छत्तीसगढ़ से चल रहा है बांदा में गिरफ्तार लुटेरी दुल्हन का गिरोह, कई शहरों में फैले हैं तार

बांदा के सीओ सिटी, राघवेंद्र सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा से ये गैंग संचालित हो रहा है. शुरुआती जांच में पता चला है कि इस गैंग की लम्बी चेन है. ये विभिन्न शहरों में लोगों को शादी कराने के नाम पर फांसते हैं और उनसे ठगी करते हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 15, 2018, 4:04 PM IST
छत्तीसगढ़ से चल रहा है बांदा में गिरफ्तार लुटेरी दुल्हन का गिरोह, कई शहरों में फैले हैं तार
सीओ सिटी बांदा, राघवेंद्र सिंह
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Updated: July 15, 2018, 4:04 PM IST
बांदा पुलिस ने लुटेरी दुल्हन को उसके गैंग के कई सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि ये गिरोह छत्तीसगढ़ के कोरबा से ऑपरेट हो रहा है. इस गैंग में कई सदस्य है, जो बांदा ही नहीं कई अन्य शहरों में भी ऑपरेट कर रहे हैं. ये गिरोह मुख्य रूप से ऐसे युवकों को टार्गेट करता है, जिनकी काफी समय से शादी नहीं हो रही. टार्गेट मिल जाने के बाद शुरू होता, पैंसे ऐंठने, फिर लूटने या गैंगरेप आदि में फंसाने का खेल.

वैसे बांदा के मामले में इस गैंग के पकड़े जाने का घटनाक्रम भी काफी नाटकीय रहा. एक मामले में ये गैंग पीड़ित को ही उलटा जबरन शादी करवाने और गैंगरेप के आरोप में फंसाकर गिरफ्तार करवाने में कामयाब हो गया लेकिन इसके बाद इसका शिकार एक अन्य शख्स सामने आ गया और मामला खुलता चला गया.

सीओ सिटी बांदा, राघवेंद्र सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा से ये गैंग संचालित हो रहा है. प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि इस गैंग में लम्बी चेन है. जो विभिन्न शहरों में लोगों को शादी कराने के नाम पर फांसते हैं और उनसे ठगी करते हैं. जांच जारी है, इस गिरोह के तार जहां तक हैं, पुलिस उनका खुलासा करेगी. अभी तक इनके द्वारा तीन घटनाओं में शामिल होना पता चला है.

तीन दिनों के लिए पत्‍नी बनती थी ये दुल्‍हन, फिर हो जाती थी गायब

छत्तीसगढ़ के कोरबा में रहने वाली इस लुटेरी दुल्हन का नाम निर्मला ठाकुर है. इस एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें यह 10 जुलाई को शहर के संकटमोचन मंदिर में घनश्याम तिवारी के साथ अग्नि के सात फेरे ले रही थी.  पता चला शादी के लिए घनश्याम तिवारी ने इस गैंग की सदस्य साध्वी मालती शुक्ला, ममता द्विवेदी और निरंजन को शादी कराने के एवज़ में 50 हज़ार रूपये भी दिए थे. शादी के बाद दुल्हन तीन दिन घनश्याम के साथ रही.

लेकिन तीन दिन बाद प्लानिंग के तहत गैंग सदस्य कुलदीप वहां आ धमका और निर्मला को अपनी पत्नी बताकर घनश्याम से एक लाख की मांग की. इसके बाद मामला कोतवाली तक पहुंचा. यहां निर्मला और उसके तथाकथित पति कुलदीप ने पुलिस के सामने घनश्याम पर जबरन शादी कराने और गैंगरेप जैसे आरोप लगा दिए और वह गिरफ्तार हो गया.

एसपी का स्टीकर लगाकर उगाही करने वाला फर्जी IPS गिरफ्तार

इसके बाद मामला एसपी बांदा शालिनी तक पहुंचा. एसपी शालिनी ने खुद जब मामले की तहकीकात की तो कहानी उलटी सामने आयी. इसी दौरान इस गैंग का एक और शिकार बांदा के गिरवां थाना के अर्जुनाह निवासी दिनेश पांडेय भी एसपी से मिला और अपनी कहानी बयां की. पता चला कि पीड़ित दिनेश पांडेय को भी इस गैंग ने एक महीने पहले अपना शिकार बनाया था. उसके साथ निर्मला ठाकुर ने ही शादी की और रात में लाखो रूपये के ज़ेवर लेकर वह फरार हो गयी थी.

एसपी शालिनी ने आरोपी निर्मला, उसके तथाकथित पति कुलदीप, साध्वी मालती, ममता और उसके पति निरंजन को हिरासत में लिया और पीड़ितों की तहरीर पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज उन्हें जेल भेज दिया है.

(रिपोर्ट: उमाशंकर मिश्रा)
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