UP: बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का बांदा जेल से फिलहाल नहीं होगा ट्रासफर, जानें वजह

बांदा जेल में मुख्तार पर इस तरह शिकंजा कसा गया है कि बाहुबली अब खुद अपनी जेल बदलवाना चाहता है.  (File photo)

बांदा जेल में मुख्तार पर इस तरह शिकंजा कसा गया है कि बाहुबली अब खुद अपनी जेल बदलवाना चाहता है. (File photo)

बाहुबली मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पांच अप्रैल को पंजाब की रोपड़ जेल से लाकर अगले दिन यानी छह अप्रैल को यूपी की बांदा जेल में शिफ्ट किया गया था.

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बांदा. बांदा जेल (Banda Jail) में बंद पूर्वांचल के माफिया डॉन और बीएसपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की जेल फिलहाल नहीं बदली जाएगी. मुख्तार अंसारी को अभी यूपी की बांदा जेल में ही रहना होगा. यूपी की योगी सरकार (Yogi Sarkar) सुरक्षा व दूसरी वजहों से मुख्तार को बांदा जेल में ही रखने का मन बना चुकी है. सरकार अब प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में मुख्तार की जेल बदलने की सिफारिश भी नहीं करेगी. वहीं, कोर्ट अगर यूपी सरकार से उसकी राय भी मांगेगी तो सरकार मुख्तार को बांदा जेल में ही रखे जाने की वकालत करेगी.

यूपी सरकार सुरक्षा व दूसरी वजहों से मुख्तार की जेल नहीं बदलने के मूड में है. मुख्तार की पंजाब से यूपी की बांदा जेल शिफ्टिंग से जुड़े जेल महकमे के एक बड़े अधिकारी ने न्यूज 18 को एक्सक्लूसिव जानकारी में बताया है कि बांदा जेल में मुख्तार पर सख्त शिकंजा कसा जा रहा है. यहां उसकी मनमानी कतई नहीं चल पा रही है. बांदा जेल की व्यवस्था से जुड़े लोगों पर उसके रसूख का कतई असर नहीं पड़ रहा है. जेल में मुख्तार के साथ वही सलूक हो रहा है, जो एक मुल्जिम के साथ होता है. दूसरे कैदियों की तरह वह भी परिवार व बाहर के दूसरे लोगों से मुलाकात नहीं कर पा रहा है. उसे कोई वीआईपी सुविधा भी नहीं है. मुख्तार की वजह से बांदा जेल की सुरक्षा व्यवस्था पहले ही तीन स्तर की करते हुए पूरी तरह पुख्ता कर दी गई है. पूरी जेल सीसीटीवी कैमरों से लैस है. मुख्तार की बैरक से लेकर जेल कैम्पस और बाहर तक कड़े सुरक्षा इंतजाम हैं.

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बाहुबली से मुलाक़ात कर सकते हैं
बांदा जेल में मुख्तार पर इस तरह शिकंजा कसा गया है कि बाहुबली अब खुद अपनी जेल बदलवाना चाहता है. सख्ती के चलते ही मुख्तार ने पिछले दिनों अपना वजन कम होने की शिकायत करते हुए बांदा जेल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे. दरअसल, इन शिकायतों के ज़रिये वह अपनी जेल बदलवाना चाहता है. किसी दूसरी जेल में जाना चाहता है. कोरोना की सेकंड वेब में बाहुबली भी कोविड संक्रमित हो गया था, लेकिन अब रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है. नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर जेल अधिकारी ने बताया है कि सुरक्षा को लेकर पहले सरकारी अमला भी फिक्रमंद था और उसने विकल्प के तौर पर प्रयागराज की नैनी सेन्ट्रल जेल और फतेहगढ़ सेन्ट्रल जेल के साथ ही कुछ दूसरी जेलों का नाम तय किया हुआ था, लेकिन बांदा जेल में पचास दिन के अनुभव के आधार पर सरकार ने अब मुख्तार को बांदा जेल में ही रखने की तैयारी कर ली है. बांदा जेल में सुरक्षा के साथ ही मुख्तार के प्रभाव वाले मऊ और गाज़ीपुर जिलों से दूरी भी एक बड़ी वजह है. पूर्वांचल व नजदीक की किसी जेल में होने पर मुख्तार के समर्थक दांव- पेंच के ज़रिये बाहुबली से मुलाक़ात कर सकते हैं.

अदालतों में भी मुकदमों की सुनवाई होनी है

बाहुबली मुख्तार अंसारी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पांच अप्रैल को पंजाब की रोपड़ जेल से लाकर अगले दिन यानी छह अप्रैल को यूपी की बांदा जेल में शिफ्ट किया गया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़, मुख्तार को आगे किस जेल में रखा जाएगा, इसका फैसला प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट को करना था. मुख्तार के यूपी आते ही कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते कोर्ट लगातार बंद चल रही है. जेल सूत्रों के मुताबिक़, कोर्ट में सुनवाई होने पर सरकार मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में ही रखे जाने की सिफारिश करेगी. बांदा जेल में वीडियो कांफ्रेसिंग सिस्टम को अपग्रेड कर उसे और बेहतर कराए जाने का कदम भी इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है. यूपी में मुख्तार अंसारी के सबसे ज़्यादा दस मुक़दमे प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में पेंडिंग हैं. इसके अलावा लखनऊ समेत कुछ अन्य अदालतों में भी मुकदमों की सुनवाई होनी है.

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