बीजेपी की महिला विधायक ने की पूजा तो गंगाजल से धुलवाया पूरा मंदिर

पिछली 12 जुलाई को राठ विधानसभा क्षेत्र की बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी एक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं. इस दौरान उन्होंने आश्रम पहुंचकर धूम्र ऋषि के मंदिर में पूजा-अर्चना की थी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 30, 2018, 5:43 PM IST
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Updated: July 30, 2018, 5:43 PM IST
जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट देश के कई मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बीजेपी की एक महिला विधायक के मंदिर में प्रवेश करने पर उसे गंगाजल से धुलवाकर पवित्र कराने का मामला भी सामने आया है. दरअसल, विकासखंड राठ के मुस्करा खुर्द गांव में धूम्र ऋषि का आश्रम है. यहां, उनकी प्रतिमा लगी हुई है. मान्यता के मुताबिक यहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. महिलाएं यहां बाहर से ही दर्शन करती हैं.

गत 12 जुलाई को राठ विधानसभा क्षेत्र की बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी एक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं. इस दौरान उन्होंने आश्रम में पहुंचकर धूम्र ऋषि के मंदिर में पूजा-अर्चना की थी. जब ग्रामीणों ने महिला विधायक को मंदिर प्रांगण में देखा तो हड़कंप मच गया. आनन-फानन में पूरे आश्रम व मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर पवित्र किया गया. इतना ही नहीं ग्रामीणों ने चंदा कर धूम्र ऋषि की प्रतिमा को इलाहाबाद के संगम में स्नान करवाकर फिर से स्थापित किया.

कहा जा रहा है कि विधायक मनीषा अनुरागी के मंदिर में प्रवेश करने से सदियों से चली आ रही पुरानी परंपरा टूट गई, जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत ग्रामीणों ने आश्रम को गंगाजल से धोकर पवित्र किया. साथ ही मंदिर में विराजमान धूम्र ऋषि के स्वरूप को फूलों की पालकी में इलाहाबाद ले जाकर संगम स्नान कराया.

आश्रम में महिलाओं का प्रवेश है वर्जित

इलाके में इस मंदिर और आश्रम को लेकर काफी श्रद्धा है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में दिल से मांगी हर मुराद अवश्य पूरी होती है. आश्रम के अंदर महिलाओं के जाने पर रोक है. जिसके चलते वहां पहुंचने वाली महिलाएं बाहर से ही अपनी मन्नतें मांगती हैं. ग्रामीणों की मानें तो अगर आश्रम में महिलाएं अंदर चली गईं तो उन्हें धूम्र ऋषि के कोप भाजन बनना पड़ता है.

वहीं मामले में विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि उन्हें इस मान्यता के बारे में पता नहीं था. उन्होंने कहा कि उन्हें प्राचीन मंदिर के बारे में पता चला तो वे वहां पूजा-पाठ के लिए चली गईं. उनके जाने के बाद मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर पवित्र किया गया, यह भी उन्हें मालूम नहीं है.

गांव के प्रधान ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने से धूम्र ऋषि कोधित हो जाते हैं. विधायक के मंदिर में जाने से लोग डरे हुए थे इसलिए मंदिर का शुद्धिकरण किया गया.

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