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दहेज के लिए फ्लैट में बंद करके रखता था पति, अबॉर्शन करा के घर से निकाला

भाषा
Updated: October 16, 2019, 7:06 PM IST
दहेज के लिए फ्लैट में बंद करके रखता था पति, अबॉर्शन करा के घर से निकाला
तीन तलाक पीड़िता की आपबीती

परिजन का आरोप (Allegation) है कि उनके वापस लौटते ही नगमा और उसके शौहर नौ जून से लेकर 27 अगस्त तक शबनम को एक फ्लैट में बंधक बनाये रहे. इस दौरान नगमा और हयात ने उसका जबरन गर्भपात (Abortion) भी कराया.

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बांदा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर जिले के अंदौली गांव में कथित तौर पर तीन तलाक (triple Talaq) देने का मामला सामने आया है. आरोप है कि दहेज (Dowry) में कार न मिलने से नाराज शौहर द्वारा निकाह के महज पांच माह बाद ही बीवी को तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया. बाद सिर्फ इतनी सी ही नहीं बीवी ने शौहर पर कई तरह के आरोप भी लगाए हैं जिसमें दूसरी शादी और जबरन गर्भपात भी शामिल है.


पुलिस ने दर्ज किया है केस

पुलिस अधीक्षक रमेश ने बुधवार को बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के अंदौली गांव की शबनम उनके पास सोमवार को आयी थी. उसने अपने शौहर हयात आलम द्वारा तीन बार तलाक बोल कर घर से निकाल देने की शिकायत की थी. इस मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है साथ ही जांच की जा रही है.


दहेज में चाहिए थी होंडा सिटी कार
शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) जितेंद्र सिंह ने दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सिराज ने अपनी बेटी शबनम का निकाह गांव के ही हयात आलम से 23 अप्रैल 2019 को किया था. निकाह के दौरान करीब दस लाख रुपये खर्च किया जाना बताया गया है. सिंह ने बताया कि निकाह के बाद से ही हयात, उसकी फूफी और बहन दहेज में होंडा सिटी कार न मिलने पर शबनम को प्रताड़ित कर रहे थे.


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शौहर ने कर लिया था दूसरा निकाह
उन्होंने बताया कि हयात मुंबई में नौकरी करता है. उसने महाराष्ट्र में चार मई को नगमा नामक लड़की से दूसरा निकाह भी कर लिया. जब शबनम के परिजन को दूसरे निकाह की जानकारी हुई तो वे उसे लेकर मुंबई पहुंचे और समझौता होने पर उसे उसके शौहर के पास छोड़ कर लौट आए.

सिंह ने बताया कि परिजन का आरोप है कि उनके वापस लौटते ही नगमा और उसके शौहर नौ जून से लेकर 27 अगस्त तक शबनम को एक फ्लैट में बंधक बनाये रहे. इस दौरान नगमा और हयात ने उसका जबरन गर्भपात भी कराया.

29 अगस्त को आ गई थी मायके

दर्ज रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने बताया कि शबनम किसी तरह 29 अगस्त को उनके चंगुल से छूट कर अपने मायके आ गयी. जब 17 सितंबर को उसका शौहर गांव लौटा तो एक बार फिर पंचायत हुई और पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके शौहर ने तीन बार तलाक बोल कर उसे मारा पीटा और घर से निकाल दिया.


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First published: October 16, 2019, 7:04 PM IST
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