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धान क्रय केंद्र पर लटके ताले, परेशान किसान काट रहे कलेक्ट्रेट के चक्कर...

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 29, 2020, 5:05 PM IST
धान क्रय केंद्र पर लटके ताले, परेशान किसान काट रहे कलेक्ट्रेट के चक्कर...
बांदा के धान क्रय केंद्र बंद हैं, 15 दिन से किसान इनके बाहर खड़े हैं (फ़ाइल तस्वीर))

किसानों का कहना है कि वो बहुत परेशान हैं, 15 दिन से धान न बिकने के चलते वो अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और अपनी फसल बिकवाने के लिए जिला प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं.

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बांदा. बुंदेलखंड (Bundelkhand) में लगातार कई वर्षों से कुदरत की मार झेल रहे किसानों (Farmers) की स्थिति बद से बदतर होती चली जा रही है. कभी कुदरत की मार कभी अन्ना जानवरों से परेशान. इन दिनों बुंदेलखंड के बांदा (Banda) में सरकारी मशीनरी से किसान खासा परेशान नजर आ रहे हैं. बांदा जनपद के तमाम हिस्सों में धान की फसल तैयार होने के बाद किसान जब इसको बेचने के लिए क्रय केंद्रों में और मंडियों में जा रहे हैं तो फसल को बेच नहीं पा रहे हैं ऐसे हालात में परेशान किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है.

जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
किसानों का आरोप है कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन लापरवाह बना हुआ है तमाम किसान मंडी खरीद केंद्रों में भूखे-प्यासे अपनी फसल को बेचने के लिए दो हफ्ते से इंतजार कर रहे हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है. एक तरफ प्रदेश सरकार किसानों के लिए तमाम योजनाएं बना रही है व अधिकारियों को समय-समय पर दिशा-निर्देश दे रही बावजूद इसके बांदा जिला प्रशासन लापरवाह बना हुआ है. इसकी बानगी news 18 संवाददाता को बांदा के खरीद केंद्र और मंडी में देखने को मिली. कड़ी मशक्कत के बाद किसानों ने धान की फसल तैयार की. फसल तैयार होने के बाद जब मंडी में बेचने की बात आई तो जनपद के सैकड़ों किसान अपना धान लेकर मंडी पहुंचे लेकिन सरकारी मशीनरी की लापरवाही के चलते लगभग 15 दिनों से किसान खरीद केंद्रों के बाहर अपने ट्रैक्टर-ट्राली पर लदे धान को बेचने के इंतजार में खड़े हैं. जिम्मेदार अधिकारी किसानों की सुध नहीं ले रहा.

banda kisan union
धान क्रय केंद्र के बाहर ट्रैक्टर-ट्राली पर लदे धान के साथ परेशान किसान


किसानों का कहना है कि वो बहुत परेशान हैं. 15 दिन से धान न बिकने के चलते वो  अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और अपनी फसल बिकवाने के लिए जिला प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर क्रय केंद्र का यही हाल रहा तो उन्हें मजबूरी में बिचौलियों के माध्यम से प्राइवेट धान खरीद केंद्रों में धान बेचना पड़ेगा. किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार के नियमों को दरकिनार कर बांदा की सरकारी मशीनरी किसानों को प्राइवेट धान खरीद केंद्रों में धान बेचने के लिए मजबूर कर रही है. किसान पिछले एक हफ्ते से कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे हैं. News 18 संवाददाता ने मंडी में जाकर किसानों से बात की तो किसानों ने अपनी पीड़ा बयां उनका कहना था कि हम लोग भूखे-प्यासे यहां मंडी में खड़े हैं लेकिन हमारे धान की अभी तक कोई खरीद नहीं की गई और न ही कोई अधिकारी सही जवाब दे रहे हैं, इसलिए किसान लगातार कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है.

डीएम बांदा ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से परहेज किया वहीं आज भी कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ किसान धान खरीदी केन्द्र की लापरवाही की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जिसके बाद सिटी सुरेंद्र सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया की 'डीएम साब' को मामले की जानकारी है. खरीद केंद्र मे 28 तारीख तक किसानों का धान खरीदा जाना था लेकिन किसी कारण वश नही खरीदा जा सका. उन्होंने कहा किसान यहां कलेक्ट्रेट में पिछले पांच दिनों से ज्ञापन देने आ रहे हैं, मेरी बात किसानों से हुई है. सम्बंधित क्रय केंद्र और मंडी सचिव के साथ मीटिंग कर जल्द ही किसानों की समस्या का निदान किया जाएगा.

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First published: January 29, 2020, 5:05 PM IST
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