एक बार फिर विवादों के लपेटे में स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ आरके सिंह

बांदा में एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ आरके सिंह विवादों के घेरे में घिर गए हैं। इस बार विवाद की जड़ जसपुरा ब्‍लॉक में काम करने वाली आशा कर्मचारी हैं।

Ashwani Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 20, 2015, 4:43 PM IST
एक बार फिर विवादों के लपेटे में स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ आरके सिंह
बांदा में एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ आरके सिंह विवादों के घेरे में घिर गए हैं। इस बार विवाद की जड़ जसपुरा ब्‍लॉक में काम करने वाली आशा कर्मचारी हैं।
Ashwani Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 20, 2015, 4:43 PM IST
बांदा में एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ आरके सिंह विवादों के घेरे में घिर गए हैं। इस बार विवाद की जड़ जसपुरा ब्‍लॉक में काम करने वाली आशा कर्मचारी हैं।

उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप गए शिकायती पत्र में सीएमओ आरके सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएमओ जसपुरा ब्लॉक की आशाओं का जमकर उत्पीड़न कर रहे हैं।

मानदेय के भुगतान को लेकर सीएमओ तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। सभी ब्लॉकों का पैसा आ गया है, लेकिन सीएमओ आरके सिंह की मनमानी के चलते जसपुरा ब्लॉक की आशाओं का पैसा अभी तक नहीं आ पाया है। इस वजह से गांव-गांव जाकर प्रसव जैसे महत्वपूर्ण काम कराने वाली आशाओं के सामने तमाम तरह की परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

आशाओं का कहना है कि स्वास्थ्य महकमे के आदेश के बाद ज्यादा से ज्यादा नसबंदी के केस देने के बाद भी चीफ मेडिकल अफसर वेतन देने में कोताही बरत रहे हैं। ऐसे में प्रसव पीडि़ताओं और स्वास्थ्य महकमे के लिए गांव-गांव जाकर काम करने वाली आशाओं के साथ स्वास्थ्य महकमे के इस बर्ताव ने कहीं-कहीं आशाओं की मनोदशा पर भी बुरा प्रभाव डाला है।

ब्लॉक की सभी आशाओं का 9 हजार रुपए बकाया देने में सीएमओ तमाम तरह के नियम और कानून का हवाला दे रहे हैं, जिसके चलते आशाओं की परेशानियां शुरू हो गई है। वहीं, इस बाबत सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।

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First published: March 20, 2015, 12:54 PM IST
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