिव, गंगा, यमुना और सरयू को आस्था का केंद्र और भगवान राम को अपना इष्ट देवता मानती है लेकिन भाजपा भगवान राम को ‘वोट देवता’ मानती है. भाजपा भगवान राम का जिस तरह से इस्तेमाल कर रही है, उससे नाराज होकर वह दैवीय आपदा के रूप में दंड दे रहे हैं. मगर इसका दर्द जनता भुगत रही है.

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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