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बांदा में चिकित्सा अधीक्षक को हुआ डेंगू, अस्पताल में भर्ती

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 13, 2019, 5:47 PM IST
बांदा में चिकित्सा अधीक्षक को हुआ डेंगू, अस्पताल में भर्ती
न्यूज़18 क्रिएटिव

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बबेरू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद अनवर (45) बुखार (Fever) से पीड़ित हैं और उन्हें दो दिन पूर्व जिला अस्पताल (Hospital) लाया गया है. यहां उनकी जांच में डेंगू (Dengue) के लक्षण पाए गए, जिसके बाद उनका इलाज चल रहा है.

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बांदा. जिले के बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सा अधीक्षक डेंगू (Dengue) की चपेट में आ गए हैं और उन्हें इलाज के लिये जिला अस्पताल (Hospital) में भर्ती कराया गया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सन्तोष कुमार ने बुधवार को बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बबेरू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद अनवर (45) बुखार से पीड़ित हैं और उन्हें दो दिन पूर्व जिला अस्पताल लाया गया है. यहां उनकी जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए, जिसके बाद उनका इलाज चल रहा है.

उन्होंने बताया कि डॉ. अनवर के अलावा गिरवां क्षेत्र के मकरी गांव की शांति देवी (60), जमनीपुरवा गांव के भोला (27) और कमासिन क्षेत्र के खरौली गांव के नीरज सिंह (22) की जांच में भी डेंगू के लक्षण पाए गए हैं. इन लोगों का भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. सीएमओ ने बताया कि मच्छरजनित बीमारी पर काबू पाने के लिए जिले का मलेरिया विभाग दवा का लगातार छिड़काव कर रहा है.

गोरखपुर में डेंगू ने अपने पांव तेजी से पसारे
वहीं यूपी के गोरखपुर में भी डेंगू ने अपने पांव तेजी से पसारे हैं. पिछले एक सप्ताह में गोरखपुर जिले में 59 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है. जहां लगातार डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के दावे के बाद भी लगातार मरीजों के सामने आने से यही लगता है कि वो दावा सिर्फ कागजी बनकर रह गया है. गोरखपुर के अलीनगर और शेखपुर में सबसे अधिक डेंगू के मरीज सामने आये हैं, जिला अस्पताल में अभी तक 350 के करीब जांच हुई है, इसमें से 135 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, इनमें अधिकतर मरीज कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और बिहार के सिवान के हैं.

400 से अधिक मरीज पॉजिटिव
उधर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां पर रैपिड कार्ड में 400 से अधिक मरीज पॉजिटिव मिले हैं, जिसके बारे में सीएमओ एस के तिवारी का कहना है कि रैपिड कार्ड से जांच में जो मरीज सामने आ रहे हैं, उन्हे वास्तव में डेंगू नहीं हो रहा है. कार्ड की जांच के बाद लैब में जांच हो रही है उसी से डेंगू की पुष्टि हो रही है. कार्ड से जितने डेंगू के मरीज सामने आ रहे है जब उनकी जांच लैब में हो रही है तो संख्या दस प्रतिशत से भी कम सामने आ रही है.

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First published: November 13, 2019, 5:10 PM IST
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