बांदा जिला अस्पताल में सामान्य मरीज के साथ इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित! अव्यवस्था पर उठे सवाल

बांदा के जिला अस्पताल में एक 28 वर्ष के युवक की इलाज न मिलने के चलते तड़प-तड़प कर मौत का आरोप लगा है.

बांदा के जिला अस्पताल में एक 28 वर्ष के युवक की इलाज न मिलने के चलते तड़प-तड़प कर मौत का आरोप लगा है.

Banda News: बांदा के रहने वाले समाजसेवी आशीष सागर दीक्षित और कानपुर मे तैनात यूपी पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाया है.

  • Share this:

बांदा. उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda) जनपद में इन दिनों कोरोना संक्रमण (COVID 19 Infection) जोरों पर है. रोजाना 300 के आसपास लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. कोरोना संक्रमण के डर से बांदा जिला अस्पताल (Banda District Hospital) में साधारण मरीजों को भी उपचार नहीं मिल रहा है. तमाम लोग अस्पताल में जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं. आरोप है कि जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज मे आए दिन सही उपचार न मिलने से कई लोग मर रहे हैं. स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही भी सामने आई है, जहां अस्पताल के जनरल वार्ड में दूसरे मरीजों के साथ कोरोना संक्रमित को रखा गया है. डॉक्टरों को भी डर लग रहा है कि कहीं कोरोना संक्रमण की चपेट में खुद तो नही आ जाएंगे.

इस अव्यवस्था के बीच आज एक युवक ने जिला अस्पताल मे दम तोड़ दिया. आरोप है कि सिर्फ डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी जान गई. बताया गया कि डॉक्टरों को डर था कि कहीं बीमार व्यक्ति कोरोना संक्रमण के चपेट में तो नहीं आ गया. बूढ़ी मां रोती रही लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने किसी की एक भी नही सुनी. सही समय पर उपचार न मिलने से एक 28 साल के लड़के की तड़प-तड़प कर अस्पताल मे ही मौत हो गई. मां अपने बेटे को खोने के बाद बेसहारा हो गई है.

राजकीय मेडिकल का भी यही हाल है, जहां आए दिन कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों के परिजन मेडिकल कालेज पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और सही समय पर ऑक्सीजन और सही उपचार न मिलने से परेशान हैं.

Youtube Video

बांदा के रहने वाले आशीष सागर दीक्षित समाजसेवी और कानपुर मे तैनात आरके सब इंस्पेक्टर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाया है.

मरीज के तीमारदारों ने आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल बांदा में जनरल वार्ड में ही कोरोना पॉजिटिव और नॉर्मल व्यक्तियों को एक साथ भर्ती कर के उपचार किया जा रहा है. जिला अस्पताल के डॉक्टर मजबूर कर रहे हैं बाहर से दवा लाने के लिए और जांच कराने के लिए. फिलहाल पूरे मामले में जनपद के कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अस्पतालों का दौरा कर नहीं पा रहे हैं. इसी लापरवाही के चलते तमाम लोग मर रहे हैं और मरने वाले लोगों के परिजन अपनो की मौत से तड़प रहे हैं.

बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर सीएमओ एनडी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने जांच कराने की बात कही है लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ मना कर रहे हैं. वहीं डीएम बांदा आंनद सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन फोन नहीं उठा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज