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जालौन तिहरा हत्याकांड: कोतवाली में मौत का तांडव मचाने वाले 7 पुलिसकर्मी दोषी करार

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 8, 2019, 4:17 PM IST
जालौन तिहरा हत्याकांड: कोतवाली में मौत का तांडव मचाने वाले 7 पुलिसकर्मी दोषी करार
जालौन की जिला अदालत ने 2004 में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में सीओ समेत 7 पुलिसकर्मियों को दोषी माना है.

दरअसल 1 फरवरी, 2004 को कोंच कोतवाली में तैनात रहे कोतवाल देवदत्त सिंह राठौर (मृत) ने कोतवाली परिसर में बहस होने पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से सपा नेता सुरेंद्र निरंजन और उसके भाई रोडवेज यूनियन नेता महेंद्र निरंजन और दोस्त दयाशंकर झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

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जालौन. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जालौन (Jalaun) की जिला अदालत ने वर्ष 2004 में हुए समाजवादी पार्टी के नेता सहित तीन लोगों के हत्याकांड केस (Triple Murder Case) में सीओ (वर्तमान) और सात पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है. इस मामले में अदालत शुक्रवार को ही सजा का ऐलान कर सकती है. बता दें कि 2004 में कोंच कोतवाली में एसपी नेता सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. तत्कालीन कोंच कोतवाल डीडी राठौर (मृतक) ने कोतवाली परिसर में हत्याकांड को अंजाम दिया था. दोषी करार दिए गए भगवान सिंह इस समय कानपुर में कर्नलगंज के सीओ हैं.

कोतवाली ने सर्विस रिवॉल्वर से सपा नेता और उसके भाई को मार दी थी गोली

दरअसल 15 साल पहले कोंच कोतवाली में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में गुरुवार को सुनवाई के बाद अदालत ने सीओ, तीन दरोगा और चार सिपाहियों को दोषी करार दिया. इन सभी को अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह की अदालत में हिरासत में ले लिया गया. मामले में अदालत शुक्रवार को दोषियों को सजा सुनाएगी.

दरअसल एक फरवरी, 2004 को कोंच कोतवाली में तैनात रहे कोतवाल देवदत्त सिंह राठौर (मृत) ने कोतवाली परिसर में बहस होने पर अपनी सर्विस रिवाल्वर से कोंच निवासी एसपी नेता सुरेंद्र निरंजन और उसके भाई रोडवेज यूनियन नेता महेंद्र निरंजन और दोस्त दयाशंकर झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस कांड के बाद कोंच में जमकर बवाल हुआ था.

घटना से पूरे प्रदेश उत्तर प्रदेश में मच गया था हड़कंप

तत्कालीन एसपी और डीएम के साथ पुलिस फोर्स ने बड़ी मुश्किल से इंस्पेक्टर को काबू कर उनकी गिरफ्तारी की थी. मुकदमे के अनुसार इंस्पेक्टर के अलावा कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी गोलियां चलाई थीं. इस घटना से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था. मामले में जिले के एसपी भी निलंबित कर दिए गए थे. मृतकों के परिजनों की ओर से इंस्पेक्टर राठौर के अलावा साथी पुलिसकर्मी भगवान सिंह, लालमणि समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया था. इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर की जेल में ही मृत्यु हो चुकी है.

(इनपुट: प्रदीप त्रिपाठी)
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First published: November 8, 2019, 2:09 PM IST
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