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Hot Air Balloon, Helicopter Ride का भी मजा लीजिए इस बार के कालिंजर महोत्सव में

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 5, 2019, 4:08 PM IST
Hot Air Balloon, Helicopter Ride का भी मजा लीजिए इस बार के कालिंजर महोत्सव में
कालिंजर महोत्सव पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार

कालिंजर महोत्सव (Kalinjar Festival) में पहली बार पैराग्लाइडिंग (Paragliding), हॉट एयर बैलून (Hot Air Balloon), हेलीकाप्टर राइड (Helicopter Ride), मोटर राइड (Motor Ride) जैसे रोमांचक इवेंट्स को सांस्कृतिक कार्यक्रमों (cultural events) के साथ शामिल किया जा रहा है. इस बेमिसाल अजेय किले (कालिंजर दुर्ग ) की भव्यता और विश्व पर्यटन (world tourism) के नक़्शे पर इसे लाने के लिए प्रशासनिक अमले ने कमर कसी हुई है.

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बांदा. बुंदेलखंड के बांदा जनपद में कालिंजर महोत्सव की तैयारियां पूरे जोरों पर हैं. 12-16 नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव को लेकर पूरा प्रशासनिक अमला इसे भव्य बनाने में जुटा हुआ है. इस महोत्सव में शामिल होने के लिए बुंदेलखंड के साथ-साथ देश भर से लाखों लोग आते हैं. इस बार इस महोत्सव में पहली बार पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, हेलीकाप्टर राइड, मोटर राइड जैसे रोमांचक इवेंट्स को पर्यटकों के लिए शामिल किया है.

कुछ ख़ास है इस बार का महोत्सव
इस महोत्सव की विशेषता यह है कि इसे कलिंजर के किले जिसे अजय दुर्ग के नाम से जाना जाता है में हजारों फीट की ऊंचाई पर मनाया जाता है. बांदा डीएम हीरालाल इस महोत्सव को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. कालिंजर की भव्यता और सुंदरता को निहारने, इतिहास को जीने और इस महोत्सव का हिस्सा बनने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इस महोत्सव को पहले से भी रोचक और आकर्षक बनाने के लिए जिलाधिकारी पिछले एक महीने से कलिंजर महोत्सव की तैयारियों के आगाज के साथ-साथ इसकी खुद समीक्षा कर रहे हैं.

बांदा का कलिंजर महोत्सव पूरे देश में प्रख्यात है. हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित बांदा के इस अजय दुर्ग या कालिंजर किले में ही महोत्सव का आयोजन किया जाता है. कांलिंजर किले को अजेय दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है. इतिहास के पन्नों में यह दुर्ग अपने अजेय होने की गवाही देता है. कहते हैं कि कालिंजर के  अजय दुर्ग में कभी भी कोई शत्रु राजा आक्रमण नहीं कर पाए. हालांकि मुगलकालीन समय में ख़ुफ़िया रास्ते से इस किले में सेना की एक टुकड़ी पहुंची थी जिसने कालिंजर किले में बनी मूर्तियों और यहां के शासकों के पूर्वजों के स्टेचू को खंडित कर दिया था.

जमीन से हजारों फीट की ऊंचाइयों पर बने बेमिसाल और खूबसूरत कांलिंजर दुर्ग की भव्यता को वापस लाने और इसे विश्व पर्यटन के नक़्शे पर लाने की कवायद में बांदा डीएम हीरालाल जुटे हुए हैं. इस बार कालिंजर महोत्सव के दौरान पर्यटक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आलावा पैराग्लाइडिंग व अन्य रोमांचक झूलों का भी लुत्फ़ उठा सकेंगे.

इस महोत्सव में देश और प्रदेश की जानी-मानी हस्तियों, कवियों व कलाकारों को आमंत्रित किया गया है. डीएम हीरालाल ने महोत्सव की तैयारियों को लेकर news 18 से बातचीत में कहा कि इस बार कालिंजर महोत्सव को कुछ खास बनाने की प्रशासन द्वारा कोशिश की जा रही है. जिससे कि इसे विश्व पर्यटन के नक्शे पर लाया जा सके. 12 नवंबर से होने वाले महोत्सव की तैयारी में कोई कोर-कसर नहीं रखी जा रही है. उन्हें भरोसा है कि इस बार इस महोत्सव की भव्यता अलग ही होगी.

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First published: November 5, 2019, 4:04 PM IST
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