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Exclusive: चित्रकूटधाम के 4 जिलों के लिए ‘रक्षा कवच’ बनी IPS दीपक कुमार की यह रणनीति

चित्रकूट रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक दीपक कुमार.

चित्रकूट रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक दीपक कुमार.

अपर मुख्‍य सचिव अवनीश कुमार अवस्‍थी (Awanish Kumar Awasthi) ने  कोविड-19 (COVID-19) की समीक्षा में चित्रकूट रेंज (Chitrakoot Range) के सभी जिलों में हुए कामों को संतोषजनक बताया था.

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बांदा. डकैतों और आपराधिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले चित्रकूट रेंज (Chitrakoot Range) की तरफ इन दिनों पूरे उत्‍तर प्रदेश पुलिस की निगाहें टिकी हुई हैं. यूपी पुलिस के तमाम आला अधिकारी यह जानना-समझना चाहते हैं कि आखिरकार चित्रकूट रेंज की पुलिस ने COVID-19 को लेकर ऐसा क्‍या किया, जिसके चलते उत्‍तर प्रदेश शासन में उसकी जमकर तारीफ हो रही है. दरअसल, हाल में कोविड-19 की समीक्षा में चित्रकूट रेंज के सभी जिलों में हुए कामों को लेकर अपर मुख्‍य सचिव अवनीश कुमार अवस्‍थी (Awanish Kumar Awasthi) ने संतुष्टि जाहिर की थी. कोरोना महामारी को रोकने के लिए पुलिस द्वारा किए गए कार्यों को विस्‍तार से जानने के लिए NEWS 18 हिंदी डिजिटल ने चित्रकूट रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक दीपक कुमार से बातचीत की. प्रस्‍तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश:

सूबे के जिस इलाके की चर्चा सिर्फ डकैत, अपराध, सूखा और किसानों की खुदकुशी को लेकर होती थी, आज उसी इलाके को पूरा प्रदेश रोल मॉडल की तरह देख रहा है. आप इस उपलब्धि को किस तरह देख रहे हैं?
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा करूं, उससे पहले आपको चित्रकूट धाम रेंज से अवगत करा देता हूं. इस रेंज के अंतर्गत कुल चार जिले आते हैं, जिसमें बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर जिला शामिल हैं. रेंज का 200 किमी लंबा पोरस बार्डर मध्‍य प्रदेश से जुड़ा हुआ है. विविधताओं से भरे इस रेंज में आपको घने जंगल, पहाड़, मैदान, बीहड़ सब कुछ मिल जाएगा. ऐसी विविधताओं से भरे क्षेत्र में चुनौतियां कई गुना बढ़ जाती है. इन जिलों मे कानून-व्‍यवस्‍था को कायम करते वक्‍त हमने यहां की आर्थिक एवं सामाजिक संरचना का बेहद गहराई से अध्‍ययन किया था. इस अध्‍ययन का फायदा, न केवल हमें पुलिसिंग में मिला, बल्कि मौजूदा परिस्‍थतियों के उत्‍पन्‍न होने से पहले हम आने वाली समस्‍याओं का आंकलन करने में सक्षम हुए. चूंकि हमें अपनी समस्‍याएं पता थीं, लिहाजा समय रहते हमने उसका निदान खोज लिया. जिसका फायदा अब हमें देखने को मिला रहा है.

यूपी और एमपी के कैमहा बार्डर का निरीक्षक करते हुए डीआईजी दीपक कुमार. DIG Deepak Kumar inspecting UP and MP's Kamaha border
यूपी और एमपी के कैमहा बॉर्डर का निरीक्षक करते हुए डीआईजी दीपक कुमार.

आपने आर्थिक और सामाजिक संरचना पर आधारित अध्‍ययन और आने वाली समस्‍याओं का जिक्र किया है. क्‍या आप उन समस्‍याओं और उनके निदानों का विस्‍तार से खुलासा कर सकते हैं, जिनकी मदद से आप कोरोना महामारी जैसी मौजूदा परिस्थिति से निपटने में कामयाब रहे हैं?


रेंज में एक्टिव पुलिसिंग के चलते हमारे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी अब गांव-गांव में है. रेंज में कानून और व्‍यवस्‍था को पुख्‍ता तौर पर कायम रखने के लिए जरूरी है कि आपको आपके इलाके के बारे में अच्‍छी जानकारी हो. इसी कवायद के तहत, हमने चारों जिलों के अंतर्गत आने वाले हर गांव से सूचना एकत्रित की. हमें यह पता है कि किस गांव के कितने लोग रोजगार की तलाश में किस महानगर को गए हुए हैं. मौजूदा परिप्रेक्ष्य में, देश में कोरोना महामारी के दस्‍तक के साथ लोगों का पलायन शुरू हुआ. पलायन की सूचना मिलते ही, हमने यह गणना कर ली कि किस दिशा से कितने लोग आ सकते हैं. इसके आधार पर हमने पर्याप्‍त व्‍यवस्‍थाएं समय रहते कर ली. उदाहरण के तौर पर आपको बताऊं कि हमारे रेंज में पलायन करने वाले कामगारों का पहला जत्था महाराष्‍ट्र और गुजरात के विभिन्‍न शहरों से मानिकपुर पहुंचा था. हमने हजारों की संख्‍या में आए इन कामकारों की स्‍क्रीनिंग स्‍टेशन पर ही की. नियमानुसार जगह-जगह पर इनको क्‍वारंटाइन किया गया. हमारी इसी कवायद का असर था कि हम कोरोना संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने में कामयाब रहे.

