धर्म परिवर्तन की चेतावनी पर दलित परिवार को पुलिस ने दी धमकी

दलित परिवार का मुखिया संतोष कोरी अपने कुनबे के साथ जिला मुख्यालय जाकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सवर्णो के कथित उत्पीड़न से तंग आकर लिखित रूप से हिंदू धर्म त्यागने की चेतावनी दी


Updated: May 25, 2018, 8:53 PM IST
धर्म परिवर्तन की चेतावनी पर दलित परिवार को पुलिस ने दी धमकी
दलित परिवार ने दी धमकी

Updated: May 25, 2018, 8:53 PM IST
यूपी के बांदा जिले में एक पीड़ित दलित परिवार ने हिन्दू धर्म छोड़ने की धमकी दी है. दलित परिवार का आरोप है कि सवर्णो के कथित उत्पीड़न के बाद भी पुलिस ने अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. परिवार ने पुलिस पर आरोप भी लगाया कि सवर्णों के खिलाफ रिपोर्ट करने के बाद उन्हें बेघर करने की धमकी भी दी गई है.

इस मामले में शुक्रवार को दलित परिवार का मुखिया संतोष कोरी अपने कुनबे के साथ जिला मुख्यालय जाकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सवर्णो के कथित उत्पीड़न से तंग आकर लिखित रूप से हिंदू धर्म त्यागने की चेतावनी दी. इसके कुछ घंटे बाद ही बिसंडा थानाध्यक्ष आरके पटेल और अन्य पुलिसकर्मियों ने वहां पहुंचकर नाबालिग बच्चों पर दबाव बनाने की कोशिश की. इतना ही नहीं, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को लेकर सैकड़ों साल से बसी आबादी के बीच रह रहे दलित परिवार के घर की नापी कर उसे बेघर करने की भी धमकी दी गई.

पुलिस पर लगा धमकाने का आरोप
इस समय दलित परिवार के घर में कोई बालिग व्यक्ति नहीं है. परिवार की सोलह साल की एक लड़की ने बताया, "पहले तो पुलिस वाले खुद को कप्तान बता रहे थे, बाद में बताया कि बिसंडा थाने से आए हैं और घर की नापजोख करना है." उसने आरोप लगाया, "पुलिस वाले उल्टा-सीधा सवाल कर जलील कर रहे थे."

धर्म परिवर्तन की चेतावनी देने वाले दलित परिवार का कोई भी बालिग सदस्य बांदा मुख्यालय से गांव वापस नहीं पहुंच पाया है। दलित को बेघर करने की साजिश रचने वाली पुलिस ने आरोपी पक्ष से यह भी पूछने की जरूरत नहीं समझी कि जिस घर में वह रह रहा है, वह किसका है?

परिवार ने दी धर्मपरिवर्तन की चेतावनी
दलित परिवार के मुखिया संतोष कोरी ने फोन पर बताया कि आरोपी पक्ष ने करीब बीस साल पहले उसके परिवार के बंदरा, सेवका, चंद्रपाल, मइयादीन और हेलवइया कोरी को उनके घरों से निकालकर कब्जा कर लिया है और उसी जमीन पर खुद घर बनाकर रह रहा है, अब उसका भी घर छीनना चाहते हैं.

इस पूरे मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता और अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने बबेरू पुलिस क्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश को जांच अधिकारी बनाया है.

उधर, लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी (एमएलसी) ने कहा कि भाजपा सरकार में 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा देने की बात बिल्कुल खोखली है, दलितों का उत्पीड़न चरम सीमा तक पहुंच गया है. भाजपा को इसका खामियाजा आगामी लोकसभा चुनाव में भुगतना होगा."
सपा-बसपा के बंगला मोह को मुद्दा बनाएगी बीजेपी, गांव-गांव सुनाएगी निजी बंगलों की दास्तान.
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