भारत बंद: मरीज को देखकर सवर्ण समाज ने रोका आंदोलन, एम्बुलेंस को दिया रास्ता

'प्रदर्शनकारियों ने उसे न केवल रास्ता दिया, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ की जा रही नारेबाजी भी कुछ देर के लिए बंद कर दी थी, ताकि मरीज को शोर-शराबे से दिक्कत न हो."

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 6, 2018, 11:46 PM IST
भारत बंद: मरीज को देखकर सवर्ण समाज ने रोका आंदोलन, एम्बुलेंस को दिया रास्ता
बंद के दौरान दिखी मानवता की तस्वीर
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Updated: September 6, 2018, 11:46 PM IST
उत्तर प्रदेश के बांदा जिला मुख्यालय में मानवता की तस्वीर देखने को मिली. दरअसल अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) में संशोधन का विरोध कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के बीच जाम में एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस फंस गई. प्रदर्शनकारियों ने इस एंबुलेंस को रास्ता दिया.

अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने बताया कि गुरुवार की दोपहर अर्धनग्न प्रदर्शनकारियों के जाम में गंभीर रूप से बीमार एक मरीज को लिए जा रही एंबुलेंस अशोक लॉट तिराहे के पास फंस गई थी, लेकिन मानवता की मिसाल पेश करते हुए प्रदर्शनकारियों ने उसे न केवल रास्ता दिया, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ की जा रही नारेबाजी भी कुछ देर के लिए बंद कर दी थी, ताकि मरीज को शोर-शराबे से दिक्कत न हो."

भारत बंद: ये हैं सवर्ण आंदोलन के चेहरे

नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार ने बताया कि करीब छह सौ अर्धनग्न प्रदर्शनकारी एससी/एसटी एक्ट बिल पास किए जाने के विरोध में उन्हें ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने बताया कि बांदा जिला मुख्यालय में भारत बंद का मिला-जुला असर रहा, प्रदर्शनकारी शांतपूर्वक आंदोलन कर घर लौट गए. हालांकि मुख्यमंत्री ने इस बंद के किसी प्रभाव से इनकार किया, उनका कहना है कि सबकुछ शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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