आपकी मेहनत का असर था कि चित्रकूट रेंज में कोरोना का संक्रमण नहीं फैल पाया. लेकिन यह वायरस रेंज में दाखिल होने में जरूर कामयाब हो गया. वे कौन से लोग थे, जो कोरोना संक्रमित थे और उन्‍हें संक्रमण कहां से मिला?
तब्‍लीगी जमात के मरकज़ में शामिल होने वाले कई जमातियों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद चित्रकूट रेंज में एक अभियान शुरू किया गया. इस अभियान के तहत यह पता लगाया गया कि मरकज़ में चारों जिलों से मरकज में कौन-कौन से लोग शरीक हुए थे. सघन कवायद के बाद पता चला कि बांदा शहर से कुल 17 जमाती मरकज़ में शामिल हुए थे. जानकारी मिलते ही, पुलिस ने बिना विलंब सभी जमातियों से संपर्क किया और जिला प्रशासन की मदद से सभी को 14 दिनों के क्‍वारंटाइन पर भेजा. साथ ही, इन सभी 17 लोगों के सभी परिजनों को होम क्‍वारंटाइन कर दिया गया. जांच में 17 में से 2 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और 15 लोगों को निगेटिव पाया गया. जिन दो लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया, उसमें एक बांदा का रहने वाला है, जबकि दूसरा बबेरू तहसील के अंतर्गत आने वाले शिव गांव का है. पुलिस और प्रशासन ने मिलकर इन दोनों को इलाज के लिए भर्ती कराया. वहीं, इनके परिवार के 27 सदस्‍यों को एहतियातन क्‍वारंटाइन कर जांच कराई गई. जांच में सभी 27 परिजन स्‍वस्‍थ पाए गए.

बांदा आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्‍वागत करते हुए डीआईजी दीपक कुमार. DIG Deepak Kumar welcoming Prime Minister Narendra Modi on arrival at Banda.
बांदा आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्‍वागत करते हुए डीआईजी दीपक कुमार.


कोरोना महामारी के संकट काल में तमाम राज्‍यों की पुलिस इन दिनों सोशल पुलिसिंग कर रही है. चित्रकूट रेंज की पुलिस इस सामाजिक पुलिसिंग में किस तरह से हिस्‍सेदार बन नहीं है?
चित्रकूट पुलिस सोशल पुलिसिंग पर तेजी से काम कर रही है. उदाहरण के तौर पर आपको बताऊं तो बीते दिनों एक शख्‍स का हमारे पास फोन आया. उसने हमें बताया कि वह लॉकडाउन के चलते हैदराबाद में फंसा हुआ है. उसकी पत्‍नी गर्भवती है, कृपया उसको घर भिजवा दीजिए. इस अनुरोध पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गर्भवती महिला को सकुशल उसके मायके पहुंचाया. इसी तरह बहुत से कॉल आए कि वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, उनकी दवा नहीं मिल पा रही है. ऐसी स्थिति में हमने इलाहाबाद से दवाएं मंगाकर उक्‍त व्‍यक्ति की मदद की. इसी तरह हमीरपुर की बुजुर्ग महिला को आंख की दवा चाहिए थी, पुलिस ने यह दवा चित्रकूट से मंगाकर महिला तक पहुंचाई. इतना ही नहीं, एक बार फोन कर बताया गया कि छोटे बच्‍चे को दूध की जरूरत है तो पुलिस टीम उनके घर दूध लेकर पहुंची. लॉकडाउन के दौरान, हमारी पूरी कोशिश है कि स्‍थानीय लोगों की हर संभव मदद कर सकें. हमने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि मदद मांगने वाले हर शख्‍स की पूरी तरह से मदद की जाए.

आखिर में, आपके तीन जिले पूरी तरह से कोरोना फ्री हैं, जबकि एक जिला कोरोना फ्री होने की कगार पर खड़ा है. ऐसे में कौन सी ऐसी चुनौतियां हैं जो आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं?
हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती मध्‍य प्रदेश से जुड़ी हुई हमारी सीमाएं हैं. भारी तादाद में लोग मध्‍य प्रदेश से हमारी सीमाओं में दाखिल होकर देश के दूसरे हिस्‍सों में जाना चाहते हैं. फिलहाल हमने पूरी तरह से बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है. ये लोग अपने मंसूबों में कामयाब न हों, इसके लिए पर्याप्‍त बल सीमाओं में लगाया गया है. बावजूद इसके ये लोग लगातार प्रशासन और पुलिस को धोखा देने की कोशिश में लगे हैं. हमारी कोशिश है कि हम अपनी सीमाओं को चुस्‍त-दुरुस्‍त रखकर कोरोना का एक भी मामला अपने यहां नहीं आने दें.





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