22 साल पहले दफ़न हुए शख्स की लाश ज्यों की त्यों मिली, कफन भी नहीं हुआ था मैला

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 22, 2019, 12:29 PM IST
22 साल पहले दफ़न हुए शख्स की लाश ज्यों की त्यों मिली, कफन भी नहीं हुआ था मैला
बांदा में 22 साल बाद भी कब्र से सही सलामत निकला जनाजा

जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें हैरत से फटी रह गईं, क्योंकि 22 वर्षों के बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली. कफन भी मैला तक नहीं हुआ था.

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बांदा जिले (Banda) से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां 22 साल पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है. मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान (Graveyard) में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें 22 साल पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. देखते ही देखते मौके पर लोगों का हुजूम जमा हो गया. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें हैरत से फटी रह गईं, क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली. कफन तक भी मैला तक नहीं हुआ था.



यह हैरतअंगेज मामला बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान से सामने आया है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा था.

नाई नसीर अहमद का है जनाजा

दरअसल, इस कब्र में 22 साल पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. 22 साल बाद भी उनका जनाजा ज्यों का त्यों बना मिला. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 साल पहले दफन किया गया था, लेकिन बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण मिट्टी कटने से कब्र धंस गई थी.

नसीर अहमद के शव को फिर से दफनाया गया
नसीर अहमद के शव को 22 साल बाद फिर से दफनाया गया.


यह खबर इलाके में आग की तरह फैली. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई. हालांकि, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में कब्र से जनाजा़ निकालकर देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया. मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 22 साल पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था.
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(रिपोर्ट: अंकित त्रिपाठी)

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First published: August 22, 2019, 11:00 AM IST
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